IPL 2021: ऋषभ पंत के रूप में भारत को मिला नया 'कैप्टन कूल', हर मौके पर इस खिलाड़ी ने मारा चौका

IPL 2021: ऋषभ पंत की कप्तानी में दिल्ली कैपिटल्स ने जीत से शुरुआत की है. (PTI)

IPL 2021: ऋषभ पंत की कप्तानी में दिल्ली कैपिटल्स ने जीत से शुरुआत की है. (PTI)

ऋषभ पंत (Rishabh Pant) ने बतौर कप्तान भी आईपीएल में शानदार आगाज किया. उन्होंने अपने गुरु महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को शिकस्त दी. ऑस्ट्रेलिया दौरे से शुरू हुआ उनका ये सफर अब नए पड़ाव पर आया है और जिस तरह उन्होंने शुरुआत की है, उससे तो यही उम्मीद है कि पंत कप्तानी में भी कमाल ही करेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 11, 2021, 8:53 AM IST
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नई दिल्ली. ऋषभ पंत (Rishabh Pant) की कप्तानी में दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) ने चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) को सात विकेट से हराकर आईपीएल 2021 में जीत से आगाज किया. पंत का बतौर कप्तान आईपीएल में ये पहला मैच था और वो भी अपने गुरु महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) के खिलाफ. इस मैच में चेला हर पैमाने पर गुरु पर भारी साबित हुआ. पहले टॉस का बॉस बना फिर मैच में शिकस्त दी. बतौर विकेटकीपर, बल्लेबाज खुद को साबित करने के बाद पंत कप्तानी के रोल भी फिट होने की कोशिश में जुट गए हैं. अपने पहले ही मैच में उन्होंने ये दिखाया है कि वो इस भूमिका के लिए कितने तैयार हैं. ये एक तरह से उनके करियर की नई शुरुआत भी है. पंत के लिए पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे से शुरू हुआ नया दौर नई उम्मीदें और सफलताएं लेकर आ रहा है.

एक साल पहले तक जिस खिलाड़ी की बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग तकनीक को लेकर सवाल उठ रहे थे. टीम में जगह को लेकर चर्चाएं हो रही थी. वो अचानक भारतीय क्रिकेट का चहेता बन गया. देसी ही नहीं, बल्कि विदेशी खिलाड़ी भी उसकी शान में कसीदें गढ़ रहे हैं. इसकी शुरुआत ऑस्ट्रेलिया दौरे से हुई. टेस्ट में ऋद्धिमान साहा टीम इंडिया के मुख्य विकेटकीपर हैं. वो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में चार टेस्ट की सीरीज के पहले मैच में खेले. लेकिन वो टेस्ट न सिर्फ साहा, बल्कि टीम इंडिया के लिए भी किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ. इस टेस्ट की दूसरी पारी में भारतीय टीम महज 36 रन पर ऑलआउट हो गई. वहीं साहा, मैच की दोनों पारियों में मिलाकर 13 रन ही बना सके. इसके बाद बाकी बचे तीनों टेस्ट में टीम मैनेजमेंट ने पंत को मौका दिया.

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ऑस्ट्रेलिया दौरा पंत के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ

पंत ने इस मौके को पूरी तरह भुनाया और ये उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ. उन्होंने मेलबर्न में हुए सीरीज के दूसरे टेस्ट में सिर्फ 29 रन बनाए. लेकिन ये टीम की जीत में काम आए और पहला टेस्ट बुरी तरह गंवाने के बाद भारत ने 1-1 से सीरीज बराबर की. इसके बाद सिडनी में हुए तीसरे और ब्रिसबेन में हुए चौथे टेस्ट में तो पंत ने कमाल ही कर दिया. सिडनी में भारत को चौथी पारी में जीत के लिए 407 रन का टारगेट मिला था. रोहित शर्मा औऱ शुभमन गिल ने टीम को ठोस शुरुआत दिलाई. दोनों ने पहले विकेट के लिए 71 रन जोड़े. लेकिन स्कोरबोर्ड पर 102 रन जुड़ते-जुड़ते टीम के तीन विकेट गिर गए. पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए पंत से किसी को बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं थी. लेकिन वो तो कुछ और ही ठानकर आए थे. उन्होंने चेतेश्वर पुजारा के साथ चौथे विकेट के लिए 265 गेंद में 148 रन की शानदार पार्टनरशिप की और मुश्किल मे दिख रही टीम को न सिर्फ मैच में वापसी दिलाई, बल्कि जीत की उम्मीदें भी जगा दी. ये अलग बात है कि दोनों टीमों में से कोई ये मुकाबला नहीं जीता, लेकिन पंत ने सबका दिल जीत लिया. उन्होंने टेस्ट में टी20 जैसी बल्लेबाजी की और 118 गेंद में 97 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 12 चौके और तीन छक्के निकले.

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में ऑलराउंड खेल दिखाया



ब्रिसबेन में तो पंत सिडनी से एक कदम आगे निकल गए और टीम को जीत दिलाकर ही लौटे. इस टेस्ट में भी भारत को जीत के लिए 328 रन चाहिए थे. लक्ष्य मुश्किल नजर आ रहा था, लेकिन पंत की बल्लेबाजी के ये भी बौना साबित हुआ. उन्होंने नाबाद 89 रन की पारी खेलते हुए टीम को ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक सीरीज जिताई. इसके बाद से उनका कद रातों-रात बढ़ गया और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज की टीम में साहा के शामिल होने के बावजूद पंत को मौका दिया गया और उन्होंने फिर खुद को साबित किया. न सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर बल्कि विकेटकीपर के रूप में भी. पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ 4 टेस्ट की सीरीज 54 की औसत से 270 रन बनाए थे. वह रोहित के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे भारतीय थे. वहीं, टर्निंग ट्रैक होने के बावजूद वो विकेट के पीछे सबसे ज्यादा 13 शिकार करने में सफल रहे. उन्होंने सीरीज में ये बार-बार साबित किया कि वो दबाव में बिखरने की बजाए और निखरते जाते हैं.

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पंत ने बतौर कप्तान पहले मैच में ही धोनी की टीम को हराया

पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज में भी इसी फॉर्म को बरकरार रखा. उन्होंने वनडे में 77 से ज्यादा के औसत से 155 रन बनाए, जबकि टी20 में 129 के स्ट्राइक रेट से 102 रन बनाए. इंग्लैंड सीरीज के दौरान ही दिल्ली कैपिटल्स के रेगुलर कप्तान श्रेयस अय्यर चोटिल होकर आईपीएल से बाहर हो गए. उनकी जगह आईपीएल में टीम की कौन कप्तानी करेगा. टीम मैनेजमेंट के सामने ये सबसे बड़ा सवाल था. स्टीव स्मिथ, अजिंक्य रहाणे, आर अश्विन जैसे खिलाड़ियों के होने के बावजूद पंत को टीम की कमान सौंपी गई. ये उनके लिए भी बिल्कुल नया था. लेकिन जिस तरह पंत ने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ आत्मविश्वास दिखाया था. आईपीएल में बतौर कप्तान पहले ही मैच में पंत इसे दोहराने में सफल रहे और इस फॉर्मेट के सबसे कामयाब कप्तान और अपने गुरु धोनी की टीम को हरा दिया. जिस तरह पंत एक-एक कर कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं, उससे तो यही उम्मीद है कि बतौर कप्तान भी वो आईपीएल में नए आयाम गढ़ने में सफल रहेंगे.
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