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harbhajan reveals ms dhoni advice that helped him get breakthrough during 2011 wc semifinal vs pak

पाकिस्तान के खिलाफ 2011 WC में धोनी की किस सलाह से भज्जी को मिला था विकेट

हरभजन सिंह ने 2011 वर्ल्ड कप का एक किस्सा शेयर किया है. (AP/Instagram)

हरभजन सिंह ने 2011 वर्ल्ड कप का एक किस्सा शेयर किया है. (AP/Instagram)

हरभजन सिंह ने बताया कि कैसे महेंद्र सिंह धोनी की सलाह ने उन्हें खेल में अपना पहला विकेट लेने और पाकिस्तान को दबाव में लाने में मदद की थी. हरभजन ने दावा किया कि जब तक धोनी ने सुझाव नहीं दिया और चीजों को बदलने में उनकी सहायता नहीं की, तब तक उन्हें विकेट लेने में परेशानी हो रही थी.

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हाइलाइट्स

भारत ने 2011 वनडे वर्ल्ड कप धोनी की कप्तानी में जीता था.
भारत सेमीफाइनल में पाकिस्तान को मात दे फाइनल में पहुंचा था.
फाइनल मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से मात दी थी.

नई दिल्ली. आईसीसी पुरुष विश्व कप के 2011 संस्करण की मेजबानी भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश ने संयुक्त रूप से की थी. मूल रूप से पाकिस्तान को भी इसकी मेजबानी करनी थी, लेकिन 2009 में पाकिस्तान में श्रीलंकाई खिलाड़ियों पर हमले के कारण देश से मेजबानी के अधिकार छीन लिए गए थे. 2011 विश्व कप में भारत ने 28 साल बाद दूसरा वर्ल्ड कप जीता था. इससे पहले भारत ने कपिल देव की कप्तानी में 1983 में पहला वर्ल्ड कप नाम किया था. भारत ने 2011 में वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका को 6 विकेट से हराया था. यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया था. श्रीलंका से फाइनल में मुकाबले से पहले भारत ने सेमीफाइनल मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को मात दी थी. इस मैच को लेकर हरभजन सिंह ने एक मजेदार किस्सा शेयर किया है.

भारत ने दूसरे सेमीफाइनल मैच में 30 मार्च को मोहाली के पीसीए स्टेडियम में पाकिस्तान को जबरदस्त शिकस्त दी थी. भारतीय कप्तान एमएस धोनी ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का विकल्प चुना, जिसके बाद सचिन तेंदुलकर के 85 और सुरेश रैना 36 रन बनाए. भारत ने बोर्ड पर कुल 260 रन टांगे. कुल स्कोर बड़ा नहीं था, लेकिन निश्चित रूप से पर्याप्त था, जो पाकिस्तान को दबाव में डाल देता, जो उसने भी किया. पाकिस्तान केवल 231 रन ही बना सका और 29 रनों से मैच हार गया.

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इस मैच में पाकिस्तान नियमित अंतराल पर विकेट खोता रहा और कभी चेज नहीं कर पाया. जो इस मैच को देख रहे थे और जो मैदान पर खेल रहे थे, वह जानते थे कि यह कितना करीबी मामला था और भारत कैसे जीत हासिल करने में कामयाब रहा. लक्ष्य हासिल करने में पाकिस्तान ने शुरुआती विकेट खो दिए थे. पाकिस्तान 25.4 ओवर में 4 विकेट पर 106 रन बनाकर संघर्ष कर रहा था. लेकिन इसके बाद टीम की स्थिति फिर से मजबूत हो गई, जब भरोसेमंद बल्लेबाज मिस्बाह-उल-हक ने उमर अकमल के साथ एक खतरनाक दिखने वाला स्टैंड बनाना शुरू कर दिया.

तब एक 21 वर्षीय युवा अकमल शानदार फॉर्म में दिख रहे थे. उन्होंने 24 गेंदों में 29 रन की पारी खेली, जिसमें पारी के दौरान उन्होंने एक चौका और दो छक्के लगाए. तब कप्तान महेंद्र सिंह धोनी स्पिनर हरभजन सिंह के लिए एक सुझाव लेकर आए, जिसने टीम को महत्वपूर्ण ब्रेकथ्रू दिलाने में मदद की. भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर ने उस बात का खुलासा किया है, जो उस वक्त धोनी ने उनसे कही थी. इसके बाद ही उन्होंने अपने अगले ओवर में पहली ही गेंद पर एक विकेट चटकाया. हरभजन ने स्टार स्पोर्ट्स के दिल से इंडिया के उस पल को याद किया और कहा, ”यह उन खेलों में से एक था, जहां मुझे लगा कि मैं थोड़ा सुन्न हो रहा हूं. मैंने पांच ओवर फेंके थे और लगभग 26-27 रन दिए थे. तब ड्रिंक ब्रेक हुआ और धोनी ने मुझसे कहा कि आप वहां से डालोगे (अराउंड द विकेट). कामरान (उमर) अच्छा खेल रहा था और मिस्बाह भी. वे दोनों रन बना रहे थे और उनकी साझेदारी खतरनाक हो रही थी.”

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उन्होंने आगे कहा, ”तब मैं बॉलिंग के लिए आया. मैंने भगवान को याद किया. मैं बस जीत के लिए दुआ कर रहा था और भगवान ने मेरी सुन ली. पहली ही गेंद पर मुझे कामरान (उमर) अकमल का विकेट मिल गया. जैसे ही मैंने अराउंड द विकेट गेंद डाली. उसने गेंद मिस कर दी.”

उमर अकमल के आउट होने के बाद पाकिस्तान जल्दी ही पवेलियन लौट गई. अब्दुल रज्जाक और कप्तान शाहिद अफरीदी भी जल्दी डगाउट में पहुंच गए. इसने पाकिस्तान की बची उम्मीद को भी मार दिया और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए.

Tags: Cricket news, Harbhajan singh, Ms dhoni, World Cup 2011

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