क्वारेंटाइन में रहने के बावजूद बालाजी ने की कोरोना प्रभावितों की मदद, हनुमा विहारी से मिली प्रेरणा

CSK के बॉलिंग कोच लक्ष्मीपति बालाजी आईपीएल 2021 स्थगित होने से पहले ही कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे और चेन्नई में ही क्वारेंटाइन थे. (CSK Twitter)

CSK के बॉलिंग कोच लक्ष्मीपति बालाजी आईपीएल 2021 स्थगित होने से पहले ही कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे और चेन्नई में ही क्वारेंटाइन थे. (CSK Twitter)

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के गेंदबाजी कोच लक्ष्मीपति बालाजी (L Balaji) कोरोना संक्रमित होने के कारण चेन्नई में ही क्वारेंटाइन थे. लेकिन इस दौरान भी वो कोरोना प्रभावितों की मदद करते रहे. उन्होंने स्टेडियम में तैनात कर्मचारियों, ग्राउंड्समैन और दूसरे जरूरतमंदों की मदद की. वे फिलहाल अपने घर लौट आए हैं.

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नई दिल्ली. चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाजी कोच लक्ष्मीपति बालाजी के लिए बीते कुछ हफ्ते मुश्किल भरे रहे. वो आईपीएल 2021 के टलने से पहले ही कोरोना पॉजिटिव हो गए थे. उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली से चेन्नई लाया गया था और वो चेन्नई में ही क्वारेंटाइन थे. दो दिन पहले ही वो सीएसके के क्वारेंटाइन फैसिलिटी से अपने घर लौटे हैं. लेकिन, इस दौरान भी वो कोरोना से प्रभावित लोगों की मदद में जुटे हुए हैं. बालाजी स्टेडियम में तैनात कर्मचारियों, ग्राउंड्समैन को आर्थिक मदद दे रहे हैं.

बालाजी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि मैंने पढ़ा कि हनुमा विहारी ने 100 वॉलेंटियर्स का ग्रुप बनाया है और वो हैदराबाद में कोरोना संक्रमितों की मदद कर रहे हैं. मुझे भी लगा कि इस मुश्किल घड़ी में मैं आर्थिक और भावनात्मक सहयोग कर सकता हूं. इसलिए क्वारेंटाइन में रहने के दौरान जरूरतमंदों की मदद की कोशिश की. उन्होंने कहा कि मैं खुद को खुशकिस्मत समझता हूं कि मैं शांति से अपनी कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट का इंतजार कर रहा हूं. मैं महसूस कर सकता हूं उन सभी के लिए कितना मुश्किल है, जिनके पास मेरी जैसी सुविधाएं नहीं हैं.

बीते 10 दिन मेरे लिए बहुत मुश्किल भरे रहे: बालाजी

सीएसके के बॉलिंग कोच को लगता है कि बीते 10 दिन उनकी जिंदगी के सबसे मुश्किल समय था. लेकिन उनका मानना है कि सीएसके के बल्लेबाजी कोच माइक हसी जो कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उनके साथ क्वारेंटाइन थे. उनके लिए ये हालात और मुश्किल थे. क्योंकि हसी अपने परिवार और बच्चों से हजारों किलोमीटर दूर भारत में थे. उनके बच्चे इतने बड़े हैं कि वो मौजूदा हालात की गंभीरता को समझ सकते हैं. मैं समझ सकता हूं कि हसी कोरोना संक्रमित होने के बाद कितने तनाव में होंगे. इसी वजह से मैं लगातार उनके संपर्क में रहा. अच्छी बात ये रही कि हसी कोरोना से पूरी तरह उबर चुके हैं. उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है और उनके रविवार को ऑस्ट्रेलिया लौटने की संभावना है.
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चोट के कारण बालाजी का अंतरराष्ट्रीय करियर छोटा रहा

इस पूर्व तेज गेंदबाज को अपने खेल के दिनों में पीठ में गंभीर चोट लग गई थी. इसी कारण से उनका अंतरराष्ट्रीय करियर छोटा हो गया. वो चोट के कारण एक साल तक क्रिकेट नहीं खेल सके थे. जब बालाजी से बीते दो हफ्तों की तुलना उन दो सालों से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि चोट के मामले में, आपके पास कम से कम ये जानकारी तो होती है कि इसका कैसे मुकाबला करना है. लेकिन कोरोना के बारे में बहुत कम जानकारी है और ये इतनी तेजी से फैला कि सोचने का वक्त ही नहीं मिला.

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