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हार्दिक पांड्या बोले- दिल से गुजराती हैं कायरन पोलार्ड, कहां लगाना है पैसा इनसे सीखा

हार्दिक पांड्या बोले- दिल से गुजराती हैं कायरन पोलार्ड, कहां लगाना है पैसा इनसे सीखा

हार्दिक और कृणाल पांड्या के साथ पोलार्ड ( फोटो- @hardikpandya7)

हार्दिक और कृणाल पांड्या के साथ पोलार्ड ( फोटो- @hardikpandya7)

हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) बोले- 'साल 2016 में जब कृणाल मुंबई इंडियंस की टीम में आए तब हमारी पोलार्ड के साथ नज़दीकियां बढ़ी. अब वो हमारे सिर्फ दोस्त या टीम के साथी ही नहीं हैं बल्कि परिवार के सदस्य हैं.'

    नई दिल्ली. टीम इंडिया के क्रिकेटर हार्दिक पांड्या  (Hardik Pandya) पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को अपना भाई मानते हैं. जबकि वेस्टइंडीज़ के क्रिकेटर कायरन पोलार्ड (Kieron Pollard) को वो दादा कहते हैं. वजह है पोलार्ड की पारखी नज़र और उनकी सूझबूझ. पांड्या के मुताबिक आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेलने के चलते उनकी पोलार्ड के साथ खूब जमती है. लिहाज़ा वो हमेशा उनसे सलाह लेते रहते हैं.

    ईएसपीएन क्रिकइंफो से खास बातचीत करते हुए हार्दिक पांड्या ने कहा कि पैसे की क्या अहमियत होती है इसके बारे में उन्होंने पालोरार्ड से बहुत कुछ सीखा है. उन्होंने कहा, ‘हम उन्हें दादा कहते हैं. वो वेस्टइंडीज से हैं लेकिन वास्तव में वो दिल से गुजराती हैं. वो सचमुच एक भारतीय की तरह काम करते हैं. वो एक ऐसे शख्स हैं जो प्रॉपर्टी में निवेश करना पसंद करते हैं. वो एक ऐसे शख्स हैं जो एक कार खरीदने के बजाय प्रॉपर्टी में पैसा लगाना चाहते हैं. वो कहते हैं कि कार नहीं खरीदूंगा क्योंकि पैसा वहां नहीं बढ़ेगा.’

    ‘पोलार्ड हमारे परिवार के सदस्य की तरह’
    हार्दिक पांड्या ने आगे कहा, ‘जिस तरह कृणाल पांड्या मेरे लिए हैं. ठीक उसी तरह पोलार्ड भी हैं. वो लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में है. उनसे मैंने बहुत कुछ सीखा है. जब मुझे कोई चीज़ अच्छी नहीं लगती है तो मैं खुल कर बोलता हूं. ऐसे मौकों पर उन्होंने मुझे बहुत कुछ सिखाया है. मुझे शांत कराया है.कृणाल के चलते ही हमारे उनसे रिश्ते बने. 2015 के आईपीएल के दौरान मैं उनसे बातें नहीं करता था. हमारी सिर्फ हाय-हेलो थी. साल 2016 में जब कृणाल आए तब हमारी नज़दीकियां बढ़ी. अब वो हमारे सिर्फ दोस्त या टीम के साथी ही नहीं हैं बल्कि परिवार के सदस्य हैं.’

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    ‘परिवार ने हर मोड़ पर दिया साथ’
    पंड्या ने माना कि वो कभी परफेक्ट नहीं थे लेकिन उनके परिवार ने सुनिश्चित किया कि उनके पैर हमेशा जमीन पर रहें. उन्होंने कहा ,‘मैं अपनी कमियां स्वीकार करता हूं. करियर के शुरूआती दो साल में काफी भटकाव था लेकिन हमारा परिवार एक दूसरे के काफी करीब है. परिवार में एक चीज साफ है कि मैं गलत हूं तो गलत हूं. हर कोई अपनी राय देता है और अगर कोई भटकने लगता है तो उसके पैर जमीन पर रखने में परिवार मदद करता है .’

    Tags: Hardik Pandya, Kieron Pollard, Ms dhoni

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