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सचिन और गावस्कर से भी बड़ा रिकॉर्ड बनाने वाले इस दिग्गज ने कहा-श्रेय न मिलना किस्मत की बात

News18Hindi
Updated: April 7, 2020, 8:07 AM IST
सचिन और गावस्कर से भी बड़ा रिकॉर्ड बनाने वाले इस दिग्गज ने कहा-श्रेय न मिलना किस्मत की बात
सचिन तेंदुलकर और सुनील गावस्कर कभी लॉडर्स पर लगातार तीन शतक नहीं लगा पाए.

भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व बल्लेबाज दिलीप वेंगसरकर (Dilip Vengsarkar) के नाम लॉडर्स में तीन शतक लगाने का रिकॉर्ड है.

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नई दिल्ली. टीम इंडिया की दीवार राहुल द्रविड़ के बारे में अक्सर कहा जाता है कि सचिन तेंदुलकर की आभा के चलते उन्हें वो पहचान नहीं मिल सकी जिसके वो हकदार थे. शायद कुछ ऐसा ही भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व बल्लेबाज दिलीप वेंगसरकर (Dilip Vengsarkar) के साथ भी है. माना जाता है कि सुनील गावस्कर और गुंडप्पा विश्वनाथ जैसे दिग्गजों की मौजूदगी में वेंगसरकर को वैसी शोहरत नहीं मिली, जो मिलनी चाहिए थी. हालांकि बावजूद इसके दिलीप वेंगसरकर को कोई मलाल नहीं है और वह अपने कैरियर से काफी खुश हैं.

16 साल के करियर में खेले 116 टेस्ट
दिलीप वेंगसकर (Dilip Vengsarkar) ने बीते सोमवार को अपना 64वां जन्मदिन मनाया. 16 साल तक खेलने वाले वेंगसरकर ने कहा, ‘जब मैं पीछे देखता हूं तो काफी अच्छा और संतोषजनक सफर रहा. भारत के लिए 116 टेस्ट खेलना सबसे बड़ा संतोष है. इसके अलावा 129 वनडे, विश्व कप जीतना और विश्व चैंपियनशिप जीतना, इसके साथ भारत की कप्तानी. यह शानदार सफर रहा.’

लॉडर्स में लगाए तीन शतक



बहुत कम लोग जानते हैं कि दिलीप वेंगसरकर (Dilip Vengsarkar) के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड है जो आज तक कोई भारतीय बल्लेबाज नहीं बना पाया. यहां तक कि सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) भी नहीं. दरअसल, वेंगसरकर ने लाडर्स पर तीन शतक लगाए हैं. इंग्लैंड को छोड़ दें तो ऐसा करने वाले वो एकमात्र अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं. इसके अलावा 1970-80 के दशक के खतरनाक कैरेबियाई आक्रमण के सामने छह शतक जड़ने का कारनामा भी वेंगसरकर कर चुके हैं.



श्रेय मिलना न मिलना, भाग्य की बात
दिलीप वेंगसरकर (Dilip Vengsarkar) से जब उनसे पूछा गया कि क्या वे भी महसूस करते हैं कि उन्हें वह श्रेय नहीं मिला जिसके वह हकदार थे, इस पर उन्होंने कहा, ‘यह भाग्य की बात है. आपको कड़ी मेहनत करके ईमानदारी से खेलकर टीम के लिए मैच जीतने होते हैं. यह हर क्रिकेटर का लक्ष्य होना चाहिए. इस तरह से जो भी उपलब्धियां या पहचान मिलती है, आपको श्रेय मिलता है या नहीं, यह सब भाग्य की बात है.’

मौजूदा पीढ़ी को घरेलू क्रिकेट खेलने को नहीं मिलता
मौजूदा समय में भले ही भारतीय बल्लेबाजों को स्पिनर मोइन अली या नाथन लॉयन के खिलाफ संघर्ष करते देखा जा सकता है, लेकिन दिलीप वेंगसरकर (Dilip Vengsarkar) ईरानी कप में बिशन सिंह बेदी और ईरापल्ली प्रसन्ना जैसे दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ शतक लगा चुके हैं. इस बारे में उन्होंने कहा, मौजूदा समय में काफी ज्यादा क्रिकेट खेला जा रहा है. हमारे समय में घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए काफी वक्त होता था. मैंने दादर यूनियन की ओर से काफी क्लब क्रिकेट खेला है. घरेलू सत्र में हमें बेदी, प्रसन्ना, भागवत चंद्रशेखर और राजिंदर गोयल जैसे खिलाड़ियों का सामना करने का मौका मिलता था. इन विश्व स्तरीय गेंदबाजों के खिलाफ आपको अपने खेल का स्तर उठाना होता था. मगर मौजूदा पीढ़ी को घरेलू क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिलता. अगर आप घरेलू क्रिकेट नहीं खेल पाते हैं तो फिर आपको एडजस्ट करना होता है.

 

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First published: April 7, 2020, 8:07 AM IST
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