होम /न्यूज /खेल /'हर एक अच्छी यात्रा का अंत होता है...' झूलन गोस्वामी ने शेयर किया इमोशनल रिटायरमेंट नोट

'हर एक अच्छी यात्रा का अंत होता है...' झूलन गोस्वामी ने शेयर किया इमोशनल रिटायरमेंट नोट

झूलन गोस्मी ने रविवार को ट्विटर पर एक इमोशनल नोट शेयर किया है. (BCCI Women Twitter)

झूलन गोस्मी ने रविवार को ट्विटर पर एक इमोशनल नोट शेयर किया है. (BCCI Women Twitter)

Jhulan Goswmi Share Retirement Note: झूलन गोस्वामी ने अपने रिटायरमेंट के ऐलान के बाद आज झूलन गोस्वामी ने एक इमोशनल रिटा ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated :

हाइलाइट्स

झूलन गोस्वामी ने शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला.
झूलन ने टीम के लिए 12 टेस्ट, 204 एकदिवसीय और 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले.
उन्होंने विदाई मैच में दो विकेट लिये, उनके नाम अब वनडे में रिकॉर्ड 255 विकेट हो गए हैं.

नई दिल्ली. महान तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने शनिवार को अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला. भारतीय महिला टीम ने लॉर्ड्स में तीसरे और आखिरी वनडे में इंग्लैंड को 16 रन से हराकर सीरीज में क्लीनस्वीप कर झूलन गोस्वामी को ऐतिहासिक विदाई दी. झूलन ने भारतीय महिला टीम के लिए 12 टेस्ट, 204 एकदिवसीय और 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं. उन्होंने अपने विदाई मैच में दो विकेट लिये, इस तरह उनके नाम अब वनडे में 255 विकेट हो गए हैं. यह महिला वनडे मैचों में किसी महिला क्रिकेटर द्वारा सबसे अधिक विकेट का रिकॉर्ड है.

39 वर्षीय खिलाड़ी ने झूलन ने रविवार को ट्विटर पर एक इमोशनल नोट शेयर किया. झूलन ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई), बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) और भारतीय महिला क्रिकेट बोर्ड को सालों तक हर तरह के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया है.

उन्होंने लिखा, “मेरी क्रिकेट फैमिली और सभी के लिए. आखिरकार वह दिन आ गया है! जैसे हर यात्रा का अंत होता है, मेरी 20 साल से अधिक की क्रिकेट यात्रा आज समाप्त हो रही है, क्योंकि मैं क्रिकेट के सभी प्रारूपों से रिटायरमेंट की घोषणा करती हूं. अर्नेस्ट हेमिंग्वे ने कहा, “यात्रा का अंत होना अच्छा है; लेकिन वह यात्रा है जो अंत में मायने रखती है. मेरे लिए यह यात्रा सबसे संतोषजनक रही है. यह उत्साहजनक, रोमांचकारी रही है. मुझे दो दशकों से अधिक समय तक भारत की जर्सी पहनने और सेवा करने का सम्मान मिला है. मैंने अपनी पूरी क्षमता के साथ ये काम किया है. हर बार जब मैं एक मैच से पहले राष्ट्रगान सुनती थी तो गर्व की भावना से भर जाती थी.”

Jhulan Goswami

झूलन गोस्वामी ने अपने सभी चाहने वालों और टीम के साथी खिलाड़ियों का आभार जताया है.

अगली पीढ़ी को प्रेरित करने में सफल रही हूं: झूलन
झूलन गोस्वामी ने आगे कहा, “क्रिकेट ने मुझे पिछले कुछ वर्षों में कई उपहार दिए हैं, बिना किसी संदेह के सबसे महान और सबसे अच्छे. अपनी यात्रा में जिन लोगों से मिली हूं. मैंने जो दोस्त बनाए, मेरे प्रतियोगी, टीम के साथी, जिन पत्रकारों से मैंने बातचीत की, मैच अधिकारी, बोर्ड प्रशासक और लोग जो मुझे खेलते हुए देखना पसंद करते थे. मैं एक क्रिकेटर के रूप में हमेशा ईमानदार रही हूं और आशा करती हूं, मैं भारत और दुनिया में महिला क्रिकेट के विकास में योगदान देने में सक्षम रही हूं. मुझे उम्मीद है कि मैं अगली पीढ़ी को प्रेरित करने में सफल रही हूं. सभी का धन्यवाद करना चाहती हूं.”

झूलन ने 1997 में भारत के लिए खेलने का सपना देखा
“1997 में ईडन गार्डन्स में महिला विश्व कप फाइनल देखने के बाद से, भारत के लिए खेलना मेरा सपना था, और मैं बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड), सीएबी (क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल) का आभारी हूं। भारतीय महिला क्रिकेट संघ (WCAI) और एयर इंडिया के अधिकारियों ने मुझ पर विश्वास करने और मुझे अपने सपने को पूरा करने का अवसर देने के लिए।

बचपन के कोच का आभार जताना भी नहीं भूलीं झूलन
झूलन गोस्वामी ने अपने नोट में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) को धन्यवाद किया. कहा कि इसकी वजह से मैं सालों तक मुझे फिट रही और खेल पाई. मैं उन सभी कोचों, प्रशिक्षकों, फिजियो और ग्राउंड स्टाफ की आभारी हूं, जो इस यात्रा का अभिन्न अंग रहे हैं. मैंने जिन कप्तानों के साथ खेला है, उन सभी कप्तानों का शुक्रिया, मेरी क्षमताओं में विश्वास किया और मेरा आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद की. मैं अपने परिवार (मेरे माता-पिता, भाई-बहन) को धन्यवाद देना चाहती हूं, जो हर स्थिति में मेरे साथ खड़े रहे. मेरे दोस्तों को नहीं भूलना चाहिए, जो मेरे सबसे अच्छे आलोचक और सबसे बड़े समर्थक रहे हैं. अंत में, मैं अपने बचपन के कोच को धन्यवाद देना चाहती हूं कि उन्होंने मेरी कोशिश में मेरा साथ दिया.

झूलन ने कहा- मैंने क्रिकेट से प्यार किया है और इससे ज्यादा दिन दूर नहीं रहूंगी

“अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में मैंने अपनी जिंदगी के 20 वर्षों के हर पल को अपने साथियों के साथ मैदान और उससे बाहर जिया है. मैंने हमेशा अपने साथियों और क्रिकेट को प्यार किया है. यहां तक ​​कि एक पेशेवर खिलाड़ी के रूप में रिटायर होने के बाद भी, मैं कभी भी आपसे बहुत दूर नहीं रहूंगी. धन्यवाद.”

Tags: Hindi Cricket News, Indian Womens Cricket, Jhulan Goswami

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें