कभी टॉयलेट के पास बैठने को मजबूर हुए थे एमएस धोनी

एमएस धोनी आज 38 साल के हो गए हैं. आज धोनी सफलता के जिस मुकाम पर हैं, उसे तो सभी ने देखा है, पर, इसके पीछे की मेहनत को हर कोई भूल जाता है.

News18Hindi
Updated: July 7, 2019, 4:15 PM IST
कभी टॉयलेट के पास बैठने को मजबूर हुए थे एमएस धोनी
एमएस धोनी.
News18Hindi
Updated: July 7, 2019, 4:15 PM IST
भारतीय क्रिकेट के कैप्टन कूल कहे जाने वाले एम एस धोनी आज 38 साल के हो गए हैं. धोनी ने अब अपना दर्जा विश्व क्रिकेट के सबसे महान खिलाड़ी और कप्तान के रूप में स्थापित कर लिया है. धोनी इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने, तीन आईसीसी टूर्नामेंट जीते हैं. धोनी भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शामिल होते हैं. धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने 2007 का टी-20 वर्ल्डकप, 2011 में आईसीसी क्रिकेट वर्ल्डकप, और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता. इसके अलावा धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने टेस्ट में भी नंबर 1 का स्थान हासिल किया. आज धोनी सफलता के जिस मुकाम पर हैं, उसे तो सभी ने देखा है, पर, इसके पीछे की मेहनत को हर कोई भूल जाता है. आज नज़र धोनी के विश्व विजेता बनने के सफर पर

फुटबॉल से क्रिकेट की तरफ आए
धोनी स्कूल के दिनों में फुटबॉल खेला करते थे. वो अपनी स्कूल टीम के गोलकीपर थे. उन्हें उनके फुटबॉल कोच ने एक लोकल क्रिकेट क्लब की तरफ से क्रिकेट खेलने के लिए भेजा. भले ही उन्होंने क्रिकेट नही खेला था, पर उन्होंने अपनी विकेटकीपिंग से सबका दिल जीत लिया और कमांडो क्रिकेट क्लब की तरफ से रेगुलर विकेटकीपर बन गए.

क्लब क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के कारण धोनी को 1997/98 के अंडर 16 वीनू मांकड़ ट्रॉफी में खेलने का मौक़ा मिला और धोनी ने वहां भी बेहतरीन प्रदर्शन किया. इसके बाद धोनी ने बिहार और झारखंड की तरफ से खेला. संघर्ष के दिनों में वे ट्रेन से सफर करते थे और इस दौरान कई बार टॉयलेट के पास बैठकर यात्रा करते थे.

MS Dhoni birthday, dhoni career, dhoni records, Indian Cricket Team, BCCI, एमएस धोनी, भारतीय क्रिकेट टीम, धोनी बर्थडे, धोनी करियर, धोनी जीवन
एमएस धोनी तीन आईसीसी टूर्नामेंट जीतने वाले इकलौते कप्‍तान हैं.


टीटीई की नौकरी
2001 से 2003 के बीच धोनी ने खड़गपुर में भारतीय रेल में टीटीई की नौकरी भी की. टीटीई की नौकरी करते हुए वे काफी निराश हो गए थे. उनके जीवन पर बनी बायोपिक 'एमएस धोनी' में बताया गया है कि वे रेलवे की नौकरी करते हुए उब गए थे क्‍योंकि क्रिकेट उनसे दूर हो गया था. एक समय तो उन्‍होंने नौकरी छोड़ने का फैसला भी कर लिया था. हालांकि फिर समय पलटा और उन्‍होंने झारखंड की तरफ से रणजी ट्रॉफी खेली. उन्होंने देवधर ट्रॉफी में भी कमाल का प्रदर्शन किया और दलीप ट्रॉफी में अंतराष्ट्रीय क्रिकेटर दीप दास गुप्ता की जगह उनका चुना जाना उनके करियर के लिए बड़ी कामयाबी थी.
Loading...

MS Dhoni birthday, dhoni career, dhoni records, Indian Cricket Team, BCCI, एमएस धोनी, भारतीय क्रिकेट टीम, धोनी बर्थडे, धोनी करियर, धोनी जीवन
एमएस धोनी ने रेलवे की नौकरी की है.


2007 में मिली पहली सफलता
2007 के क्रिकेट वर्ल्डकप से बाहर हो जाने के बाद भारतीय क्रिकेटरों को कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी थी. टीम से सभी सीनियर क्रिकेटरों को बाहर करने की मांग उठने लगी थी. उसी साल पहला टी-20 वर्ल्डकप हुआ और बोर्ड ने फैसला किया कि इस टूर्नामेंट में सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया जाएगा. इसी का नतीजा था कि धोनी को टीम की कमान सौंपी गई और धोनी ने करिश्मा कर दिखाया. भारत दुनिया का पहला टी-20 विश्व चैंपियन बन चुका था और धोनी ने दिखा दिया था कि अब वह भारतीय टीम की कमान संभालने के काबिल हो गए हैं.

2011 की तैयारी 2008 से शुरू की
धोनी ने भली ही भारत को वर्ल्डकप 2011 में जिताया हो, पर उन्होंने इसकी तैयारी 2008 में ही शुरू कर दी थी. धोनी ने युवा खिलाड़ियों को मौका देना शुरू किया और बैटिंग बॉलिंग के साथ साथ फील्डिंग पर भी ध्यान लगाया. यही कुछ कारण थे जो भारत के 2011 के विश्व विजय में कारगर साबित हुए. ये दिखाता है कि धोनी कितने दूरदर्शी खिलाड़ी और कप्तान हैं.

MS Dhoni birthday, dhoni career, dhoni records, Indian Cricket Team, BCCI, एमएस धोनी, भारतीय क्रिकेट टीम, धोनी बर्थडे, धोनी करियर, धोनी जीवन
एमएस धोनी ने इंडिया को छक्‍का लगाकर वर्ल्‍ड कप जिताया था.


2011 में जीता क्रिकेट का महाकुंभ
2011 के आईसीसी क्रिकेट वर्ल्डकप में भारत को शुरू से ही जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था. लेकिन, किसी ने ये नही सोचा था कि भारत का सफर इतना यादगार होगा. पूरे टूर्नामेंट में भारत ने गज़ब का दबदबाया दिखाते हुए केवल एक मैच गंवाया और अपनी जीत की राह में ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, वेस्ट इंडीज, और श्रीलंका जैसी बड़ी टीमों को धूल चटाई. धोनी के लिए इस टूर्नामेंट का सबसे ख़ास और यादगार पल भी फ़ाइनल मैच में आया.

श्रीलंका के खिलाफ भारतीय पारी की शुरुआत बेहद ही खराब हुई थी. 275 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत लड़खड़ा गया था. ऐसे में धोनी ने आर्डर में ऊपर आते हुए 91 रनों की पारी खेलकर जीत और वर्ल्डकप एक छक्के के साथ भारत की झोली में डाल दिया. आज भी धोनी की ये पारी वर्ल्डकप फाइनल में खेली गई अब तक की सबसे बेहतरीन पारियों में शुमार की जाती है.


2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर रचा इतिहास
2013 में इंग्लैंड में हुई चैंपियंस ट्रॉफी भी भारत के लिए बेहद ही यादगार रहेगी. भारत ने इंग्लैंड को इंग्लैंड में फाइनल में हराकर चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम कर ली. इस टूर्नामेंट में भले ही धोनी का बल्ला खामोश रहा, पर ये उनकी लीडरशिप का ही कमाल था कि भारतीय टीम ने एक यूनिट की तरह खेला और चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया. धोनी तीन बड़े आईसीसी टूर्नामेंट जीतने वाले पहले और एकमात्र कप्तान बन गए थे. आज भी धोनी का ये रिकॉर्ड कोई नही तोड़ पाया है और ये रिकॉर्ड टूटना काफी मुश्किल नज़र आता है.

ट्रेन में सफर
बात अगर धोनी की सरलता की करें तो धोनी को जब भी समय मिले, वो बिलकुल एक आम इंसान की तरह जीवन बिताते हैं. 2016-17 के रणजी ट्रॉफी में धोनी को ट्रेन में सफर करते हुए देखा गया था. एक समय ऐसा भी था जब धोनी को ट्रेन में टॉयलेट के पास सोना पड़ता था. इसके अलावा धोनी को कई बार रांची की सड़कों पर अपनी बाइक में सैर करते हुए देखा गया है.

मैदान पर जितने सीरियस, मैदान के बाहर उतने ही मज़ाकिया
धोनी मैदान पर जितने सीरियस रहते हैं, मैदान के बाहर वो उतने ही मज़ाकिया हैं. एक बार की बात है जब रेलवे क़्वार्टर धोनी रहा करते थे, धोनी और उनके कुछ दोस्त आधी रात को सफ़ेद चादर ओढ़ कर घूमने निकल गए. उन्होंने इस मज़ाक के ज़रिए गार्ड्स को ये मानने पर मजबूर कर दिया था कि कॉम्प्लेक्स में आधी रात को भूत घूमते हैं. इस मज़ाक ने अगले दिन बड़ी खबर का रूप ले लिया था. इसके अलावा धोनी को कई बार ड्रेसिंग रूम में अन्य क्रिकेटरों और सपोर्ट स्टाफ के साथ मज़ाक मस्ती करते हुए देखा गया है.

धोनी के नाम अनचाहा रिकॉर्ड, बाय में दिए सबसे ज़्यादा रन

कोहली ने रोहित की 'दुखती रग' पर रखा हाथ, मिला यह जवाब!
First published: July 7, 2019, 4:15 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...