2011 वर्ल्ड कप में टॉस के दौरान शाहिद अफरीदी के विवादित बयान को गंभीर ने किया याद

IND vs ENG: गौतम गंभीर किसी भी मुद्दे पर अपनी राय बेबाकी से रखते हैं (Gautam Gambhir/Instagram)

IND vs ENG: गौतम गंभीर किसी भी मुद्दे पर अपनी राय बेबाकी से रखते हैं (Gautam Gambhir/Instagram)

IND vs ENG: गौतम गंभीर ने आईसीसी वर्ल्ड कप 2011 के दौरान शाहिद अफरीदी के अजीबोगरीब कमेंट का जिक्र किया. महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में भारत ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराकर फाइनल की रेस से बाहर कर दिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 24, 2021, 11:58 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) और पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेट शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) दोनों ही अपने गर्म मिजाज के लिए जाना जाता है. खासतौर पर दोनों खिलाड़ियों के बीच जुबानी जंग 2007 से चल रही है, जब दोनों देशों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ था. गंभीर हमेशा ही अफरीदी पर यह आरोप लगाते रहे हैं कि वह 'जेंटलमैन्स गेम' का राजनीतिकरण करने में लगे हैं. वह यह भी कहते हैं कि 2011 के वर्ल्ड कप (ICC ODI World cup 2011), जिसे भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश में आयोजित किया था, अफरीदी ने इसका राजनीतिकरण किया था.

गौतम गंभीर भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोबारा शुरू किए जाने के विचार पर बोल रहे थे. भारतीय ओपनर और दो बार विश्व विजेता टीम के सदस्य रहे गंभीर ने अफरीदी का जिक्र सम्मान के साथ किया. गंभीर ने आईसीसी वर्ल्ड कप 2011 के दौरान शाहिद अफरीदी के अजीबोगरीब कमेंट का जिक्र किया. महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में भारत ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराकर फाइनल की रेस से बाहर कर दिया था.

IND vs ENG: विराट कोहली ने किया कुछ ऐसा, ICC ने पूछा- ऐसा क्या है जो आप नहीं कर सकते?

गौतम गंभीर ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, ''2011 के सेमीफाइनल में अफरीदी ने कहा था कि वह कश्मीरियों के लिए टॉस जीतना चाहते हैं. यह अपमानजनक टिप्पणी थी. हम पाकिस्तान के मसलों पर बात नहीं करते तो उन्हें भी हमारे मसलों पर बात नहीं करनी चाहिए. वे अपनी समस्याएं सुलझाएं, हम अपनी.'' 2011 के वर्ल्ड कप में गौतम गंभीर स्टार के रूप में सामने आए थे.
IND VS ENG: इशांत शर्मा का दर्द- ‘धोनी ने कहा था लंबू तुमने मुझे अंतिम टेस्ट में बीच में छोड़ दिया’

गौतम गंभीर गंभीर की राय है कि उस समय टॉस को शाहिद अफरीदी ने राजनीतिक रंग दे दिया था. भारतीय ओपनर ने 2011 के वर्ल्ड कप की जीत को 26/11 के हमले में मारे गए लोगों को समर्पित किया था. गंभीर ने कहा, ''लेकिन अफरीदी ने टॉस का राजनीतिकरण किया. इस बात को किसी ने नहीं सराहा. जब हम मैच जीत गए तो मैंने इस जीत को मुंबई हमले में मारे गये लोगों को समर्पित किया. मेरा स्टैंड अब भी वही है. मैं वही कहता हूं, जिस पर मुझे भरोसा होता है.''

पूर्व क्रिकेटर और भाजपा के मौजूदा सांसद ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ सीरीज शुरू करने की कोई जरूरत नहीं है. जब तक कश्मीर में आतंकवाद खत्म नहीं हो जाता. उन्होंने कहा, ''मेरा यह स्टैंड तब से है, जब मैं राजनीति में भी नहीं था.''
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज