कोलकाता में ट्रैफिक कंट्रोल करने वाले दयानंद गरानी बने भारतीय टीम के थ्रो-डाउन विशेषज्ञ

ट्रैफिक कंट्रोल करने वाले दयानंद गरानी बने भारतीय टीम के थ्रो-डाउन विशेषज्ञ
ट्रैफिक कंट्रोल करने वाले दयानंद गरानी बने भारतीय टीम के थ्रो-डाउन विशेषज्ञ

नागरिक पुलिस वॉलंटियर के रूप में कोलकाता की व्यस्त सड़क पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने वाले दयानंद गरानी (Dayanand Garani) ने शायद कभी सोचा नहीं होगा कि वह विराट कोहली और दूसरे भारतीय बल्लेबाजों के सामने 22 गज की दूरी पर गेंद लेकर खड़े होंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 8, 2020, 7:45 PM IST
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कोलकाता. नागरिक पुलिस वॉलंटियर के रूप में कोलकाता की व्यस्त सड़क पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने वाले दयानंद गरानी (Dayanand Garani) ने शायद कभी सोचा नहीं होगा कि वह विराट कोहली और दूसरे भारतीय बल्लेबाजों के सामने 22 गज की दूरी पर गेंद लेकर खड़े होंगे. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने वाली भारतीय टीम (Indian Cricket Team) के दुबई के बायो-बबल में जब किसान पिता के 28 साल के इस बेटे ने थ्रो-डाउन विशेषज्ञ के रूप में प्रवेश किया तो उन्हें भी लगा कि सपने भी सच होते हैं.

पूर्वी मिदनापुर जिले के सूदूर गांव जमातिया के इस थ्रो-डाउन विशेषज्ञ ने दुबई से पीटीआई-भाषा को फोन पर बताया, ''मुझे जब इस बारे में बताया गया था तब मैं हैरान रह गया था, इसे मानने में मुझे थोड़ा समय लगा. जब मैंने इस बारे में अपने पिता को बताया तो वह भी चौंक गए और उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया.''

थ्रो-डाउन विशेषज्ञ का काम बल्लेबाजों को तेज गेंदबाजी के खिलाफ अभ्यास कराना होता है. गरानी इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सत्र में किंग्स इलेवन पंजाब का हिस्सा है. टूर्नामेंट में टीम का अभियान खत्म होने के बाद वह भारत आने की तैयारी कर रहे थे तभी बीसीसीआई ने उनसे संपर्क कर के बताया कि वह ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जायेंगे. टीम के नियमित थ्रो-डाउन विशेषज्ञ रघवेन्द्र (रघु) कोविड-19 की चपेट में है.



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गरानी ने कहा, ''अपने पूरे जीवन में मैंने देश की सेवा करने का सपना देखा है और मेरे लिए यह एक मौका है. मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह इतनी जल्दी आएगा. उन्होंने आईपीएल के दौरान मुझमें कुछ देखा होगा. यह वास्तव में मेरी जिंदगी का अहम मोड़ है.''

आईपीएल कर तुलना में हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चुनौती बहुत बड़ी होगी लेकिन नागरिक पुलिस का चुनौतीपूर्ण काम करने वाले गरानी के लिए यह ज्यादा परेशान करने वाला नहीं होगा. कोहली और भारतीय टीम के अन्य बल्लेबाजों को अभ्यास करने के लिए तैयार गरानी ने कहा, ''मैं इस नई चुनौती के लिए सब कुछ कुर्बान करने को तैयार हूं.'' लगातार तीन घंटे तक 140 से अधिक की गति से गेंदबाजी (थ्रो-डाउन) करना मुश्किल काम है लेकिन गरानी इस चुनौती के लिए तैयार है.

बेहद गरीबी में बचपन गुजारने वाले गरानी ने कहा, ''बचपन में मैं जिमनास्ट और शारीरिक तौर पर काफी मजबूत था. बाउंसर, यॉर्कर या फुल लेंग्थ , बल्लेबाज जैसा चाहे मैं वैसी गेंदबाजी के लिए तैयार हूं.'' गरानी ने नागरिक पुलिस के तौर पर काम करते हुए क्रिकेट टूर्नामेंटों में स्थानीय स्तर पर कोलकाता पुलिस का प्रतिनिधित्व किया है.

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वह बंगाल के ट्रेनर संजीव हारू दास के संपर्क में आने के बाद 2016 में आंध्र रणजी टीम से जुड़े जहां उन्होंने टेस्ट विशेषज्ञ हनुमा विहारी और भारतीय अंडर-19 टीम के पूर्व कप्तान रिकी भुई को थ्रो-डाउन पर अभ्यास करवाया था. यही पर पंजाब के को मुनीश बाली ने उनका नाम किंग्स इलेवन पंजाब के लिए सुझाया.

गरानी ने कहा कि लोकेश राहुल, क्रिस गेल और अनिल कुंबले के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना शानदार रहा. उन्होंने कहा, ''आईपीएल से मेरी बहुत सारी सुखद यादें हैं. यह एक शानदार अनुभव था और सभी ने मेरे काम को पसंद किया और कहा कि मेहनत करते रहो.''
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