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Happy Birthday MS Dhoni: धोनी को चोट की झूठी खबर फैलाकर दिया गया था मौका, कैसे टीम इंडिया में पहुंचे?

Happy Birthday MS Dhoni: धोनी को चोट की झूठी खबर फैलाकर दिया गया था मौका, कैसे टीम इंडिया में पहुंचे?

Happy Birthday MS Dhoni: 40 साल के हुए महेंद्र सिंह धोनी (फोटो-न्यूज 18 हिंदी)

Happy Birthday MS Dhoni: 40 साल के हुए महेंद्र सिंह धोनी (फोटो-न्यूज 18 हिंदी)

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का आज 40वां जन्मदिन (Happy Birthday MS Dhoni) है. धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 16 हजार से ज्यादा रन बनाए और बतौर कप्तान उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप, वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने का कारनामा किया.

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    नई दिल्ली. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का आज जन्मदिन (Happy Birthday MS Dhoni) है. 7 जुलाई, 1981 को रांची में जन्मे धोनी 40 साल के हो गए हैं. महेंद्र सिंह धोनी सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं एक सोच हैं जिसने भारतीय टीम को बुलंदियों तक पहुंचाया. धोनी (MS Dhoni Birthday) टीम इंडिया में क्रांति की तरह आए जिसने एक विकेटकीपर के तौर पर, बल्लेबाज के तौर पर और एक कप्तान के तौर पर टीम इंडिया को एक अभूतपूर्व कामयाबी दिलाई. महेंद्र सिंह धोनी ने वनडे क्रिकेट में 10 शतक की मदद से 10,773 रन बनाए. टेस्ट में भी उनके बल्ले से 4876 रन निकले जिसमें 6 शतक भी शामिल हैं. वहीं टी20 में धोनी ने 1617 रन बनाए. बतौर कप्तान धोनी ने पूरी दुनिया में धाक जमाई और उन्होंने 2007 में हुए टी20 वर्ल्ड कप में भारत को चैंपियन बनाया. 2011 में उनकी कप्तानी में भारत 28 साल बाद वर्ल्ड कप जीता और 2013 में टीम इंडिया को उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी जिताई. धोनी ने अपने करियर में कई मुकाम हासिल किये लेकिन उनके टीम इंडिया तक पहुंचने की कहानी बड़ी दिलचस्प है.

    धोनी के पिता एक पंप ऑपरेटर थे. खुद धोनी एक बेहतरीन क्रिकेटर होने के बावजूद खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट कलेक्टर की नौकरी कर रहे थे लेकिन किसने सोचा था कि रांची का ये लड़का एक दिन कप्तानों का कप्तान बन जाएगा. आइए आपको बताते हैं कि कैसे धोनी खड़गपुर रेलवे स्टेशन से भारत की जर्सी पहनकर क्रिकेट स्टेडियम तक पहुंच गए. कैसे चोट की झूठी खबर ने धोनी को इंटरनेशनल क्रिकेट का टिकट दिला दिया?

    टिकट कलेक्टर से टीम इंडिया तक कैसे पहुंच गए धोनी? फोटो-सीएसके इंस्टाग्राम)


    चोट, धोनी और इंटरनेशनल क्रिकेट
    बात साल 2003-04 की है जहां से धोनी ने अपनी अलग पहचान बनाई और एक साल के अंदर रांची का राजकुमार टीम इंडिया में पहुंच गया. उस वक्त टैलेंट रिसोर्स डेवलेपमेंट के अफसर प्रकाश पोद्दार थे जिन्होंने धोनी को एक मैच में बल्लेबाजी करते देखा था. उस मुकाबले में धोनी ने महज 29 रन बनाए थे लेकिन पोद्दार उनकी बल्लेबाजी के कायल हो चुके थे. पोद्दार ने उस मैच के बाद धोनी की रिपोर्ट नेशनल टैलेंट स्कीम के चेयरमैन दिलीप वेंगसरकर को भेजी. धोनी की यही रिपोर्ट तत्कालीन चेयरमैन किरण मोरे तक भी पहुंची और वो उनका मैच देखने जमशेदपुर गए, जहां पर झारखंड और उड़ीसा का मैच चल रहा था. धोनी ने इस मैच में शतक ठोका और बेहतरीन विकेटकीपिंग भी की. उस दौर में धोनी का बतौर विकेटकीपर कमाल की बल्लेबाजी करना एक कमाल ही था क्योंकि टीम इंडिया के पास ऐसा कोई विकेटकीपर नहीं रहा जो अच्छी कीपिंग के साथ-साथ मैच विनिंग पारियां भी खेल सके. इस कमी को पूरा करने के लिए राहुल द्रविड़ कीपिंग कर रहे थे लेकिन वो कामचलाऊ विकल्प ही थे.

    फिर आया वो मुकाबला जिसने धोनी की किस्मत ही बदल दी. दिलीप ट्रॉफी के मैच में नॉर्थ जोन की टक्कर ईस्ट जोन से थी. इस मुकाबले को देखने के लिए पूरा सेलेक्शन पैनल स्टेडियम में मौजूद था. उस वक्त के चीफ सेलेक्टर किरण मोरे ने ईस्ट जोन के चयनकर्ता प्रणब रॉय से कहा कि वो मुकाबले में दीपदास गुप्ता की जगह एमएस धोनी को विकेटकीपिंग करने दें. इसके बाद खबर फैला दी गई कि दीपदास गुप्ता चोट के चलते कीपिंग नहीं कर पाएंगे. बस इस झूठी खबर ने ही धोनी की किस्मत खोल दी. धोनी ने इस मुकाबले में विकेट के पीछे 5 शिकार किये और उन्होंने 47 गेंदों में धुआंधार 60 रनों की पारी खेल सेलेक्टरों का दिल जीत लिया. धोनी ने आशीष नेहरा की पहली गेंद पर चौका और दूसरी गेंद पर छक्का जड़ दिखा दिया कि वो किस कद के खिलाड़ी हैं.

    एमएस धोनी के लिए गोली खा सकता है भारतीय क्रिकेटर

    इंडिया ए में एंट्री मिलते ही ठोके 2 शतक
    दिलीप ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद धोनी को इंडिया-ए टीम में चुना गया और वो केन्या में त्रिकोणीय सीरीज खेलने पहुंचे. इस सीरीज में धोनी ने पाकिस्तान के खिलाफ 2 मैचों में 2 शतक ठोक दिये और दिसंबर 2004 में ही धोनी को टीम इंडिया में जगह मिल गई. धोनी के इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत बेहद खराब रही और वो पहली ही गेंद पर शून्य पर रन आउट हो गए. लेकिन 5 अप्रैल 2005 को पाकिस्तान के खिलाफ 148 रनों की तूफानी पारी खेल उन्होंने खुद को साबित कर दिया. फिर अगले 15 सालों तक दुनिया ने माही का मैजिक देखा.undefined

    Tags: Cricket news, India National Cricket Team, Ms dhoni, MS Dhoni news

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