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ENG vs IND: इंग्लैंड में टीम इंडिया की जीत ओपनिंग जोड़ी पर टिकी, राहुल द्रविड़ से लेकर सहवाग तक हो चुके हैं फेल

भारत और इंग्लैंड की बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 4 अगस्त से शुरू होगी. (AFP)

भारत और इंग्लैंड की बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 4 अगस्त से शुरू होगी. (AFP)

ENG vs IND: भारत और इंग्लैंड के बीच 4 अगस्त से पांच टेस्ट की सीरीज का आगाज होगा. लेकिन भारत का इंग्लैंड में पिछला रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है. भारत ने पिछले 20 साल में यहां 21 में से 4 टेस्ट ही जीते हैं. इस दौरान टीम की नाकामी की सबसे बड़ी वजह ओपनिंग जोड़ी का फ्लॉप होना रहा.

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    नई दिल्ली. न्यूजीलैंड के हाथों विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल(WTC Final) गंवाने के बाद अब टीम इंडिया का अगला इम्तिहान इंग्लैंड के खिलाफ है. भारत को इंग्लैंड के घर में पांच टेस्ट की सीरीज खेलनी( Ind vs Eng Test Series) है. इस सीरीज का आगाज 4 अगस्त को नॉटिंघम से होगा. भारत के लिए इंग्लैंड को उसी के घर में हराना कभी आसान नहीं रहा है. पिछले बीस साल में भारत ने इंग्लैंड में 21 टेस्ट खेले हैं. लेकिन इसमें से उसे सिर्फ 4 में जीत मिली है. इंग्लैंड में खेले पिछले 10 टेस्ट में भारत सिर्फ दो जीत पाया है, जबकि 7 में से हार का सामना करना पड़ा है. टीम की इस हार की सबसे बड़ी वजह सलामी जोड़ी है. तेज गेंदबाजी के अनुकूल इंग्लैंड की कंडीशंस में भारतीय ओपनर्स हमेशा से जूझते रहे हैं. कम से कम बीते 20 साल का रिकॉर्ड तो यही कहानी बता रहा है.

    इस दौरान भारतीय टीम ने 10 बल्लेबाजों को बतौर ओपनर आजमाया. इसमें राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, शिखर धवन, दिनेश कार्तिक, संजय बांगर, वसीम जाफर, अभिनव मुकुंद, मुरली विजय और केएल राहुल शामिल हैं. लेकिन द्रविड़, सहवाग और गंभीर जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी इस रोल में फिट नहीं साबित हुए .सलामी जोड़ी की अहमियत हम न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में जान चुके हैं. इस मैच की दोनों पारियों में रोहित और शुभमन गिल की जोड़ी बड़ी साझेदारी नहीं कर सके. इसका असर मैच के नतीजे पर पड़ा और भारत को 8 विकेट से ये मुकाबला और टेस्ट चैम्पियनशिप का ताज गंवाना पड़ा.

    2007 में कार्तिक-जाफर की जोड़ी ने किया था कमाल
    ये कोई पहला मौका नहीं था, जब इंग्लैंड में भारतीय सलामी जोड़ी फेल रही. इंग्लैंड में खेले पिछले 21 टेस्ट में भारतीय सलामी जोड़ी ने सिर्फ एक बार शतकीय साझेदारी की है. ऐसा 2007 में हुआ था और तब टीम इंडिया ने राहुल द्रविड़ की कप्तानी में इंग्लैंड को उसी के घर में 3 टेस्ट की सीरीज में 1-0 से शिकस्त दी थी. उस सीरीज में भारत की जीत की सबसे बड़ी वजह दिनेश कार्तिक और वसीम जाफर की ओपनिंग जोड़ी रही थी. तब इस सलामी जोड़ी ने 6 पारियों में 53 से ज्यादा की औसत से 322 रन जोड़े थे.

    दोनों के बीच एक शतकीय और एक अर्धशतकीय साझेदारी हुई थी. नॉटिंघम में हुए सीरीज के तीसरे टेस्ट की पहली पारी में कार्तिक और जाफर ने 147 रन जोड़े थे. तब कार्तिक ने 77 और जाफर ने 62 रन बनाए थे और भारत ये टेस्ट 7 विकेट से जीता था.

    इस सीरीज की खास बात ये थी कि कप्तान द्रविड़ और टीम मैनेजमेंट ने ओपनिंग जोड़ी से कोई छेड़छाड़ नहीं की. कार्तिक और जाफर ही तीनों टेस्ट में बतौर ओपनर खेले. खिलाड़ियों पर कप्तान के इस विश्वास का असर सीरीज के नतीजे पर दिखा. भारत 1986 के बाद इंग्लैंड में सीरीज जीतने में सफल रहा. हालांकि, इसके बाद भारतीय ओपनर्स इंग्लैंड में ऐसा प्रदर्शन नहीं कर पाए.

    इंग्लैंड में ओपनिंग जोड़ी में बदलाव हार की बड़ी वजह बनी
    भारत को 2011, 2014 और 2018 तीनों सीरीज में इंग्लैंड के हाथों हार झेलनी पड़ी. इसकी वजह रही ओपनिंग जोड़ी में बार-बार बदलाव. 2011 के इंग्लैंड दौरे पर भारत ने चार अलग-अलग ओपनिंग जोड़ी का इस्तेमाल किया. सबसे ज्यादा तीन बार राहुल द्रविड़ और अभिनव मुकुंद ने पारी की शुरुआत की. लेकिन ये जोड़ी फेल रही. दोनों ने 3 पारियों में 8.33 की औसत से सिर्फ 25 रन जोड़े. गंभीर-मुकुंद की जोड़ी ने एक पारी में ओपनिंग की और 63 रन जोड़े. इसके अलावा द्रविड़ और सहवाग ने भी ओपनिंग की और इस जोड़ी ने 2 पारी में 28.50 की औसत से 27 रन जोड़े.

    2014 में भी नहीं चले भारतीय ओपनर्स
    2014 में भी टीम इंडिया का यही हाल रहा. तब भी भारत ने पांच टेस्ट की सीरीज में दो ओपनिंग जोड़ी का इस्तेमाल किया था और दोनों ही फेल रही. तब गंभीर और मुरली विजय की जोड़ी 4 पारियों में 10.75 की औसत से सिर्फ 43 रन जोड़ पाई. इस जोड़ी के बीच सबसे बड़ी पार्टनरशिप 26 रन की थी. गंभीर के अलावा धवन ने भी इस दौरे पर मुरली विजय के साथ पारी की शुरुआत की थी. लेकिन वो भी अपनी छाप नहीं छोड़ पाए.

    2014 में भारतीय ओपनर्स ने इंग्लैंड के खिलाफ 10 पारी में 21.90 की औसत से 219 रन जोड़े थे और सलामी जोड़ी के बीच सबसे बड़ी साझेदारी 49 रन की हुई थी. 2018 में भी टीम इंडिया को सलामी के संकट के कारण ही इंग्लैंड में हार झेलनी पड़ी. उस दौरे पर भी भारतीय ओपनर्स ने 10 पारी में 23.70 की औसत से 237 रन जोड़े थे. तब तीन बार सलामी बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 50 से ज्यादा रन जोड़े थे.

    इंग्लैंड के खिलाफ अगले महीने शुरू होने वाली सीरीज में भी भारत के सामने ओपनिंग जोड़ी का ही संकट है. रोहित के जोड़ीदार के रूप में मयंक अग्रवाल, अभिमन्यु ईश्वरन और केएल राहुल मौजूद हैं. टीम मैनेजमेंट इन तीनों में से जिस भी बल्लेबाज को रोहित का जोड़ीदार बनाती है, उसपर उसे भरोसा जताना होगा. तभी 2007 का नतीजा दोहराया जा सकता है.

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