हैप्पी बर्थडे: कौन सौरव गांगुली के लिये दे सकता है जान, क्यों हैं दादा इतने महान?

हैप्पी बर्थडे: कौन सौरव गांगुली के लिये दे सकता है जान, क्यों हैं दादा इतने महान?
सौरव गांगुली 48 साल के हुए

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) का आज 48वां जन्मदिन है, दुनियाभर में फैंस उन्हें बधाई दे रहे हैं

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नई दिल्ली. लॉर्ड्स की बालकनी में जर्सी लहराना, विरोधी को उसकी धरती पर धूल चटाना. हालात कैसे भी हों, लेकिन हर हाल में जीत पाना...ये थी सौरव गांगुली की वो खासियत जो उन्हें सभी भारतीय क्रिकेटर्स से अलग करती है. सौरव गांगुली (Happy Birthday Sourav Ganguly) आज 48 साल के हो गए हैं. दुनियाभर में फैंस उनका जन्मदिन मना रही है. गांगुली ने अपने करियर में कई रिकॉर्ड बनाए, कई टूर्नामेंट जीते. उन्होंने टीम इंडिया को फर्श से अर्श तक पहुंचाया लेकिन अपने करियर में गांगुली ने जो सबसे बड़ी चीज हासिल की, वो है सम्मान. सिर्फ भारतीय क्रिकेटर ही नहीं बल्कि विदेशी खिलाड़ी भी गांगुली की बहुत इज्जत करते हैं. आइए आपको बताते हैं गांगुली के बारे में क्या सोचते हैं दिग्गज खिलाड़ी और कौन उनके लिये जान तक दे सकता है.

गांगुली के मुरीद महान कप्तान
महेंद्र सिंह धोनी को इंटरनेशनल कैप कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) के हाथों ही मिली थी. गांगुली के बारे में धोनी का कहना है, 'ईमानदारी से कहूं तो सौरव गांगुली टीवी स्क्रीन पर अलग दिखते हैं लेकिन जब आप उन्हें मिलते हैं तो वो बहुत ही नेक दिन इंसान हैं.'

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज कप्तान स्टीव वॉ भी गांगुली को सलाम करते हैं. स्टीव वॉ का कहना है, 'जब आप भारतीय टीम को देखते हैं और उसमें सौरव गांगुली का नाम भी शामिल होता है, तो आप समझ जाते हैं कि अब मुकाबला होना तय है. आप गांगुली को पसंद या नापसंद नहीं कर सकते. आपको उन्हें इज्जत देनी होती है.'
लक्ष्मण, सचिन और द्रविड़ के गांगुली पर विचार


वीवीएस लक्ष्मण तो सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की स्पिनर्स के खिलाफ बल्लेबाजी के कायल थे. वीवीएस लक्ष्मण ने एक बार कहा था, 'गांगुली के अंदर सिर्फ बाउंड्री पार कराने की क्षमता नहीं है, वो स्पिनर्स के खिलाफ स्टेडियम तक पार करा सकते हैं. सौरव गांगुली स्पिनर्स के कातिल हैं.'

राहुल द्रविड़ ने तो गांगुली को ऑफ साइड का भगवान करार दिया था. राहुल द्रविड़ ने कहा था, 'ऑन साइड पर भगवान है और फिर ऑफ साइड पर सौरव गांगुली.'

सचिन तेंदुलकर भी सौरव गांगुली के कायल हैं. इन दोनों दिग्गजों के नाम वनडे में सबसे ज्यादा रन जोड़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड आज भी कायम है. सचिन ने सौरव के बारे में कहा था, 'सौरव की सबसे बड़ी ताकत उनका दिमाग है. वो बहुत मेहनती हैं, सिर्फ नेट्स में नहीं बल्कि मानसिक तौर पर भी. वो जबर्दस्त वापसी करते हैं.'

गांगुली ने किया सहवाग के लिए त्याग
वीरेंद्र सहवाग को टेस्ट क्रिकेटर बनाने का श्रेय गांगुली (Sourav Ganguly) को ही जाता है. सहवाग का मानना है कि अगर गांगुली नहीं होते तो वो शायद कभी टेस्ट क्रिकेटर नहीं बन पाते. सहवाग का गांगुली पर कहना है, 'गांगुली ने मुझे टेस्ट क्रिकेटर बनाने के लिए मेरे लिए अपनी ओपनिंग पोजिशन छोड़ी.'

गांगुली के लिये जान दे सकते हैं युवराज
युवराज सिंह भी सौरव गांगुली की खोज माने जाते हैं. युवराज सिंह उन्हें भारतीय क्रिकेट का सबसे अच्छा कप्तान मानते हैं. युवराज सिंह का कहना है, 'एमएस धोनी बहुत अच्छे हैं लेकिन सबसे बेस्ट सौरव गांगुली हैं. मैं उनके लिये जान भी दे सकता हूं.'

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'अपना भाई भी गांगुली जितनी मदद नहीं करता'
हरभजन सिंह का करियर भी सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की कप्तानी में ही बना. हरभजन सिंह उन्हें अपने बड़े भाई की तरह मानते हैं. एक इंटरव्यू में हरभजन सिंह ने कहा था, 'दादा का मतलब बड़ा भाई होता है. मेरा कोई बड़ा भाई नहीं है, अगर होता तो भी गांगुली जितना नहीं कर पाता. मुश्किल दौर में सौरव गांगुली ने मेरा हाथ थामा. मैं इनके साथ मरते दम तक खड़ा रहूंगा. हमारी कौम में यही सिखाया जाता है. अगर कोई अपना हाथ पकड़ाता है तो, फिर उसे कभी नहीं छोड़ते. गांगुली हमेशा मेरे कप्तान रहेंगे.'
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