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Happy Birthday MS Dhoni: महेंद्र सिंह धोनी के 7 फैसले, जिन्हें देख दुनिया रह गई दंग

HBD MS Dhoni: महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम को न सिर्फ टेस्ट में नंबर-1, बल्कि वनडे का विश्व विजेता भी बनाया था. ( MS Dhoni Instagram)

HBD MS Dhoni: महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम को न सिर्फ टेस्ट में नंबर-1, बल्कि वनडे का विश्व विजेता भी बनाया था. ( MS Dhoni Instagram)

Happy Birthday MS Dhoni: महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने 15 साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेली. वो टी20, वनडे और चैम्पियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) जीतने वाले दुनिया के इकलौते कप्तान हैं. उन्होंने करियर के दौरान कई बार अपने फैसलों से सबको चौंकाया. फिर चाहें 2007 विश्व कप का फाइनल ओवर जोगिंदर शर्मा (Joginder Sharma) से करवाना हो या 2011 विश्व कप के खिताबी मुकाबले में खुद ऊपर बल्लेबाजी करने का फैसला.

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    नई दिल्ली. महेंद्र सिंह धोनी चालीस बरस के हो गए. आज उनका जन्मदिन (MS Dhoni Birthday) है. उन्होंने 15 साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला. इस दौरान धोनी बतौर बल्लेबाज, विकेटकीपर और कप्तान तीनों भूमिकाओं में सफल रहे. उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 में दक्षिण अफ्रीका में हुआ पहला टी20 विश्व कप (2007 T20 WC) जीता था. इसके चार साल बाद धोनी की ही अगुवाई में भारत वनडे का विश्व चैम्पियन बना और फिर 2013 में चैम्पियंस ट्रॉफी जीतकर उन्होंने आईसीसी खिताबों की हैट्रिक पूरी की. उनकी पहचान हमेशा 'कैप्टन कूल' के तौर पर रही. लेकिन वो हमेशा अपने फैसलों से साथी खिलाड़ियों, क्रिकेट के जानकारों को चौंकाते रहे.

    आइए जानते हैं धोनी के 40वें जन्मदिन पर उनसे जुड़े वो 7 फैसले जिन्हें देख दुनिया भी दंग रह गई थी.

    2007 टी20 विश्व कप फाइनल
    2007 में पहली बार टी20 विश्व कप हुआ था और पहले ही सीजन में भारत और पाकिस्तान की टीमें फाइनल में पहुंचीं थी. इस मुकाबले में भी धोनी ने बतौर कप्तान अपने फैसले से सबको चौंका दिया था. मैच के आखिर ओवर में पाकिस्तान को जीतने के लिए 13 रन चाहिए थे और एक विकेट बाकी था. मिस्बाह-उल-हक क्रीज पर थे और वो 37 रन पर खेल रहे थे. ऐसे मौके पर धोनी ने अनुभवी हरभजन सिंह की बजाय जोगिंदर शर्मा को गेंद थमाकर सबको हैरान कर दिया. जोगिंदर के ओवर की तीसरी गेंद पर मिस्बाह ने शॉर्ट फाइन लेग पर पैडल शॉट लगाया. लेकिन गेंद सीधे श्रीसंत के हाथों में गई और भारत ये मैच 5 रन से जीत गया.

    2008 सीबी सीरीज
    2008 में धोनी ने ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका के खिलाफ ट्राई सीरीज से पहले दो पूर्व कप्तानों सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ को टीम से ड्रॉप कर दिया था. तब ये खबरें भी आई थी कि धोनी ने फील्डिंग पर जोर देने के लिए ये फैसला लिया था. उनके इस फैसले की काफी आलोचना भी हुई थी. लेकिन, इसी एक निर्णय के कारण भारतीय क्रिकेट में बड़ा बदलाव आया और फील्डिंग और फिटनेस टीम में बने रहना का जरूरी मापदंड बना. द्रविड़, गांगुली को टीम से ड्रॉप करने के बाद भी धोनी सीबी सीरीज जीतने में सफल रहे. तब टीम इंडिया पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टाई सीरीज जीती थी.

    2011 विश्व कप फाइनल 
    2011 वनडे विश्व कप के फाइनल में भारत को श्रीलंका के खिलाफ जीत के लिए 275 रन का लक्ष्य मिला था और उसके 114 रन पर तीन विकेट गिर चुके थे. चौथे नंबर पर युवराज सिंह को आना था, लेकिन धोनी ने इस नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरकर सबको चौंका दिया. तब धोनी ने नाबाद 91 रन की पारी खेल भारत को 28 साल बाद विश्व चैम्पियन बनाया था. श्रीलंका के तेज गेंदबाज नुवान कुलशेखरा की गेंद पर उनका मैच जिताऊ छक्का आज भी लाखों क्रिकेट प्रशंसकों के मन में बसा हुआ है.

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    2012 सीबी सीरीज (भारत, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका)
    2012 में श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच ट्राई सीरीज खेली थी. ऑस्ट्रेलिया में हुई इस सीरीज के दौरान भी धोनी ने बेहतर फील्डर्स को प्लेइंग-11 में शामिल करने के लिए सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर को लगातार रोटेट किया था. हालांकि, फैंस और दिग्गजों ने उनके इस फैसले की आलोचना की थी. धोनी का ये फैसला टीम के हक में नहीं गया और भारत ट्राई सीरीज के फाइनल में नहीं पहुंच पाया.

    2013 चैम्पियंस ट्रॉफी में रोहित से ओपनिंग कराना
    महेंद्र सिंह धोनी ने 2013 की चैम्पियंस ट्रॉफी में रोहित शर्मा को बतौर ओपनर प्रमोट करने का फैसला किया था. रोहित फॉर्म से जूझ रहे थे, लेकिन जैसे ही उन्हें ओपनिंग का मौका मिला, उनका पूरा खेल ही बदल गया. शिखर धवन और रोहित की सलामी जोड़ी ने धमाल मचा दिया. रोहित ने पांच मैच में 177 रन बनाए. टूर्नामेंट में रोहित ने दो फिफ्टी जड़ी. धोनी का ये फैसला टीम के लिए मास्टर स्ट्रोक साबित हुआ. भारत न सिर्फ चैम्पियंस ट्रॉफी जीता, बल्कि रोहित के रूप में टीम इंडिया को सीमित ओवर क्रिकेट में धाकड़ ओपनर मिला.

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    धोनी ने टेस्ट और वनडे दोनों से अचानक संन्यास लिया
    धोनी ने दिसंबर 2014 में अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर सबको हैरान कर दिया था. तब टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थी. दोनों टीमों के बीच टेस्ट सीरीज का तीसरा मुकाबला मेलबर्न में खेला गया था. ये मुकाबला ड्रॉ रहा था और इस टेस्ट के फौरन बाद धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से अलविदा कह दिया था. इसके तीन साल बाद उन्होंने ऐसे ही अचानक वनडे और टी20 टीम की कप्तानी छोड़ दी थी.

    2020 में अचानक धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को गुडबाय कहा
    2019 विश्व कप में टीम इंडिया सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी. ये धोनी का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साबित हुआ. क्योंकि इसके बाद वो नीली जर्सी में कभी नहीं उतरे. हालांकि, फैंस और कई दिग्गजों को ये उम्मीद थी कि धोनी 2020 में होने वाला टी20 विश्व कप खेलेंगे. लेकिन कोरोना के कारण ये टूर्नामेंट एक साल के लिए टल गया था. इसके बाद 15 अगस्त 2020, जिस दिन पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा था, धोनी ने अचानक शाम 7 बजकर 29 मिनट पर इंस्टाग्राम पर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के सफर से जुड़ा एक वीडियो शेयर किया और लिखा कि इसी वक्त से मुझे रिटायर समझें. उनका ये फैसला भी चौंकाने वाला रहा.

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