डैरेन सैमी ने लगाए IPL के दौरान नस्लभेद के आरोप, कहा- अब पता चला 'कालू' का मतलब

डैरेन सैमी ने लगाए IPL के दौरान नस्लभेद के आरोप, कहा- अब पता चला 'कालू' का मतलब
डैरेन सैमी ने नस्‍लवाद के आवाज उठाई (फाइल फोटो )

वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान डैरेन सामी (Darren Sammy) ने बताया कि आईपीएल में उन्हें और परेरा को 'कालू' कहकर पुकारा जाता था. उस समय वह इसका मतलब नहीं जानते थे, लेकिन आज जब उन्हें पता चला है तो इस चीज से काफी नाराज हुए हैं.

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नई दिल्ली. अमेरिका (America) में नस्लभेद के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन ने दुनिया भर में एक बार फिर इस मुद्दे को उजागर कर दिया है. इस बीच वेस्टइंडीज को दो बार टी20 चैंपियन बनाने वाले कप्तान डैरेन सैमी (Daren Sammy) ने यह कहकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है कि आईपीएल (IPL) में खेलते हुए उन्हें नस्लभेद टिप्पणियों का सामना करना पड़ा. सैमी ने सोशल मीडिया पर सबके सामने दावा किया कि उन्हें आईपीएल (IPL) में 'कालू' बुलाया जाता था.

सैमी ने सोशल मीडिया पर दिखाई नाराजगी
 सैमी (Daren Sammy) ने कहा कि जब वह सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते थे, तब उन्हें और श्रीलंका के खिलाड़ी तिसारा परेरा (Thisara Parera) को नस्लभेदी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा था. सैमी ने बताया कि आईपीएल में उन्हें और परेरा को 'कालू' कहकर पुकारा जाता था. उस समय वह इसका मतलब नहीं जानते थे, लेकिन आज जब उन्हें पता चला है तो इस चीज से काफी नाराज हुए हैं.

सैमी ने अपने इंस्टाग्राम पर स्टोरी डालकर लिखा, 'मुझे अब पता चला कि कालू का मतलब क्या होता है. सनराइजर्स की ओर से खेलते हुए मुझे इस नाम से बुलाया जाता था. मुझे लगता था कि मजबूती के लिए कहा जाता है, लेकिन अब जब मुझे इसका असली मतलब पता चला है तो मैं काफी हैरान हूं.' हालांकि सैमी ने पोस्ट में यह साफ नहीं किया कि उन्हें इस नाम से फैंस बुलाते थे या खिलाड़ी.







सैमी ने आईसीसी से लगाई थी मदद की गुहार
इससे पहले सैमी (Daren Sammy) ने ट्वीट करके आईसीसी से क्रिकेट में नस्लभेद को खत्म करने के लिए कड़े नियम उठाने की बात कही थी. सैमी ने ट्विटर पर लिखा, 'आईसीसी और अन्‍य देशों के क्रिकेट बोर्ड- क्‍या आप देख रहे हैं हम जैसे लोगों के साथ किस तरह का व्‍यवहार किया जा रहा है, क्‍या आप लोग हमारे लिए समाजिक न्‍याय के लिए आवाज नहीं उठाएंगे. यह केवल अमेरिका की बात नहीं है. यह हर रोज होता है. हमें साबित करना है कि एक काले व्‍यक्ति के जीवन का भी महत्‍व है. यह चुप रहने का वक्‍त नहीं है. '

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First published: June 7, 2020, 11:33 AM IST
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