Happy Birthday Mohammed Shami:1376 किमी. का सफर तय करने से बदली मोहम्मद शमी की किस्मत

Happy Birthday Mohammed Shami:1376 किमी. का सफर तय करने से बदली मोहम्मद शमी की किस्मत
मोहम्मद शमी का 30वां जन्मदिन

30 साल के हुए टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Happy Birthday Mohammed Shami)

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 3, 2020, 1:02 PM IST
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नई दिल्ली. उसके पास रफ्तार है, उसके पास स्विंग है, उसकी गेंद रिवर्स स्विंग होती है, नतीजा बल्लेबाजों की शामत. बात हो रही है टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की जिनके लिए 3 मार्च का दिन बेहद ही खास है. आज मोहम्मद शमी का जन्मदिन (Happy Birthday Mohammed Shami) है और साल 1990 में पैदा हुआ ये तेज गेंदबाज 30 साल का हो गया है. मोहम्मद शमी ने भारत के लिए 49 टेस्ट में 180 विकेट झटके हैं. 77 वनडे में वो 144 विकेट अपने नाम कर चुके हैं. शमी ने 11 टी20 मैचों में 12 विकेट भी लिये हैं. शमी के ये आंकड़े उनकी कामयाबी को दर्शातें हैं लेकिन इस तेज गेंदबाज के लिए फर्श से अर्श तक का सफर इतना भी आसान नहीं था.

मोहम्मद शमी कैसे पहुंचे फर्श से अर्श पर
आज शमी (Happy Birthday Mohammed Shami) का नाम दुनिया के सबसे अच्छे तेज गेंदबाजों में होती है लेकिन एक समय ऐसा भी था जब इस खिलाड़ी को अपना भविष्य अंधकार में जाता दिख रहा था. शमी का जन्म 1990 में यूपी के अमरोहा में एक किसान परिवार में हुआ. पिता जवानी में अच्छा क्रिकेट खेलते थे तो बेटे के अंदर भी वही गुण आए और अपने पिता की तरह ही शमी को भी तेज गेंदबाजी पसंद थी.

शमी (Happy Birthday Mohammed Shami) ने क्रिकेटर बनने का ख्वाब देखा और उसे बुनने के लिए उन्होंने घर से 22 किमी. दूर मुरादाबाद में एक क्रिकेट एकेडमी जॉइन कर ली. कोच बदरुद्दीन सिद्दीकी थे और शमी का टैलेंट देखकर वो दंग रह गए. शमी की गेंदों की धार ने पूरे मुरादाबाद में तहलका मचा दिया लेकिन इसके बावजूद उनका सेलेक्शन यूपी अंडर-19 में नहीं हो पाया. वो इसलिए क्योंकि शुरुआती दिनों में सिर्फ टैलेंट काम नहीं आता, पैसा और राजनीति भी कोई चीज होती है.
1376 किमी. का सफर, जिसने बदली शमी की किस्मत


यूपी क्रिकेट की राजनीति देख मोहम्मद शमी और उनके कोच बदरुद्दीन सिद्दीकी ने उनके परिवार को एक बड़ी सलाह दी. कोच ने शमी को अमरोहा से 1376 किमी. दूर कोलकाता शहर जाकर मौके तलाशने को कहा. कोच की बात मानकर शमी डलहौजी एथलेटिक क्लब चले गए जहां उनपर देवब्रत दास की नजर पड़ी, जो कि बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के संयुक्त सचिव थे. शमी को दास ने अपने टाउन क्लब में 75 हजार रुपये का कॉन्ट्रैक्ट दिला दिया. दास ने शमी को अपने घर पर रखा लेकिन इसके बावजूद ये तेज गेंदबाज बंगाल की अंडर 22 टीम में जगह नहीं बना सका.

शमी के लिए दास ने कोलकाता के सेलेक्टर समरबन बनर्जी से उनके टैलेंट को देखने के लिए कहा और वो इस तेज गेंदबाज से बेहद प्रभावित हो गए. शमी को बंगाल अंडर 22 टीम में मौका मिल गया. इसके बाद शमी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. शमी को मोहन बागान क्लब में खेलने के लिए भेजा गया जहां उन्होंने नेट्स पर सौरव गांगुली को गेंदबाजी की. गांगुली ने शमी को बेहद ही प्रतिभावान पाया और उन्होंने मैनेजमैंट को उनका खास ख्याल रखने के लिए कहा. साल 2010 में शमी ने रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया और असम के खिलाफ 3 विकेट झटके. साल 2012 में शमी को इंडिया ए टीम में चुना गया और उन्होंने उस मैच में पुजारा के साथ 73 रनों की साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई. साल 2012-13 सीजन में शमी ने हैट्रिक समेत कई मैच विनिंग परफॉर्मेंस दी और साल 2011 में ये तेज गेंदबाज आईपीएल और उसके बाद 2013 में टीम इंडिया में नजर आया. उसके बाद से शमी अपनी तेज गेंदबाजी से देश का नाम रौशन करते आ रहे हैं और उम्मीद है कि अभी वो भारत को कई मैच जिताएंगे.
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