Happy Birthday Rohit: स्कूल फीस भरने तक के नहीं थे पैसे, आज है टीम इंडिया के हिटमैन

Happy Birthday Rohit: स्कूल फीस भरने तक के नहीं थे पैसे, आज है टीम इंडिया के हिटमैन
रोहित शर्मा का परिवार मुंबई में एक कमरे के घर में रहता था. (फोटो-एपी)

टीम इंडिया के ओपनर रोहित शर्मा (Rohit Sharma) आज भले करोड़पति हों, लेकिन एक वक्त ऐसा था जब उनके पिता ने गरीबी के चलते रोहित को उनके अंकल के यहां रहने के लिए भेज दिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 8:53 AM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. दुनियाभर के गेंदबाजों के लिए सिरदर्द बने  भारतीय टीम के ओपनर रोहित शर्मा (Rohit Sharma)  यूं तो अपने खेल के जरिये क्रिकेट प्रशंसकों के दिलों पर राज करते हैं, लेकिन उनके लिए सफलता का यह सफर इतना आसान नहीं था. रोहित शर्मा आज भले करोड़पति हों, लेकिन एक वक्त ऐसा था जब गरीब परिवार में जन्मे रोहित के पास स्कूल फीस भरने तक के पैसे नहीं थे. 30 अप्रैल 1987 में महाराष्ट्र के नागपुर में गुरुनाथ शर्मा के घर जन्म लेने वाले रोहित शर्मा का बचपन संघर्ष से भरी दास्तां है. पिता एक निजी फर्म में केयर टेकर और मां पूर्णिमा हाउसवाइफ थीं.

रोहित जब डेढ़ साल के थे, तब पिता परिवार के साथ डोंबिवली में एक कमरे के घर में शिफ्ट हो गए. रोहित के छोटे भाई का नाम विशाल शर्मा है. चूंकि पिता दो बच्चों का खर्च वहन नहीं कर सकते थे, तो रोहित का अधिकतर बचपन ग्रैंडपैरेंट्स और अंकल के यहां बीता. वह वीकेंड में माता-पिता से मिलने जाते थे.

सपने देखना नहीं छोड़ा
रोहित को क्रिकेट का शौक बचपन से ही था, लेकिन गरीबी का दंश झेल रहे पिता के पास रोहित की स्कूल फीस भरने तक के पैसे नहीं थे तो फिर इस शौक को परवान कहां से चढ़ाते. बावजूद इसके रोहित ने सपना देखना नहीं छोड़ा. वह घंटों क्रिकेट खेलते और अपने अंकल के साथ इस खेल की बारीकियों पर चर्चा करते. रोहित का इस खेल के प्रति जुनून देखकर उनके अंकल और उनके कुछ दोस्तों ने 50-50 रुपये जुटाकर 1999 में उनका दाखिला एक छोटी सी क्रिकेट अकादमी में करा दिया.
रोहित शर्मा के नाम वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक तीन दोहरे शतक लगाने का अनूठा रिकॉर्ड है. (फोटो-एपी)




ऑफ स्पिनर से ओपनर बनने की कहानी
रोहित शुरुआत में ऑफ स्पिनर थे. इसी दौरान रोहित ने एक क्रिकेट कैंप में हिस्सा लिया. जहां उनकी प्रतिभा को स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल के क्रिकेट कोच दिनेश लाड ने देखा. लाड ने कुछ समय बाद रोहित का दाखिला स्वामी विवेकानंद स्कूल में करा दिया, ताकि उन्हें बेहतर सुविधाएं मिल सकें. रोहित शुरुआत में नए स्कूल में जाने से हिचक रहे थे, क्योंकि वह जानते थे कि स्कूल काफी महंगा है और उनके पिता इसकी फीस वहन नहीं कर सकते. तब दिनेश लाड ने उनके लिए अगले चार साल तक स्कॉलरशिप की व्यवस्‍था की ताकि वह अपनी तैयारी बिना किसी बाधा के जारी रख सकें. इसी दौरान उन्होंने रोहित को बल्लेबाजी का अभ्यास करने की सलाह दी. इसके बाद रोहित ने बतौर ओपनर अपने पहले ही इंटर स्कूल मैच में नाबाद 120 रन ठोक दिए.

आंकड़े झूठ नहीं बोलते
-वनडे क्रिकेट का सर्वोच्च स्कोर रोहित शर्मा के नाम है. 2014 में श्रीलंका के खिलाफ 264 रन बनाए.
-वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक जड़ने वाले दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज. दो श्रीलंका जबकि एक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ.
-सर्वाधिक 7 बार वनडे में 150 का स्कोर बनाने वाले अकेले बल्लेबाज. सचिन तेंदुलकर और डेविड वार्नर के नाम 6-6 बार ये उपलब्धि.

ताकत : हिटमैन
-क्रीज पर जमने के बाद बड़ी पारी खेलने का हुनर.
-बेहद सहजता से बड़े शॉट लगाने में माहिर.
-तेज और स्पिन दोनों तरह के गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ सहज.
-शतक लगाने के बाद विकेट नहीं गंवाते, बल्कि ज्यादा से ज्यादा रन बनाते हैं.

कमजोरी : अति उत्साह
-क्रीज पर उतरते ही बड़े शॉट लगाने के प्रयास में विकेट गंवा बैठते हैं.
-कई बार सेट होने के बाद भी लापरवाही भरा शॉट खेलकर आउट हो जाते हैं.
-नियंत्रण न होने के बावजूद पुल शॉट खेलने का मोह नहीं छोड़ते, कई बार हो जाते हैं आउट

यह भी पढ़ें-

लाइन की वजह से गेंदबाज बनना चाहते थे रोहित शर्मा, आज कहलाते हैं 'हिटमैन'

धोनी से अचानक ओपनिंग की बात सुनकर 'डर' गए थे रोहित शर्मा, फिर ऐसे बदले सितारे

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज