डेवॉन कॉनवे का टैलेंट भी नहीं पहचान पाया साउथ अफ्रीका, घर-गाड़ी बेचकर न्यूजीलैंड बसना पड़ा

डेवॉन कॉनवे का जन्म साउथ अफ्रीका की राजधानी जोहान्सबर्ग में हुआ था लेकिन साल 2017 में वो न्यूजीलैंड आकर बस गए थे.  (AFP)

डेवॉन कॉनवे का जन्म साउथ अफ्रीका की राजधानी जोहान्सबर्ग में हुआ था लेकिन साल 2017 में वो न्यूजीलैंड आकर बस गए थे.  (AFP)

ENG vs NZ: डेवॉन कॉनवे ने अपने डेब्यू टेस्ट में ही शतक लगाया. कॉनवे लॉर्ड्स के मैदान पर डेब्यू टेस्ट में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले विदेशी बल्लेबाज भी बन गए हैं. कीवी बल्लेबाज ने भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (131 रन) का रिकॉर्ड तोड़ा.

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नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू कर रहे डेवॉन कॉनवे के नाबाद शतक की मदद से न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन तीन विकेट पर 246 रन बनाये. न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था. कॉनवे 240 गेंद में 16 चौकों की मदद से 136 रन बनाकर खेल रहे हैं. वहीं हेनरी निकोल्स दूसरे छोर पर 46 रन बनाकर मौजूद हैं. सलामी बल्लेबाज टॉम लैथम 23 और कप्तान केन विलियमसन 13 रन बनाकर आउट हो गए जबकि रॉस टेलर ने 14 रन बनाये. इंग्लैंड के लिए पहला टेस्ट खेल रहे ओली रॉबिनसन ने दो विकेट लिये जबकि अनुभवी गेंदबाज जेम्स एंडरसन को एक विकेट मिला.

न्यूजीलैंड को कॉनवे के रूप में मिला धाकड़ ओपनर

डेवॉन कॉनवे का जन्म दक्षिण अफ्रीका की राजधानी जोहान्सबर्ग में साल 1991 में हुआ था. 20 साल की उम्र में कॉनवे दक्षिण अफ्रीका में फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था. लेकिन इस खिलाड़ी को अपनी पहचान में 11 साल लग गए. क्रिकेट में करियर बनाने के लिए कॉनवे काफी मुश्किलों से गुजरे और उन्हें अपने देश भी छोड़ना पड़ा. कॉनवे ने साउथ अफ्रीका में दूसरे लेवल का घरेलू क्रिकेट खेला था लेकिन उन्हें वहां ज्यादा मौके नहीं मिले. इसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड बसने का फैसला किया. 29 साल के इस खिलाड़ी ने न्यूजीलैंड में करियर बनाने के लिए सितंबर 2017 में दक्षिण अफ्रीका छोड़ दिया था.

संपत्ति बेचकर दक्षिण अफ्रीका से न्यूजीलैंड पहुंचे कॉनवे
कॉनवे ने ईएसपीएनक्रिकइंफो को दिए इंटरव्यू में बताया था कि दक्षिण अफ्रीका में प्रांतीय क्रिकेट कॉनवे अवसरों की कमी से निराश थे. उन्होंने फ्रैंचाइजी क्रिकेट में बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था, लेकिन अवसर भी काफी कम थे. वहां उन्हें वनडे, टी20 और फर्स्ट क्लास में अलग-अलग नंबरों पर बल्लेबाजी करने का मौका मिला जिससे उनके प्रदर्शन में स्थिरता नहीं आ पाई. इन बातों ने कॉनवे को कहीं और देखने के लिए मजबूर किया. अपने दोस्तों की सलाह पर कॉनवे न्यूजीलैंड चले आएं. कॉनवे ने न्यूजीलैंड जाने के लिए सब कुछ बेच दिया. कॉनवे ने एक इंटरव्यू में कहा था, मैंने अपनी संपत्ति, कार और वह सब कुछ बेच दिया जो हम नहीं ला सके, क्योंकि मैं उस अध्याय को बंद करना और नए सिरे से शुरू करना चाहता था.

टी20 में मचाया धमाल

न्यूजीलैंड आते ही इस बल्लेबाज का गजब का प्रदर्शन किया. वेलिंगटन के लिए 17 फर्स्ट क्लास मैचों में कॉनवे ने 1598 रन ठोक दिये. कॉनवे का औसत 72 से ज्यादा का रहा. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. कॉनवे को अगस्त 2020 में न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम से खेलने के लिए बुलावा मिला. वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 मैच में ही तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए कॉनवे ने 29 गेंदों में पांच चौक और एक छक्के की मदद से 41 रनों की पारी खेली. इस बल्लेबाज ने 14 टी20 इंटरनेशनल में 59.12 की औसत से 473 रन बनाए हैं. कॉनवे ने चार अर्धशतक जड़ा है और उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 99 है.



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कॉनवे न्यूजीलैंड की ओर से टी20 क्रिकेट में लगातार पांच अर्धशतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं. उनके इसी प्रदर्शन के चलते मार्च 2021 में वनडे डेब्यू का मौका मिला. डेब्यू वनडे में 27 रन बनाने वाले कॉनवे ने दूसरे वनडे में 72 और तीसरे वनडे में 126 रनों की पारी खेली. वनडे में उनका औसत 75 का है.

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