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धोनी मानते थे बेस्ट तेज गेंदबाज, अब रोहित शर्मा को चैंपियन बनाने के लिए बहा रहा पसीना!

Happy Birthday: जहीर खान 42 साल के हुए
Happy Birthday: जहीर खान 42 साल के हुए

Happy Birthday Zaheer Khan: टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान 42 साल के हुए, भारत के लिए 200 वनडे, 92 टेस्ट और 17 टी20 मैच खेले

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2020, 5:12 PM IST
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नई दिल्ली. 7 अक्टूबर की तारीख टीम इंडिया के फैंस के लिए बेहद खास है क्योंकि आज ही के दिन एक ऐसे तेज गेंदबाज ने जन्म लिया था जिसने ना सिर्फ देश को कई मैच जिताए बल्कि उसके बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से ही इस देश के तेज गेंदबाजों में विदेशी सरजमीं पर अच्छा प्रदर्शन पैदा करने का भरोसा पैदा हुआ. हम बात कर रहे हैं बाएं हाथ के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान की, जो आज अपना 42वां जन्मदिन मना रहे हैं. 1978 में महाराष्ट्र के श्रीरामपुर में जन्मे जहीर खान ने भारत के लिए 200 वनडे, 92 टेस्ट और 17 टी20 मैच खेले. जहीर ने टेस्ट मैचों में 311 शिकार किए, वहीं उनके नाम 282 वनडे और 17 टी20 विकेट भी हैं. जहीर खान के जन्मदिन पर बताते हैं आपको उनके जीवन की कुछ खास बातें.

एमएस धोनी को दुनिया का सबसे बेहतरीन कप्तान माना जाता है लेकिन ये पूर्व कप्तान जहीर खान की गेंदबाजी का लोहा मानता है. एमएस धोनी ने जहीर खान के लिए रिटायरमेंट के दौरान कहा था कि उन्होंने जहीर खान से समझदार तेज गेंदबाज कभी नहीं देखा. धोनी के ये अल्फाज ही जहीर की काबिलित को दर्शाते हैं.

जहीर खान का जन्म एक मिडिल क्लास परिवार में हुआ था. जहीर के पिता फोटोग्राफर और मां टीचर थीं. जहीर खान पढ़ाई में बेहद अच्छे थे और उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियर डिग्री कोर्स में एडमिशन ले लिया था लेकिन कोच सुधीर नायक की सलाह के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ क्रिकेट पर ध्यान दिया. जहीर 17 साल की उम्र में मुंबई आए और उन्होंने नेशनल क्रिकेट क्लब में हुए सभी टूर्नामेंट में जानदार प्रदर्शन किया. बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने मुंबई अंडर 19 टीम में जगह बनाई और उसके बाद चेन्नई में स्थित एमआरएफ पेस एकेडमी में जाकर वो और निखर गए.



जहीर खान ने 1999-2000 में बड़ौदा के लिए अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया. मुंबई की टीम में जगह नहीं मिलने की वजह से जहीर बड़ौदा गए और इस तेज गेंदबाज ने 8 मैचों में 35 विकेट चटका अपनी प्रतिभा का सबूत पेश कर दिया. साल 2000-01 रणजी ट्रॉफी फाइनल में 8 विकेट लेकर जहीर खान ने बड़ौदा को रेलवे पर 21 रनों की रोमांचक जीत दिलाई.
साल 2003 वर्ल्ड कप में जहीर खान ने बेहतरीन गेंदबाजी की. जहीर ने 11 मैचों में 18 विकेट अपने नाम किये. फाइनल में जरूर जहीर खान की गेंदबाजी औसत रही थी लेकिन वो टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में चौथे नंबर पर रहे थे.

जवागल श्रीनाथ के रिटायरमेंट के बाद जहीर खान भारतीय तेज गेंदबाजी के अगुवा बने. इसके बाद जब धोनी ने टीम इंडिया की कप्तानी संभाली तो उन्होंने जहीर खान को गेंदबाजी का कप्तान बनाया. धोनी और जहीर की जुगलबंदी ने टीम इंडिया को कई मैच जिताए और भारत नंबर 1 टेस्ट टीम भी बनी.

साल 2006 में जहीर खान ने करियर का सबसे अहम फैसला लिया. जहीर खान वूस्टरशर के लिए काउंट्री क्रिकेट खेलने गए जहां उन्होंने डेब्यू मैच में ही 10 विकेट चटका दिए. इसके बाद जहीर ने एसेक्स के खिलाफ एक पारी में 9 विकेट ले लिये. जहीर खान जब काउंट्री क्रिकेट खेलने गए थे तो उनकी फॉर्म खराब थी और उन्हें टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया था लेकिन वहां जाकर जहीर ने खोई लय हासिल की और उसके बाद वो टीम इंडिया में जगह बनाने मे कामयाब रहे. साल 2007 में इंग्लैंड दौरे पर जहीर ने 3 मैचों में 18 विकेट लिए और उन्हें मैन ऑफ द सीरीज चुना गया.

साल 2003 वर्ल्ड कप के फाइनल में खराब प्रदर्शन करने का गम जहीर खान ने साल 2011 वर्ल्ड कप में मिटाया. जहीर ने भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने में अहम भूमिका अदा की. इस तेज गेंदबाज ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 21 विकेट लिये. जहीर खान वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं.

जहीर खान ने आईपीएल रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, मुंबई इंडियंस और दिल्ली डेयरडेविल्स की अगुवाई की. फिलहाल जहीर खान मुंबई इंडियंस के क्रिकेट डायरेक्टर हैं और वो मुंबई को पांचवीं बार चैंपियन बनाने में अपना पूरा अनुभव झोंक रहे हैं.
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