दानिश कनेरिया का बड़ा बयान, कहा-पाकिस्‍तान क्रिकेट बोर्ड में घमंड है, मुझे दिवाली की बधाई तक नहीं दी

परिवार के साथ दिवाली मनाते दानिश (फोटो क्रेडिट: दानिश कनेरिया ट्विटर हैंडल )
परिवार के साथ दिवाली मनाते दानिश (फोटो क्रेडिट: दानिश कनेरिया ट्विटर हैंडल )

दानिश कनेरिया (Danish Kaneria) पाकिस्‍तान की तरफ से खेलने वाले दूसरे हिंदू क्रिकेटर हैं. पाकिस्तान के लिए 61 टेस्ट में उन्‍होंने 261 विकेट लिए

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 17, 2020, 4:31 PM IST
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नई दिल्‍ली. पाकिस्तान (pakistan) के प्रतिबंधित टेस्ट लेग स्पिनर दानिश कनेरिया (Danish Kaneria) ने पाकिस्‍तान क्रिकेट बोर्ड पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि उसमें काफी घमंड है. दरअसल कनेरिया ने दिवाली की बधाई देने वाले फैंस का शुक्रिया अदा करते हुए ट्वीट किया. उन्‍होंने लिखा कि फैंस प्‍यार और शुभकामनाओं के लिए आपका शुक्रिया. इंतजार कर रहा था कि पाकिस्‍तान क्रिकेट बोर्ड भी बधाई देती, मगर नहीं किया. पीसीबी में घमंड है, मगर मैं फैंस, ट्विटर परिवार और यूट्यूब परिवार की बधाईयों के साथ खुश हूं.
बता दें दानिश अपने मामा अनिल दलपत के बाद पाकिस्तान के लिए खेलने वाले दूसरे हिंदू कनेरिया ने पाकिस्तान के लिए 61 टेस्ट में 261 विकेट लिए. कनेरिया को 2009 में डरहम के खिलाफ एसेक्स के लिए खेलते हुए मर्विन वेस्टफील्ड के साथ स्पॉट फिक्सिंग का दोषी पाया गया. जिसके बाद उनपर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया.



दानिश ने पहले भी कई बार पीसीबी पर सवाल खड़े किए थे. स्पॉट फिक्सिंग मामले में अपना आजीवन प्रतिबंध हटवाने की कोशिशों में जुटे कनेरिया (Danish Kaneria) ने भी कुछ महीनें पहले उमर अकमल का निलंबन आधा करने के पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के फैसले को उसके दोहरे मानदंडों का सबूत भी बताया. अकमल पर सटोरियों के संपर्क की जानकारी नहीं देने के कारण निलंबन लगाया गया था . कनेरिया की तरह स्पॉट फिक्सिंग के दोषी पाये गए मोहम्मद आमिर, मोहम्मद आसिफ और सलमान बट को वापसी का मौका मिल गया. आमिर तो पाकिस्तानी टीम के नियमित सदस्य हैं.
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कनेरिया ने कहा था कि आप इसे भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टालरेंस नीति कहते हैं. उमर दोषी साबित हुआ था लेकिन उसका प्रतिबंध आधा कर दिया गया . आमिर, आसिफ , सलमान को भी वापसी का मौका मिला, मुझे क्यों नहीं.' उन्होंने कहा कि मेरे मामले में ऐसी उदारता क्यों नहीं दिखाई गई. वे कहते हैं कि मैं अपने मजहब (हिंदू) की बात करता हूं लेकिन जब पक्षपात सामने दिखता है तो मैं कहा कहूं. 'अकमल अपने करियर में अधिकांश समय विवादों से घिरा रहा है. उसके लिये हमदर्दी है तो मेरे लिये क्यों नहीं.
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