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हाथ में लगा 'मक्खन', आंखों के आगे छाया अंधेरा, इन 5 वजहों से महिला टी20 वर्ल्ड कप हारा भारत

झूलन ने कहा, ‘आपको पता है कि ग्रुप चरण में हार के बाद आप वापसी कर सकते हो लेकिन नाकआउट में ऐसा नहीं होता. ऐसे हालात में मानसिकता बड़ी भूमिका निभाती है और कौशल से अधिक महत्वपूर्ण होती है. महिला टीम को ही नहीं पुरुष और अंडर-19 टीम को भी हाल में फाइनल में हार का सामना करना पड़ा है.'
झूलन ने कहा, ‘आपको पता है कि ग्रुप चरण में हार के बाद आप वापसी कर सकते हो लेकिन नाकआउट में ऐसा नहीं होता. ऐसे हालात में मानसिकता बड़ी भूमिका निभाती है और कौशल से अधिक महत्वपूर्ण होती है. महिला टीम को ही नहीं पुरुष और अंडर-19 टीम को भी हाल में फाइनल में हार का सामना करना पड़ा है.'

ICC Womens T20 World Cup Final: भारतीय टीम 85 रनों से हारी, ऑस्ट्रेलिया ने 99 रनों पर समेटा.

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मेलबर्न. महिला टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल (ICC Women's T20 World Cup Final) में भारतीय टीम को 85 रनों से करारी शिकस्त मिली. ऑस्ट्रेलिया के 20 ओवरों में 184 रनों के जवाब में टीम इंडिया महज 99 रन पर सिमट गई. बिना मैच गंवाए फाइनल तक पहुंचने वाली टीम इंडिया ने खिताबी मुकाबले में कई बचकानी गलतियां की जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा. आइए एक नजर डालते हैं टीम इंडिया की हार की पांच बड़ी वजहों पर.

हार की पहली वजह-हाथ में 'मक्खन'
फाइनल मैच में टीम इंडिया (Team India) ने बेहद खराब फील्डिंग की. पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर शेफाली वर्मा ने एलिसा हीली का कैच टपकाया वहीं चौथे ओवर में राजेश्वरी गायकवाड़ ने चौथे ओवर में मूनी का आसान कैच छोड़ा. ऐसा लगा मानो शेफाली और राजेश्वरी के हाथों में मक्खन लगा हो. भारत की खराब फील्डिंग उसके लिए मुसीबत का सबब बन गई. एलिसा हीली और मूनी ने पहले विकेट के लिए 115 रन जोड़ डाले. हीली ने 39 गेंदों में 75 और मूनी ने 54 गेंदों में नाबाद 78 रन बनाए.

हार की दूसरी वजह- बेहद खराब गेंदबाजी
फाइनल मैच का दबाव इतना ज्यादा रहा कि भारतीय टीम की गेंदबाज अपनी लाइन-लेंग्थ ही भूल गईं. भारतीय गेंदबाजों ने मैच में 20 चौके और 5 छक्के लगवा दिये. सीनियर गेंदबाज शिखा पांडे ने तो अपने चार ओवरों में 6 चौके और 3 छक्के पिटवा दिए और उन्होंने 24 गेंदों में 52 रन लुटाए. उनके अलावा राधा यादव और दीप्ति शर्मा भी खासी महंगी साबित हुईं. कुल मिलाकर भारतीय गेंदबाज ऑस्ट्रेलियाई टीम के आगे बिखर से गए.



हार की तीसरी वजह- खराब शॉट सेलेक्शन
185 रनों का लक्ष्य सामने देख भारतीय टीम के बल्लेबाजों का जैसे दिमाग ही चलना बंद हो गया और उन्होंने बेहद ही खराब शॉट खेल अपने विकेट गंवाए. शेफाली वर्मा जरूर अच्छी गेंद पर आउट हुईं, लेकिन स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur), जेमिमा रोड्रिग्ज ने बेहद खराब शॉट खेल अपने विकेट गिफ्ट में दिए. ऐसा लगा जैसे मानो इनकी आंखों के आगे अंधेरा छा गया हो.

हार की चौथी वजह- सीनियर्स का फ्लॉप रहना
टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में सीनियर खिलाड़ियों का योगदान देना अहम होता है लेकिन टीम इंडिया में ऐसा नहीं दिखा. इस पूरे टूर्नामेंट में हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्ज जैसी सीनियर खिलाड़ी का बल्ला खामोश रहा. ये तीनों खिलाड़ी मिलकर 14 पारियों में सिर्फ 164 रन बना सकीं. जबकि 16 साल की शेफाली ने अकेले ही पांच पारियों में 163 रन बना डाले.

हार की पांचवीं वजह- टॉस गंवाया
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल बेहद ही बड़ा टूर्नामेंट है ऐसे में टॉस अहम भूमिका अदा करता है. टीम इंडिया की कप्तान हरमनप्रीत की किस्मत ने सिक्के की बाजी में उनका साथ नहीं दिया, नतीजा भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी नहीं कर सकी. टॉस हारने के बाद टीम इंडिया की तेज गेंदबाज शिखा पांडे ने भी बयान दे दिया था कि वो टॉस हारने से निराश हैं.

हार के बाद फूट- फूटकर रोईं शेफाली वर्मा, बीच मैदान में कप्तान ने हाथ पकड़कर...
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