सभी जानते थे कि धोनी सभी मैच खेलेंगे, मुझे उनके रिटायर होने के बाद ही नियमित मौके मिले: ऋद्धिमान साहा

ऋद्धिमान साहा ने भारत के लिए 38 टेस्ट खेले हैं (Wriddhiman Saha/Twitter)

ऋद्धिमान साहा ने भारत के लिए 38 टेस्ट खेले हैं (Wriddhiman Saha/Twitter)

ऋद्धिमान साहा ने कहा, ''मैं भारत के लिए नियमित रूप से 2014 के बाद खेला. यह तब हुआ, जब माही भाई रिटायर हो गए. मैं 2018 तक लगातार खेलता रहा, शतक और अर्धशतक बनाता रहा. मैंने अच्छे रन बनाए.''

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नई दिल्ली. भारत के टेस्ट विशेषज्ञ ऋद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) को कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) सहित उनके साथियों के बीच उच्च दर्जा दिया गया है, जिन्होंने पहले उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर कहा था. हालांकि, साहा का करियर दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) की वजह से कहीं छिप गया था. इस टेस्ट स्पेशलिस्ट को टीम इंडिया में खेलने के लिए काफी इंतजार भी करना पड़ा. जब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया, उसके बाद ऋद्धिमान साहा को टेस्ट में अपनी नियमित जगह बनाने का मौका मिला.

ऋद्धिमान साहा ने 2019 में टेस्ट डेब्यू किया था, लेकिन उन्हें अपना दूसरा टेस्ट खेलने के लिए अगले दो साल तक इंतजार करना पड़ा था. धोनी 2014 में टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हुए थे. इसके बाद ही साहा विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के नियमित विकेटकीपर बन पाए. साहा ने हाल ही में धोनी के युग में खेलने पर खुलकर बात की और कहा कि हर कोई जानता था कि भारत के पूर्व कप्तान देश के लिए हर खेल खेलेंगे, जब तक वह खेल रहे हैं.

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ऋद्धिमान साहा ने क्रिकटेकर को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ''जब माही भाई टीम में थे तो सबको पता था कि हर मैच माही भाई खेलने वाले हैं. लेकिन मैं भी हर मौके को लपकने के लिए तैयार था.'' उन्होंने कहा, ''मेरा टेस्ट डेब्यू भी कुछ ऐसी ही परिस्थितियों में हुआ था. यह 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ था. मैनें खुद से कहा था कि मैं आज नहीं खेल रहा हूं लेकिन अचानक मुझे खेलना पड़ा. इसलिए तब से, मैंने इसे प्रैक्टिस में अपना प्वॉइंट बना लिया. मैं हर बार ऐसे ही प्रैक्टिस करता था कि जैसे मैं खेल खेलने वाला हूं. मुझे पता था कि मैं नहीं खेलूंगा, लेकिन मैंने तैयार रहना सुनिश्चित किया. शायद ज़रुरत पड़े तो. और अब भी मैं ऐसा ही करता हूं.''
साहा ने कहा कि धोनी के टेस्ट से संन्यास लेने तक उन्हें टीम इंडिया के लिए नियमित रूप से खेलने का मौका नहीं मिला, क्योंकि उन्हें अपने मौके का इंतजार करते हुए बैठना पड़ता था.नबहरहाल, साहा शिकायत नहीं कर रहे हैं और उन्हें लगता है कि मौका मिलने पर उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया.

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उन्होंने कहा, ''मैं भारत के लिए नियमित रूप से 2014 के बाद खेला. यह तब हुआ, जब माही भाई रिटायर हो गए. मैं 2018 तक लगातार खेलता रहा, शतक और अर्धशतक बनाता रहा. मैंने अच्छे रन बनाए. यह आसान है, अगर आपको दो साल में एक बार गेम मिलता है, तो यह काम नहीं करेगा. लेकिन यह सब टीम प्रबंधन को तय करना है.''



ऋद्धिमान साहा ने भारत के लिए अबतक 38 टेस्ट खेले हैं, जिसमें उन्होंने तीन शतक और पांच अर्धशतक के साथ 1251 रन बनाए हैं. साहा ने भारत के लिए नौ वनडे भी खेले हैं, जिसमें उन्होंने 41 रन बनाए हैं. यह विकेटकीपर-बल्लेबाज न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइल और इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम में शामिल हैं.

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