होम /न्यूज /खेल /

टी20 वर्ल्ड कप के लिए मिलेगी भारतीय टीम में जगह? दीपक चाहर बोले- यह मेरे हाथ में नहीं है

टी20 वर्ल्ड कप के लिए मिलेगी भारतीय टीम में जगह? दीपक चाहर बोले- यह मेरे हाथ में नहीं है

दीपक चाहर ने कहा कि उन्होंने जहां 6 महीने पहले छोड़ा था, वहीं से आज शुरुआत की. (AFP)

दीपक चाहर ने कहा कि उन्होंने जहां 6 महीने पहले छोड़ा था, वहीं से आज शुरुआत की. (AFP)

टी20 विशेषज्ञ के रूप में पहचाने जाने वाले दीपक चाहर ने कहा कि राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में जब उनका रिहैबिलिटेशन पूरा होने वाला था तो उन्हें पता था कि उन्हें जिम्बाब्वे में वनडे अंतरराष्ट्रीय सीरीज से वापसी का मौका मिलेगा और उन्होंने अपने शरीर को 50 ओवर के फॉर्मेट के अनुकूल तैयार किया.

अधिक पढ़ें ...

हरारे. पेसर दीपक चाहर ने चोट के कारण 6 महीने तक बाहर रहने के बावजूद सफल वापसी की. उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज के पहले वनडे (IND vs ZIM 1st ODI) में कमाल का प्रदर्शन किया और 3 विकेट लिए. चोट का किसी पर भी मानसिक असर पड़ सकता है लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफल वापसी के बाद दीपक चाहर का मानना है कि करियर को खतरे में डालने वाली पैर की मांसपेशियों की चोट के कारण उन्होंने जहां खेल को छोड़ा था, वहीं से शुरुआत की.

लगभग छह महीने बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे राजस्थान के तेज गेंदबाज दीपक चाहर ने जिम्बाब्वे  के खिलाफ 27 रन देकर तीन विकेट चटकाए जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. चाहर से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि टी20 विश्व कप में उनके खेलने का रास्ता खुल सकता है तो उन्होंने कहा, ‘मैं यह नहीं कह सकता कि मुझे चुना जाएगा या नहीं क्योंकि यह मेरे हाथ में नहीं है लेकिन कौशल की बात करें तो मैंने कड़ी मेहनत की है.’

इसे भी देखें, भारत ने 8वीं बार 10 विकेट से जीता मैच, जानें पहली बार कब मिली थी ऐसी जीत

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि मैंने वहीं से शुरुआत की जहां छोड़ा था और आज भी पहले 2 ओवर को छोड़कर मैंने अच्छी गेंदबाजी की. मैंने एक साथ सात ओवर गेंदबाजी की जो दर्शाता है कि मेरी फिटनेस का स्तर ठीक है.’ लय हासिल करने वाले चाहर सुबह के सत्र में गेंद को दोनों ओर स्विंग कराने में सफल रहे और उन्होंने खुलासा किया कि उनकी योजना फुल लेंथ गेंदबाजी करने की थी.

चाहर ने कहा, ‘मेरी योजना सामान्य सी थी, जब गेंद स्विंग हो रही हो तो फुल लेंथ गेंदबाजी करने का प्रयास करो और विकेट चटकाओ. अगर गेंद स्विंग नहीं हो रही हो तो मेरे पास ‘बी’ या ‘सी’ योजना भी होती है. आज जब मैं गेंदबाजी कर रहा था तो सात ओवर तक गेंद स्विंग हो रही थी. इसलिए सामान्य सी बात थी कि फुल लेंथ गेंदबाजी करो और स्विंग का मिश्रण करके बल्लेबाजों को भ्रम में डालो.’

टी20 विशेषज्ञ के रूप में पहचाने जाने वाले चाहर ने कहा कि राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में जब उनका रिहैबिलिटेशन पूरा होने वाला था तो उन्हें पता था कि उन्हें जिम्बाब्वे में वनडे अंतरराष्ट्रीय सीरीज से वापसी का मौका मिलेगा और उन्होंने अपने शरीर को 50 ओवर के फॉर्मेट के अनुकूल तैयार किया.

इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘मुझे पता था कि मैं इस सीरीज में वापसी करूंगा जो एकदिवसीय सीरीज है इसलिए मैंने अपने शरीर पर उसी के अनुसार बोझ डालना शुरू कर दिया. जिस दिन मैंने गेंदबाजी शुरू की उस दिन मैंने छह ओवर फेंके और फिर जब मैंने दो-तीन अभ्यास मैच खेले तो मैंने पूरे 10 ओवर गेंदबाजी की.’

Tags: Deepak chahar, Hindi Cricket News, Icc T20 world cup, India vs Zimbabwe, Indian cricket, T20 World Cup

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर