Eknath Solkar Birth Anniversary: वो क्रिकेटर जिसने शॉर्ट लेग फील्डिंग से बनाई अपनी पहचान, जबरदस्त है रिकॉर्ड

एकनाथ सोलकर ने भारत के लिए 27 टेस्ट मैच खेले हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

एकनाथ सोलकर ने भारत के लिए 27 टेस्ट मैच खेले हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Eknath Solkar Birth Anniversary: एकनाथ सोलकर जिस समय टीम में आए उस समय बिशन सिंह बेदी, भागवत चंद्रशेखर, इरापल्ली प्रसन्ना और श्रीनिवास वेंकटराघवन जैसे दिग्गज स्पिनर भारतीय टीम का हिस्सा थे. इन गेंदबाजों के लिए सोलकर शॉर्ट लेग पर बिना हेलमेट के फील्डिंग करते थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 18, 2021, 6:48 PM IST
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नई दिल्ली. 1970 के दशक में भारतीय टीम के अहम खिलाड़ी रहे एकनाथ सोलकर की आज 73वीं जयंती है. एकनाथ सोलकर उन चुनिंदा खिलाड़ियों की लिस्ट में रहे हैं जिन्होंने बल्लेबाजी-गेंदबाजी के अलावा फील्डिंग में भी नाम कमाया. मुंबई की एक झोपड़ी से भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में जगह बनाने वाले सोलकर का जन्म 18 मार्च 1948 में हुआ था. सिर्फ 21 साल की उम्र में सोलकर भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे. बल्लेबाजी के अलावा सोलकर तेज गेंदबाजी और स्पिन दोनों करते थे.

शॉर्ट लेग के बेहतरीन फील्डर थे सोलकर

सोलकर जिस समय टीम में आए उस समय बिशन सिंह बेदी, भागवत चंद्रशेखर, इरापल्ली प्रसन्ना और श्रीनिवास वेंकटराघवन जैसे दिग्गज स्पिनर भारतीय टीम का हिस्सा थे. इन गेंदबाजों के लिए सोलकर शॉर्ट लेग पर बिना हेलमेट के फील्डिंग करते थे. इस स्थान पर फील्डिंग करना खतरे से खाली नहीं होता और खिलाड़ी को चोट लगने की काफी संभावना रहती है लेकिन सोलकर कभी गेंद नीचे नहीं गिरने देते थे. उन्होंने भारत के लिए 27 टेस्ट मैच खेले हैं और 53 कैच लपके हैं. यह किसी फील्डर जो विकेटकीपर नहीं रहा है और जिसने 20 से ज्यादा टेस्ट खेले हों, के लिए सर्वश्रेष्ठ रेशियो है.

पोर्ट ऑफ स्पेन में रचा इतिहास
एकनाथ सोलकर ने 1969 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था. उनका सबसे यादगार प्रदर्शन 1971 में वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड में भारत की टेस्ट सीरीज जीत में आया. पोर्ट ऑफ स्पेन में जिस मैच में भारत ने सात विकेट से जीत हासिल की थी उसमें सोलकर ने छह कैच पकड़ने के अलावा 55 रन भी बनाए थे. इस मैच में सोलकर ने तब के वर्ल्ड रिकॉर्ड (एक मैच में छह कैच) की बराबरी की. इसी साल उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट में 44 रन बनाने के अलावा तीन महत्वपूर्ण विकेट झटका था. इसके अलावा सोलकर ने श्रीनिवास वेंकटराघवन की गेंद पर फुल लेंथ डाइव लगाकर एलन नॉट का कैच पकड़ा था और भारत ने पहली बार इंग्लैंड में जीत हासिल की.



फर्श से अर्श तक पहुंचे सोलकर



सोलकर बेहद गरीब परिवार से आते थे. उनके पिता बॉम्बे के हिंदू जिमखाना में ग्राउंडमैन थे. इसी मैदान पर एक कमरे की झोपड़ी अपने पिता और पांच भाई-बहनों के साथ रहते थे. यही नेट्स पर गेंदबाजी करते हुए उन्होंने मुंबई के खिलाड़ियों को प्रभावित किया. सोलकर को पहली बार 17 साल की उम्र में मुंबई की तरफ से फर्स्ट क्लास में डेब्यू करने का मौका मिला. सोलकर ने 189 फर्स्ट क्लास मैचों में 8 शतकों की बदौलत 6851 रन बनाए हैं और इसके अलावा 276 विकेट भी चटकाए. टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम एक शतक और छह अर्धशतकों की बदौलत 1068 रन बनाए हैं.
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