पिता नवाब पटौदी को बताया 'झूठा' तो ज्‍योफ्री बॉयकॉट पर गुस्‍से से लाल हो गए थे सैफ अली खान

पिता नवाब पटौदी को बताया 'झूठा' तो ज्‍योफ्री बॉयकॉट पर गुस्‍से से लाल हो गए थे सैफ अली खान
सैफ अली खान ने कहा कि उनके पिता के लिए क्रिकेट सिर्फ एक खेल था (फाइल फोटो )

सैफ अली खान (saif ali khan) ने बताया कि ज्‍योफ्री बॉयकॉट (geoffrey boycott) को संदेह था कि उनके पिता नवाब पटौदी एक आंख के साथ टेस्‍ट क्रिकेट खेले

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 18, 2020, 10:17 PM IST
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नई दिल्‍ली. दिग्‍गज बॉलीवुड अभिनेता और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्‍तान नवाब पटौदी (Mansoor Ali Khan Pataudi) के बेटे सैफ अली खान (Saif Ali Khan) ने खुलासा किया कि इंग्‍लैंड के पूर्व बल्‍लेबाज ज्‍योफ्री बॉयकॉट (geoffrey boycott) की बात सुनकर उन्‍हें गुस्‍सा आ गया था. सैफ ने खुलासा किया कि बॉयकॉट ने एक बार उनके पिता की दृष्टिदोष पर संदेह किया था और कड़वी बात कही थी.

पटौदी ने 1961 से 1975 के बीच भारत के लिए 46 टेस्‍ट मैच खेले, जिसमें से 40 मैच में उन्‍होंने कप्‍तानी की. उन्‍होंने 1967 में न्‍यूजीलैंड में विदेशी धरती पर भारत को पहली बार सीरीज में जीत दिलाई थी. पटौदी ने 34.91 की औसत से 2 हजार 793 रन बनाए, जिसमें 6 शतक और 16 अर्धशतक शामिल हैं. टाइगर पटौदी ने 22 सितंबर 2011 को दुनिया को अलविदा कह दिया था. उन्‍होंने ज्‍यादातर मैच अपनी दाहिनी आंख के बिना ही खेला. 1961 में इंग्‍लैंड में एक कार एक्‍सीडेंट में उन्‍होंने अपनी दाहिनी आंख खो दी थी.

एक आंख के साथ टेस्‍ट क्रिकेट खेलना संभव नहीं
स्‍पोर्ट्सकीड़ा को दिए इंटरव्‍यू में सैफ ने खुलासा किया कि कैसे वह अपने पिता के बारे में बॉयकॉट की टिप्‍पणी सुनकर गुस्‍से से लाल हो गए थे. सैफ ने कहा कि बॉयकॉट ने एक दिन मुझे गुस्‍सा दिला दिया था. इंग्लिश बल्‍लेबाज ने कहा कि मैंने आपके पिता के बारे में सुना है. एक आंख से टेस्‍ट क्रिकेट खेलना संभव नहीं है. मैंने इसके बाद उनसे कहा कि यदि उन्‍हें लगता है कि मेरे पिता झूठ कह रहे हैं तो इसके जवाब में बॉयकॉट ने कहा कि हां, वह इसे बना रहे हैं.
सैफ ने कहा कि मैंने यह बात अपने पिता को बताई थी और वह भी वास्‍तव से नाराज थे. उन्‍होंने कहा कि मैं दोनों आंखों से काफी अच्‍छा था. मैं सिर्फ एक के साथ भी अच्‍छा हूं. दिग्‍गज अभिनेता ने कहा कि यह एकमात्र अभिमानी टिप्‍पणी भी, जिसे मैंने कभी उनसे सुना था.



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49 साल के सैफ ने अपने पिता ने केयर फ्री व्‍यवहार के बारे में भी बात की और बताया कि कैसे क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक खेल था. सैफ ने कहा यदि उनके पिता दौरे पर नहीं जाना चाहते थे तो वह कहेंगे कि वह उपलब्‍ध नहीं हैं. वह कहते थे कि यह सिर्फ एक खेल है और 60 के दशक में वह इसमें अपनी दिलचस्‍पी खो रहे थे, क्‍योंकि उन्‍हें बहुत ज्‍यादा क्रिकेट लगने लगा था.
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