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युवराज सिंह ने कहा-मैं मर जाऊं तब भी टीम इंडिया वर्ल्ड कप जीते, और फिर...

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Updated: March 20, 2020, 12:15 PM IST
युवराज सिंह ने कहा-मैं मर जाऊं तब भी टीम इंडिया वर्ल्ड कप जीते, और फिर...
युवराज सिंह ने आईसीसी वर्ल्ड कप 2011 के बाद खुलासा किया था कि उन्हें कैंसर था. (फाइल फोटो)

युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने आज ही के दिन 2011 विश्व कप (2011 World Cup) में वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ बेहतरीन शतक लगाया था.

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  • Last Updated: March 20, 2020, 12:15 PM IST
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नई दिल्ली. टीम इंडिया (Team India) के धुरंधर आलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहे हुए एक साल का वक्त बीत चुका है, लेकिन अब भी इस स्टाइलिश खिलाड़ी की गिनती दुनिया के सबसे जबरदस्त बल्लेबाजों में की जाती है. अपने करियर में युवी ने कई उपलब्धियां हासिल कीं. एक ओवर में छह छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया तो टीम इंडिया को 28 साल बाद विश्व ​कप जिताने में भी अहम योगदान दिया. भारत की 2011 की विश्व कप (2011 World Cup) जीत में युवी का योगदान इतना खास था कि उन्हें मैन आफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार भी दिया गया था.

आज ही के दिन दिलाई थी विश्व कप में विंडीज पर जीत
2011 विश्व कप (2011 World Cup) जीत और युवराज सिंह (Yuvraj Singh) की बात चली है तो बता दें कि 20 मार्च का दिन बेहद खास है. वो इसलिए क्योंकि युवराज सिंह ने इसी दिन 2011 विश्व कप के मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच विजयी पारी खेली थी. इतना ही नहीं, ये वो दिन भी है जब पूरी दुनिया ने युवराज सिंह को मैदान पर उल्टियां करते देखा था.

विराट के साथ 122 रन की साझेदारी



2011 के विश्व कप में युवराज (Yuvraj Singh) की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ ही आई थी. ग्रुप स्तर का ये मैच 20 मार्च को चेन्नई में खेला गया था. टीम इंडिया ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए थे, जिसके बाद युवराज सिंह और विराट कोहली ने मोर्चा संभाला. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 122 रन की साझेदारी की, जिसके बाद कोहली 59 रन बनाकर आउट हो गए.

मैदान पर की उल्टियां
विराट कोहली तो आउट हो गए, लेकिन युवराज सिंह (Yuvraj Singh) का जलवा जारी रहा. चेन्नई की धीमी पिच पर रन बनाना पहले ही इतना आसान नहीं था और फिर युवराज की हालत भी बिगड़ती चली गई. वे अचानक मैदान पर ही उल्टियां करने लगे. बाद में युवी ने एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा करते हुए कहा था, मैंने पहले सोचा कि उल्टियां चेन्नई के मौसम की वजह से आ रही हैं. मैं हमेशा से विश्व कप में शतक लगाना चाहता था, जो अब तक इसलिए नहीं हुआ था क्योंकि मैं छठे नंबर पर बल्लेबाजी करता था. लेकिन वीरेंद्र सहवाग के बाहर बैठने के बाद मुझे उपरी क्रम पर खेलने का मौका मिला और मैं इसे बर्बाद नहीं करना चाहता था. मैंने भगवान से प्रार्थना की कि कुछ भी हो जाए, भले ही इसके बाद मैं मर भी जाउं, लेकिन टीम इंडिया विश्व कप जरूर जीते. और फिर नतीजा सभी के सामने है.

विश्व कप का पहला शतक, दो विकेट और मैन आफ द मैच
इस मैच में युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने विश्व कप का अपना पहला शतक लगाया. बाएं हाथ के इस धाकड़ बल्लेबाज ने 123 गेंदों पर 113 रन की पारी खेली. इसमें उन्होंने दस चौके और दो छक्के भी लगाए. इस दौरान उनकी पारी का स्ट्राइक रेट 91.86 रहा. टीम इंडिया ने इस मैच में 268 रनों का स्कोर खड़ा किया. मगर युवराज की पार्टी अभी खत्म नहीं हुई थी और यही वजह रही कि उन्होंने गेंद से भी विंडीज बल्लेबाजों का जीना मुहाल कर दिया. युवीने अपने चार ओवरों में महज 18 रन देकर खतरनाक आंद्रे रसेल और डेवोन थॉमस को पवेलियन भेजा. इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन आफ द मैच चुना गया.

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First published: March 20, 2020, 12:15 PM IST
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