उनादकट की सेलेक्शन में बार-बार अनदेखी से भड़के दीप दासगुप्ता, बोले- उनकी क्या गलती है

जयदेव उनादकट ने आईपीएल 2021 स्थगित होने से पहले राजस्थान रॉयल्स के लिए 4 मैच में 4 विकेट लिए थे. (Jaydev Unadkat Twitter)

पूर्व भारतीय विकेटकीपर और कॉमेंटेटर दीप दासगुप्ता (Deep Dasgupta) ने जयदेव उनादकट(Jaydev Unadkat) की सेलेक्शन में बार-बार हो रही अनदेखी पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि उनादकट बहुत मेहनती और जुनूनी खिलाड़ी हैं. अगर श्रीलंका दौरे पर 25 के बजाए 26 खिलाड़ी चले जाते तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.

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    नई दिल्ली. पूर्व भारतीय विकेटकीपर और कॉमेंटेटर दीप दासगुप्ता ने जयदेव उनादकट की सेलेक्शन में बार-बार हो रही अनदेखी पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि उनादकट को श्रीलंका दौरे पर जरूर मौका दिया जाना चाहिए था. उन्होंने क्या गलत किया?.दीप दासगुप्ता ने तो राहुल तेवतिया को भी टीम में शामिल करने की बात कही. उन्होंने कहा कि तेवतिया तो पिछली सीरीज में टीम का हिस्सा भी थे, उन्हें भी मौका मिलना चाहिए था. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप 25 के बजाए 27 खिलाड़ियों को श्रीलंका ले जाते.

    दासगुप्ता ने अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर किए एक वीडियो में कहा कि मैं सेलेक्शन को लेकर ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा. लेकिन उनादकट जैसे मेहनती और जुनूनी खिलाड़ी को जरूर मौका मिलना चाहिए था. वो सिर्फ आईपीएल में भी गेंदबाजी नहीं करते, बल्कि रणजी ट्रॉफी में भी 20-25 ओवर फेंकते हैं. वो बहुत मेहनती गेंदबाज हैं. उनका खेल के प्रति जुनून देखने लायक है. इसलिए मैं जो पहले दोहरा चुका हूं, वही बात कहूंगा कि जब आप 25 खिलाड़ियों को दौरे पर लेकर जा रहे हैं, तो अगर इस लिस्ट में एक खिलाड़ी और शामिल हो जाता है, तो कुछ फर्क नहीं पड़ता.

    सकारिया और अरजन को श्रीलंका दौरे के लिए चुना गया
    बता दें कि बीसीसीआई ने बीते गुरुवार को श्रीलंका दौरे के लिए 20 सदस्यीय टीम का ऐलान किया था. इस दौरे के लिए पांच नेट गेंदबाजों को भी टीम से जोड़ा गया है. इसमें गुजरात के 23 साल के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अरजन नागवासवाला और सौराष्ट्र के चेतन सकारिया को शामिल किया गया है. लेकिन उनादकट को मौका नहीं दिया गया.

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    उनादकट ने रणजी ट्रॉफी में 67 विकेट लिए थे
    चोटिल टी नटराजन की गैरहाजिरी में उनादकट बाएं हाथ के गेंदबाजी की भरपाई कर सकते थे. उन्होंने 20190-20 के रणजी ट्रॉफी में 67 विकेट लिए थे और इस साल हुए घरेलू वनडे टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में 5.88 की इकोनॉमी रेट से भी 8 विकेट झटके थे. उन्होंने सौराष्ट्र को पहली बार रणजी ट्रॉफी चैम्पियन बनाने में भी अहम रोल निभाया था. ऐसे में श्रीलंका दौरे के लिए इस गेंदबाजी की दावेदारी मजबूत थी. लेकिन सेलेक्टर्स ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया. इससे उनादकट काफी मायूस हुए थे.

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    इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने एक दिन पहले ही सोशल मीडिया छोड़ने की जानकारी दी थी. उनादकट ने लिखा था कि मैं अपने खेल पर अब और मेहनत करूंगा और ये सोचने में वक्त नहीं बिताऊंगा कि मुझे क्यों नहीं चुना गया और मेरा वक्त कब आएगा. मैं आखिर तक लड़ता रहूंगा.

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