पंत की बल्लेबाजी के फैन हुए सौरव गांगुली, कहा- सभी फॉर्मेट में बनेंगे महान खिलाड़ी

सौरव गांगुली ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में शतक लगाने वाले ऋषभ पंत की तारीफ की है. ( Ganguly/Twitter)

सौरव गांगुली ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में शतक लगाने वाले ऋषभ पंत की तारीफ की है. ( Ganguly/Twitter)

पूर्व भारतीय कप्तान और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने भी शुक्रवार को इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में शतक लगाने वाले भारतीय विकेटकीपर ऋषभ पंत (Rishabh Pant) की तारीफ की.

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अहमदाबाद. पूर्व भारतीय कप्तान और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने भी शुक्रवार को इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में शतक लगाने वाले भारतीय विकेटकीपर ऋषभ पंत (Rishabh Pant) की तारीफ की. उन्होंने कहा कि पंत आने वाले सालों में तीनों फॉर्मेट में सर्वकालिक महान खिलाड़ी बनेंगे. दबाव में खेली पंत की शतकीय पारी को लेकर गांगुली ने कहा कि वह कितना शानदार है? अविश्वसनीय, दबाव में खेली गई शानदार पारी. न तो पहली बार और न ही आखिरी बार ऐसा होगा. आने वाले सालों में पंत सभी फॉर्मेट में एक महान बल्लेबाज बनेगें. इसी तरह से आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखें. वह मैच विजेता और विशेष खिलाड़ी बनें रहेंगे.

पंत की 118 गेंद में 101 रन की पारी से भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे दिन बड़ी बढ़त लेने में सफल रही. उन्होंने जिस तरह छक्का मारकर अपना शतक पूरा किया. उससे से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो कितने निडर बल्लेबाज हैं. 80 रन पर टीम इंडिया को चौथा झटका लगा था. अजिंक्य रहाणे (27 रन) को जेम्स एंडरसन ने कैच आउट कराया. यहां से रोहित ने पंत के साथ 5वें विकेट के लिए 41 रन की पार्टनरशिप कर पारी को संभाला, लेकिन वे आउट हो गए. अश्विन भी ज्यादा देर नहीं टिक सके, लेकिन पंत ने दूसरा छोर संभाले रखा. उन्होंने वॉशिंगटन सुंदर के साथ 7वें विकेट के लिए 158 गेंद पर 113 रन की पार्टनरशिप कर भारतीय टीम को इंग्लैंड पर बड़ी बढ़त दिलाई. ये मैच की पहली शतकीय साझेदारी भी रही. दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने पहली पारी में सात विकेट पर 294 रन बना लिए हैं. जिससे उसकी बढ़त 89 रन की हो गई है. ऐसे में तीसरे दिन अगर भारत इस बढ़त को 150 रन तक ले जाता है तो फिर इंग्लैंड की मुश्किलें बढ़ जाएंगी.

पंत कुछ समय पहले तक भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे. लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौर उनके करियर के अहम साबित हुआ. वहां उन्होंने कई मौकों पर टीम के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई. खासतौर पर सिडनी और ब्रिस्बेन टेस्ट में उनकी बल्लेबाजी की बदौलत ही टीम मैच में बनी रही और सीरीज 2-1 से जीतने में कामयाब रही. इसी प्रदर्शन का उन्हें इनाम भी मिला और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली पांच टी20 की सीरीज में भी उन्हें मौका दिया गया है.
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