इस एक गलती ने कर दिया रायडू का करियर तबाह, वरना आज विराट से भी बड़े होते

अंबाती रायडू वर्ल्ड कप में खेलने का सपना देखने लगे थे, लेकिन ये सपना हकीकत में बदलने से पहले ही टूट गया. उन्होंने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं.

News18Hindi
Updated: July 3, 2019, 7:10 PM IST
इस एक गलती ने कर दिया रायडू का करियर तबाह, वरना आज विराट से भी बड़े होते
राडयू के करियर ने काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं...
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Updated: July 3, 2019, 7:10 PM IST
टीम इंडिया के बल्‍लेबाज अंबाती रायडू के अचानक संन्यास लेने के फैसले ने हर किसी को हैरान कर दिया है. वर्ल्ड कप में खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए सपना होता है. रायडू को छह साल पहले भारतीय टीम में पहली बार खेलने का मौका मिला. साल 2015 के बाद जब उन्हें मिडिल ऑर्डर में लगातार आजमाया जाने लगा तो उम्मीदें जगीं. रायडू वर्ल्ड कप में खेलने का सपना देखने लगे. लेकिन ये सपना हकीकत में बदलने से पहले ही टूट गया. रायडू ने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं.

शानदार टैलेंट
16 साल की उम्र में ही रायडू के बल्ले ने तहलका मचा दिया था. साल था 2002. रायडू ने अंडर 19 क्रिकेट खेलते हुए इंग्लैंड के खिलाफ 177 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली. इसके ठीक बाद उन्होंने रणजी में धमाकेदार डेब्यू किया. हैदराबाद के लिए खेलते हुए उन्होंने डबल सेंचुरी लगाई. साल 2004 में उन्होंने टीम इंडिया को अंडर 19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचाया.

कोच और अंपायर से झगड़ा

साल 2004-05 के रणजी सीज़न में रायडू की फॉर्म बेहद खराब रही. वो 11.92 की औसत से सिर्फ 155 रन ही बना सके. उस वक्त टीम के कोच राजेश यादव से उनका मनमुटाव हो गया. वो हैदराबाद से चले गए और आंध्र प्रदेश की टीम में शामिल हो गए. बाद में उनका अंपायर से झगड़ा हो गया और वो हैदराबाद की टीम में लौट आए.



आईसीएल से जुड़े
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साल 2007 में रायडू सिर्फ 19 साल के थे. तभी भारत में इंडियन क्रिकेट लीग (ICL) की शुरुआत हुई. इस लीग का बीसीसीआई ने विरोध किया था. लिहाजा आईसीएल खेलने के चक्कर में उन पर बैन लगा दिया गया.

बीसीसीआई से सुलह
साल 2009 में बीसीसीआई ने आईसीएल में शामिल होने वाले खिलाड़ियों से शर्तों के साथ बैन वापस ले लिया. रायडू को आईपीएल में खेलने का मौका मिल गया.

आईपीएल में धमाका
आईपीएल में उन्हें मुंबई की टीम से खेलने का मौका मिला. रायडू ने साल 2010 के आईपीएल में 356 रन बनाए. उस वक्त हरभजन सिंह ने उनकी जमकर तारीफ की थी और कहा था कि वो एक स्पेशल टैलेंट हैं. सचिन भी रायडू के टैलेंट के दीवाने थे.



2013 में इंटरनेशनल डेब्यू
27 साल की उम्र में रायडू को पहली बार अंतराष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका मिला. साल 2013 में उन्हें ज़िम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में जगह दी गई. उन्होंने डेब्यू मैच में ही 63 रनों की पारी खेल कर अच्छी शुरुआत की. इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ 121 रनों की पारी खेल कर तारीफें बटोरी.

2015 वर्ल्ड कप
साल 2015 के वर्ल्ड कप टीम में उन्हें जगह मिली. लेकिन उन्हें एक मैच में भी खेलने का मौका नहीं मिला. और फिर 2019 के वर्ल्ड कप में वो अच्छे प्रदर्शन के बावजूद टीम में जगह नहीं बना पाए.

न्यूजीलैंड दौरे पर कमाल
इस साल न्यूजीलैंड दौरे पर उन्होंने सबसे ज़्यादा रन बनाए. पांच पारियों में 63.33 की औसत से उनके बल्ले से 190 रन बने. लेकिन इसके बावजूद उन्हें वर्ल्ड कप की टीम में जगह नहीं मिली. आखिरकार जब मयंक अग्रवाल को घायल विजय शंकर की जगह बुलाया गया तो रायडू के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने संन्यास की घोषणा कर दी. अब आइसलैंड ने उन्हें अपने यहां नागरिकता देने का प्रस्ताव दिया है. देखना होगा कि रायडू आगे क्या करते हैं.

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First published: July 3, 2019, 3:25 PM IST
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