पिता की मौत पर रो भी नहीं पाए विराट कोहली, कप्‍तान ने खोला था बड़ा राज

पिता की मौत पर रो भी नहीं पाए विराट कोहली, कप्‍तान ने खोला था बड़ा राज
विराट कोहली के पिता प्रेम कोहली का निधन दिसंबर 2006 में हो गया था. (फाइल फोटो)

एक इंटरव्‍यू में विराट कोहली (Virat Kohli) ने बताया था कि उन्‍होंने अपने पिता को आखिरी सांस लेते हुए देखा था. आधी रात सभी आसपास के डॉक्‍टरों के यहां गए, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला था

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नई दिल्‍ली. भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के कप्‍तान विराट कोहली (Virat Kohli) की जिंदगी उनके पिता की मौत ने पूरी तरह से बदल दी. पिछले साल अमेरिकी स्‍पोर्टस रिपोर्टर ग्राहम बेनसिंगर (Graham Bensinger) के साथ बातचीत में उन्‍होंने इसका खुलासा किया था. कोहली ने बताया था कि उन्‍होंने पिता को आंखों के सामने आखिरी सांस लेते देखा. उनके निधन ने जिंदगी पर सबसे ज्‍यादा असर डाला था. उस समय उन्‍होंने अपने भाई से कहा था कि वह देश के लिए खेलना चाहते हैं और पिता का भी यही सपना था तो वे इसे पूरा करेंगे. बता दें कि कोहली के पिता प्रेम कोहली का निधन दिसंबर 2006 में हो गया था. उस समय विराट रणजी ट्रॉफी में दिल्‍ली के लिए खेल रहे थे.

पिता के निधन ने उन्‍हें मुश्किलों से लड़ना सिखाया
कोहली ने इंटरव्‍यू में बताया था कि किसी भी कारण से वह क्रिकेट का मैच नहीं छोड़ सकते थे और पिता के निधन के बाद उन्‍होंने यह तय कर लिया था कि क्रिकेट उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी. उन्‍होंने कहा कि पिता के निधन ने उन्‍हें मुश्किलों से लड़ना और बुरे समय का सामना करना सिखाया. जिस समय कोहली के पिता का देहांत हुआ उस समय वे कर्नाटक के खिलाफ खेल रहे थे. इसमें उन्‍होंने 90 रन बनाए थे.


पूरा परिवार रो रहा था लेकिन मैं सन्‍न था


कोहली ने बेनसिंगर को बताया कि उस समय मैं 4 दिनों का मैच खेल रहा था और जब यह सब (पिता का निधन) हुआ तो अगले दिन बल्‍लेबाजी जारी रखनी थी. सुबह के ढाई बजे उनका देहांत हुआ. हम सब जागे लेकिन उस समय हमें कुछ नहीं पता था. मैंने उन्‍हें आखिरी सांस लेते हुए देखा. हम आसपास के डॉक्‍टरों के यहां गए, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला. फिर हम उन्‍हें अस्‍पताल लेकर गए लेकिन दुर्भाग्‍य से डॉक्‍टर उन्‍हें बचा नहीं पाए. परिवार के सभी लोग टूट गए और रोने लगे, लेकिन मेरी आंखों से आंसू नहीं आ रहे थे. मैं समझ नहीं पा रहा था कि क्‍या हो गया और मैं सन्‍न था.'

चाहे जो हो क्रिकेट नहीं छोड़ना
कोहली ने कहा कि मैंने अपने कोच को सुबह फोन किया और जो कुछ भी हुआ उसके बारे में बताया. साथ ही कहा कि मैं आगे खेलना चाहता हूं क्‍योंकि चाहे कुछ हो क्रिकेट छोड़ना मंजूर नहीं था. मैदान पर गए तो मैंने एक दोस्‍त को बताया. उसने बाकी साथियों को खबर दी. जब ड्रेसिंग रूप में मेरे टीम साथी मुझे सांत्‍वना दे रहे थे तो मैं बिखर गया और रोने लगा.'

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भाई से इंडिया के लिए खेलने का वादा किया
इंटरव्‍यू में कोहली ने बताया था कि उन्‍हें अब लगता है कि उस समय ने उन पर सबसे बड़ा असर डाला. उन्‍होंने कहा, 'मैं मैच से आया और अंतिम संस्‍कार हुआ और मैंने भाई से वादा किया कि मैं इंडिया के लिए खेलूंगा. पिता हमेशा चाहते थे कि मैं इंडिया के लिए खेलूं और इसके बाद जीवन में सब कुछ दूसरे नंबर पर आ गया. क्रिकेट पहली प्राथमिकता बन गई.'

कोहली के पिता का निधन कार्डियक अरेस्‍ट के चलते हो गया था. इसके कुछ साल बाद ही कोहली ने वनडे के जरिए अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था. इसके बाद जो कुछ भी हुआ वह इतिहास बन चुका है.
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