लाइव टीवी

रजत शर्मा का डीडीसीए अध्यक्ष पद से इस्‍तीफा मंजूर, बोले- अराजक हालात में काम नहीं कर सकता

भाषा
Updated: November 29, 2019, 6:37 PM IST
रजत शर्मा का डीडीसीए अध्यक्ष पद से इस्‍तीफा मंजूर, बोले- अराजक हालात में काम नहीं कर सकता
रजत शर्मा के इस्तीफे के बाद डीडीसीए में कई और पदाधिकारियों ने अपना पद छोड़ दिया.

रजत शर्मा (Rajat Sharma) ने संगठन के अंदर ‘काफी खींचतान और दबाव’ का हवाला देकर 16 नवंबर को त्यागपत्र दे दिया था.

  • Share this:
नई दिल्ली: दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) के लोकपाल (Ombudsman) न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) बदर दुरेज अहमद ने शुक्रवार को वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा (Rajat Sharma) का डीडीसीए अध्यक्ष (DDCA President) पद से त्यागपत्र मंजूर कर दिया. उन्होंने लगभग दो सप्ताह तक इसे स्वीकार नहीं किया था. शर्मा ने संगठन के अंदर ‘काफी खींचतान और दबाव’ का हवाला देकर 16 नवंबर को त्यागपत्र दे दिया था. अहमद ने इसके एक दिन बाद उनके त्यागपत्र पर रोक लगा दी थी लेकिन इस वरिष्ठ पत्रकार के फिर से आग्रह करने पर उन्होंने आखिर में इसे स्वीकार कर दिया. अहमद ने शुक्रवार को कहा, ‘स्पष्ट है कि रजत शर्मा ने डीडीसीए अध्यक्ष पर बने रहने के इच्छुक नहीं हैं. उनके त्यागपत्र से जुड़ा यह पूरा विवाद अब खत्म हो गया है.’

'डीडीसीए में अराजक हालात'
शर्मा ने पीटीआई से कहा, ‘मैंने आज सुबह उन्हें लिखा था और मुझे जिम्मेदारियों से मुक्त करने का आग्रह किया था.’ अहमद को भेजे गए अपने पत्र में शर्मा ने लिखा है कि वह ऐसे संगठन में नहीं बने रह सकते हैं जहां ‘अराजकता’ की स्थिति हो. उन्होंने लिखा, ‘मैंने 16 नवंबर को डीडीसीए अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया था और उसका कारण मैंने अपने पत्र में बताए हैं. मैं हालांकि लोकपाल के निर्देशों का सम्मान करते हुए पद पर बना रहा और जिसे बाद में उच्च न्यायालय ने भी दोहराया. हालांकि डीडीसीए में स्थिति पूरी तरह से अराजक है और ऐसे में मेरे लिए अध्यक्ष पद पर बने रहना असंभव है.’

Rajat Sharma, ddca, cricket, sports news, रजत शर्मा, डीडीसीए, क्रिकेट
रजत शर्मा पिछले साल डीडीसीए के अध्‍यक्ष बने थे.


20 महीने पहले अध्‍यक्ष बने थे रजत शर्मा
शर्मा का लगभग 20 महीने का कार्यकाल उतार चढ़ाव से भरा रहा. इस बीच उनके महासचिव विनोद तिहाड़ा से मतभेद सार्वजनिक तौर पर सामने आए. तिहाड़ा को संगठन में अच्छा समर्थन हासिल है. तिहाड़ा ने शर्मा गुट से ही डीडीसीए का चुनाव जीता था लेकिन कुछ सप्ताह के अंदर ही उनके क्रिकेट और प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़े मसलों पर अध्यक्ष के साथ मतभेद पैदा हो गए. इसमें प्रोटोकाल का अनुसरण किए बिना भर्तियों पर नियंत्रण करने का आरोप भी शामिल है.

'उन लोगों के साथ काम करना असंभव है जो संविधान का सम्मान नहीं करते'तिहाड़ा को कार्यकारी समिति ने अनुशासनात्मक मामले में निलंबित कर दिया था जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती दी थी. शर्मा ने अहमद को लिखे पत्र में कहा, ‘मेरे लिए उन लोगों के साथ काम करना असंभव है जो लोकपाल या उच्च न्यायालय या संविधान का सम्मान नहीं करते.’

शर्मा के बाद कई लोगों ने दिए थे इस्‍तीफे 
शर्मा के 16 नवंबर को त्यागपत्र के कुछ घंटों बाद ही सीईओ रवि चोपड़ा ने भी इस्तीफा दे दिया था. क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के दो सदस्यों सुनील वाल्सन और यशपाल शर्मा ने भी अपना पद छोड़ दिया था. इसके एक दिन बाद अहमद ने शर्मा को पद पर बने रहने का आदेश दिया था और निलंबित महासचिव तिहाड़ा की बहाली की पर रोक लगा दी थी.

डेविड वॉर्नर ने जड़ा लगातार दूसरा शतक, पाकिस्‍तानी गेंदबाजों को बुरी तरह पीटा

टीम इंडिया के गेंदबाज का करिश्‍मा, डबल हैट्रिक सहित 6 गेंद में लिए 5 विकेट

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए क्रिकेट से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 29, 2019, 6:28 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर