IND vs AUS : बुमराह का सामना करने के लिए वार्नर ने बैट से की 'छेड़छाड़'

ऑस्ट्रेलियाई ओपनर ने विपक्षी गेंदबाजों से निपटने के लिए बल्ले में लगाई नई डिवाइस. इस बैट सेंसर के जरिए बल्लेबाज की बैक लिफ्ट और शॉट खेलते वक्त बल्ले की गति पता चलती है.

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Updated: June 9, 2019, 3:22 PM IST
IND vs AUS : बुमराह का सामना करने के लिए वार्नर ने बैट से की 'छेड़छाड़'
IND vs AUS : बुमराह का सामना करने के लिए वार्नर ने बैट से की 'छेड़छाड़'. (फोटो-AP/Rui Vieira)
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Updated: June 9, 2019, 3:22 PM IST
वर्ल्ड कप 2019 में मुकाबला कितना कड़ा है, इसे इसी बात से समझा जा सकता है कि खिलाड़ी इसके लिए अपनी तैयारियों को भी नए सिरे से अंजाम देने में लगे हैं. दुनियाभर के गेंदबाजों में खौफ पैदा करने वाले ऑस्ट्रेलिया के ओपनर डेविड वार्नर भी अलग तरह से वर्ल्ड कप की तैयारी में जुटे हैं.

दरअसल, वार्नर ने अभ्यास के दौरान अपने बैट में कुछ तकनीकी बदलाव किए हैं. उन्होंने बैट में एक नई डिवाइस लगाई है, जिसे बैट सेंसर कहते हैं. इस डिवाइस के जरिये खिलाड़ी की बैक लिफ्ट और बल्ले की गति जैसा डाटा स्टोर किया जाता है. बंगलूरू स्थित स्मार्ट क्रिकेट कंपनी ने इस डिवाइस को बनाया है.

बुमराह के खिलाफ वार्नर का होमवर्क
वार्नर ने इस सेंसर का इस्तेमाल अपने बैट में किया है, ताकि वह उसके जरिये सामने आने वाले डाटा का इस्तेमाल भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाजों का सामना करने के लिए कर सकें. वार्नर के बैट सेंसर ने इस बात का बड़ा दिलचस्प खुलासा किया है कि बुमराह का सामना करने के लिए वे किस तरह की तैयारी कर रहे हैं. उदाहरण के लिए बुमराह की यॉर्कर का सामना करने के लिए बैट की स्पीड 70-75 किलोमीटर प्रति घंटे की होनी चाहिए, लेकिन वार्नर 85-90 किमी प्रति घंटे की स्पीड निकालने का अभ्यास कर रहे हैं. वहीं, बुमराह का एक्‍शन जिस तरह का है, उसके हिसाब से बैक लिफ्ट का एंगल 120-125 डिग्री होना चाहिए और बल्ला पहली स्लिप की ओर से नीचे की ओर आना चाहिए. जबकि भुवनेश्वर कुमार के खिलाफ बल्ला विकेटकीपर की लाइन में होना चाहिए. स्पिनर के खिलाफ बैक लिफ्ट का एंगल कम से कम 160 डिग्री और अधिक से अधिक 175 डिग्री होना चाहिए.

आईसीसी ने 2017 में ही दे दी थी अनुमति
बहुत कम लोगों को पता होगा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बैट सेंसर के इस्तेमाल को दो साल पहले 2017 में ही अनुमति दे दी थी. मगर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को छोड़ दें तो अन्य किसी टीम ने इसका अधिक इस्तेमाल नहीं किया है.

बैट सेंसर कैसे करता है काम
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यह सेंसर बल्ले के हैंडल में सबसे ऊपर लगाया जाता है. जब तक बल्लेबाज बल्लेबाजी कर रहा होता है, डाटा एक मोबाइल एप क्लाउड स्टोरेज में इकट्ठा होता रहता है.

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First published: June 9, 2019, 2:42 PM IST
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