फारुख इंजीनियर बोले- इंग्लैंड के खिलाड़ी IPL की वजह से हमारे तलवे चाटते हैं

पूर्व भारतीय विकेटकीपर फारुख इंजीनियर ने 1960 के शुरुआती सालों में लैंकशर की ओर से काउंटी क्रिकेट खेली थी. (Farokh Engineer Facebook)

पूर्व भारतीय विकेटकीपर फारुख इंजीनियर ने 1960 के शुरुआती सालों में लैंकशर की ओर से काउंटी क्रिकेट खेली थी. (Farokh Engineer Facebook)

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन के 8 साल पुराने ट्वीट के कारण निलंबित (Ollie Robinson Suspended) होने के बाद क्रिकेट में नस्लवाद का मुद्दा दोबारा गरमा गया है. इंग्लैंड में बस चुके पूर्व भारतीय विकेटकीपर फारुख इंजीनियर भी नस्लवाद का सामना कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि लैंकशर की ओर से काउंटी क्रिकेट खेलने के दौरान कई बार मेरे खिलाफ नस्लीय टिप्पणी हुई. लेकिन मैंने अपने खेल से इसका मुंहतोड़ जवाब दिया.

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नई दिल्ली. इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन के 8 साल पुराने ट्वीट के कारण निलंबित (Ollie Robinson Suspended) होने के बाद क्रिकेट में नस्लवाद का मुद्दा फिर गरमा गया है. पूर्व भारतीय विकेटकीपर फारुख इंजीनियर ने इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के रॉबिन्सन के निलंबन को गलत ठहराने के बयान पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि मैं अखबारों में प्रधानमंत्री जॉनसन के बारे में पढ़ रहा हूं. मझे लगता है कि किसी प्रधानमंत्री के लिए इस तरह के मामले में बयान देना बिल्कुल गलत है. मुझे लगता है कि इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें सस्पेंड करके बिल्कुल सही किया है. उन्होंने गलती की है, तो उसकी सजा मिलनी चाहिए और ये दूसरे खिलाड़ियों के लिए नजीर बननी चाहिए.

फारुख काफी सालों पहले इंग्लैंड में बस चुके हैं. उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में नस्लवाद को लेकर अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने खुलासा किया है कि कैसे उन्हें इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने के दौरान नस्लवाद का सामना करना पड़ा था. फारुख 1960 के शुरुआती सालों में लैंकशर की ओर से काउंटी क्रिकेट खेले थे. उन्होंने बताया कि जब मैं पहली बार काउंटी क्रिकेट खेलने यहां आया तो लोग अलग नजर से मुझे देखते थे कि ये भारत से आया है. लैंकशर की ओर से खेलते हुए मैंने एक-दो बार नस्लीय टिप्पणियों का सामना किया था. हालांकि, टिप्पणियां व्यक्तिगत नहीं होती थी. मुझे सिर्फ इसलिए निशाना बनाया जाता था कि मैं भारत से आया था और मेरे बोलने के लहजा अलग था.

मैंने नस्लवाद का मुंहतोड़ जवाब दिया था: फारुख

इस पूर्व विकेटकीपर ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि मेरी अंग्रेजी वास्तव में अधिकांश अंग्रेजों से बेहतर है. इसलिए जल्द ही उन्हें एहसास हुआ कि आप फारुख इंजीनियर के साथ खिलवाड़ नहीं करते हैं. उन्हें मैसेज मिल गया था. मैंने उन्हें जोरदाव जबाव दिया. इतना ही नहीं, मैंने अपने बल्ले और विकेटकीपिंग से खुद को साबित किया. मुझे बस गर्व था कि मैंने भारत के एक नुमाइंदे के तौर पर खुद को रखा औऱ देश की साख बढ़ाने का काम किया.
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'आईपीएल के कारण इंग्लिश खिलाड़ी हमारे आगे-पीछे घूमते हैं'



इंजीनियर ने हाल ही में कॉमेडियन साइरस ब्रोचा के साथ एक पॉडकास्ट में बात करते हुए खुलासा किया था कि कैसे भारतीय खिलाड़ियों को अक्सर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नस्लवाद का सामना करना पड़ता है. उन्होंने बताया कि कैसे इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जैफ्री बॉय़कॉट ने कॉमेंट्री के दौरान 'ब्लडी इंडियंस' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया. हालांकि, आईपीएल आने के बाद से हालात बदल चुके हैं और अब इंग्लिश खिलाड़ी ऐसा करने की हिमाकत नहीं करते.

'पैसों के कारण इंग्लिश खिलाड़ियों का रवैया बदला'

उन्होंने आगे कहा कि जब से आईपीएल शुरू हुआ है, इंग्लैंड के खिलाड़ी हमारे तलवे चाट रहे हैं. मुझे हैरानी होती है कि सिर्फ पैसे की वजह से, वे अब हमारे जूते चाट रहे हैं. लेकिन मेरे जैसे लोग जानते हैं कि शुरू में उनका रंग कैसा था. अब उन्होंने पैसों के चक्कर में अपना रवैया पूरी तरह बदल लिया है. इंग्लिश खिलाड़ियों को लगता है कि भारत में पैसे कमाए जा सकते हैं. फिर चाहें वो क्रिकेट न खेल रहे हों, लेकिन कॉमेंट्री या टीवी शो के जरिए वो ऐसा कर सकते हैं.

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