Happy Birthday: सरकार से मिली जान से मारने की धमकी, संन्यास लेकर करने लगा भगवान की सेवा

Happy Birthday Tatenda Taibu: टटेंडा टायबू 38 साल के हुए

Happy Birthday Tatenda Taibu: टटेंडा टायबू 38 साल के हुए

जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान टटेंडा टायबू (Tatenda Taibu) 38 साल के हो गए हैं, उन्होंने अपने करियर में 28 टेस्ट, 150 वनडे और 17 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले

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नई दिल्ली. जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान टटेंडा टायबू (Happy Birthday Tatenda Taibu) का आज जन्मदिन है. 14 मई, 1983 को हरारे में जन्मे टायबू आज 38 साल के हो गए हैं. टटेंडा टायबू ने महज 20 साल, 358 दिन की उम्र में टेस्ट कप्तानी संभाली थी जो कि एक वर्ल्ड रिकॉर्ड था. वो सबसे कम उम्र में टेस्ट कप्तान बनने वाले खिलाड़ी थे. हालांकि 15 साल बाद ये रिकॉर्ड राशिद खान के नाम हो गया.

टायबू का करियर जितनी जल्दी शुरू हुआ, उसका अंत भी उतनी ही जल्दी हो गया. टायबू का करियर महज 28 टेस्ट, 150 वनडे और 17 टी20 इंटरनेशनल मैचों तक ही चला. टायबू का करियर छोटा होने की वजह जिम्बाब्वे के राजनीतिक हालात रहे. वैसे इन्हीं राजनीतिक हालातों की वजह से उन्हें कप्तानी भी मिली थी. जिम्बाब्वे के पूर्व राष्ट्रपि रॉबर्ट मुगाबे ने जिम्बाब्वे में कोटा सिस्टम शुरू करने की कोशिश की जिसके खिलाफ सभी खिलाड़ियों ने आवाज उठाई.

मुगाबे ने किया जिम्बाब्वे क्रिकेट बर्बाद

रॉबर्ट मुगाबे की नीति के खिलाफ खड़े हुए खिलाड़ी हीथ स्ट्रीक, एंडी फ्लावर, ग्रांट फ्लावर ने ना सिर्फ टीम छोड़ी बल्कि उन्होंने जिम्बाब्वे ही छोड़ दिया. इन सभी खिलाड़ियों को मुगाबे सरकार की ओर से जान से मारने की धमकी तक मिली. इसके बाद टीम की कमान टायबू के हाथ में आई.
टायबू (Tatenda Taibu) को एक बेहद ही कमजोर टीम की कप्तानी मिली और साल 2005 में साउथ अफ्रीका दौरे पर जिम्बाब्वे की टीम को बेहद ही शर्मनाक हार मिली. इस हार के बाद टायबू ने जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड पर कई आरोप लगाए. टायबू के इन आरोपों के बाद उन्हें मुगाबे सरकार की ओर से जान से मारने की धमकियां मिली और नतीजा ये हुआ कि टायबू ने इंटरनेशनल क्रिकेट से ही संन्यास ले लिया

रियाटरमेंट के बाद पादरी बने टायबू

रिटायर होने के बाद टायबू ने साउथ अफ्रीका में क्लब क्रिकेट खेला. हालांकि दो साल बाद उन्होंने अपना संन्यास वापस ले लिया. 2008 में टायबू को आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीदा. आईपीएल में खेलने के लिए टायबू ने जिम्बाब्वे की सीरीज छोड़ दी, जिसके बाद बोर्ड ने उनपर 10 मैचों का बैन लगा दिया.



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साल 2011 में टायबू ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया और वो एक चर्च के पादरी बन गए. टायबू का इंटरनेशनल करियर महज 29 साल की उम्र में खत्म हो गया.

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