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Happy Birthday Sourav Ganguly: फुटबॉलर बनना चाहते थे सौरव गांगुली, जानें कैसे बने विस्फोटक ओपनर

सौरव गांगुली ने 20 जून 1996 को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में टेस्ट डेब्यू किया था. उन्होंने पहले टेस्ट में ही 131 रन की पारी खेली थी. (Sourav Ganguly Instagram)

सौरव गांगुली ने 20 जून 1996 को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में टेस्ट डेब्यू किया था. उन्होंने पहले टेस्ट में ही 131 रन की पारी खेली थी. (Sourav Ganguly Instagram)

Happy Birthday Sourav Ganguly: भारत के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली आज अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं. गांगुली का जन्म 8 जुलाई 1972 को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हुआ था.

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    नई दिल्ली. भारत के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) आज 49 साल के हो गए हैं. सौरव गांगुली वनडे क्रिकेट में विस्फोटक ओपनर के साथ ही टीम इंडिया को बदलने वाले कप्तान के रूप में जाने जाते हैं. गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम की दिशा बदल गई थी. दिलचस्प बात यह है कि गांगुली अपने शुरुआती दिनों में खुद को क्रिकेटर के रूप में नहीं दिखते थे. गांगुली बचपन से फुटबॉलर बनना चाहते थे लेकिन संयोगवश वह क्रिकेटर बन गए. गांगुली ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्हें क्रिकेटर बनाने में उनके पिता चंडीदास गांगुली का योगदान था.

    गांगुली ने बताया कि बचपन से ही वह फुटबॉल के बड़े दीवाने थे. पश्चिम बंगाल को भारत में फुटबॉल का मक्का माना जाता है. गांगुली भी कोलकाता की गलियों में फुटबॉल को गंभीरता से ले रहे थे. हालांकि उनके पिता ने उन्हें शरारतों से दूर करने के लिये क्रिकेट की कोचिंग कराने का फैसला किया तो वह धीरे-धीरे फुटबॉल से दूर होते चले गए. गांगुली ने बताया, 'फुटबॉल मेरी जिंदगी थी. मैं 9वीं कक्षा तक इसमें बहुत अच्छा था. एक बार गर्मी की छुट्टी के दौरान, मेरे पिता ने मुझसे कहा कि तुम घर जाकर कुछ नहीं करोगे और मुझे एक क्रिकेट एकेडमी में डाल दिया.' गांगुली के पिता उस समय पश्चिम बंगाल क्रिकेट संघ में थे.

    मदनलाल ने दबाव डालकर बनाया ओपनर
    गांगुली को सिर्फ 19 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू करने का मौका मिला. इस मैच में गांगुली 13 गेंदों में सिर्फ तीन रन बनाकर एंडरसन कमिंस की गेंद पर पगबाधा हो गए. इसके बाद गांगुली को सीधे चार साल बाद भारतीय टीम में वापसी कर सके. टीम में वापसी के बाद गांगुली तीसरे नंबर पर खेल रहे थे. भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज मदनलाल उस समय टीम इंडिया के कोच थे. गांगुली को ओपनर बनाने में मदन लाल का महत्वपूर्ण योगदान था.

    गांगुली के ओपनर बनने की कहानी बताते हुए मदन लाल ने कहा, 'हम दादा के टैलेंट से ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाना चाहते थे. मैंने उनसे कहा कि अगर आप नंबर 5 पर ही बल्लेबाजी करते रहोगे तो कुछ नहीं होगा. आपको ओपनिंग करनी चाहिए और जैसे ही उसने ओपनिंग करना शुरु किया उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा. सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली की जोड़ी ने सलामी बल्लेबाजी में इतिहास रच दिया.'

    मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष गांगुली ने अपने करियर में 113 टेस्ट और 311 वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच खेले. उन्होंने टेस्ट में 35 अर्धशतक और 16 शतक जमाते हुए कुल 7212 रन बनाए जबकि वनडे में उन्होंने 72 अर्धशतक और 22 शतक लगाए, कुल 11362 रन इस फॉर्मेट में बनाए. मध्यम गति से गेंदबाजी करने वाले गांगुली के नाम टेस्ट में 32 और वनडे में 100 विकेट भी दर्ज हैं.

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