IND vs SL: हार्दिक पंड्या को श्रीलंका दौरे पर कप्तान बनाना चाहिए था, कोच ने बताई इसकी वजह

IND vs SL: हार्दिक पंड्या को श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के लिए टीम इंडिया का कप्तान न बनाए जाने से उनके बचपन के कोच मायूस हैं. (AFP)

IND vs SL: विराट कोहली (Virat Kohli) की गैरहाजिरी में श्रीलंका दौरे के लिए(India Tour of Sri Lanka) टीम के सबसे सीनियर खिलाड़ी शिखर धवन (Shikhar Dhawan) को टीम का कप्तान बनाया गया. हालांकि, हार्दिक पंड्या(Hardik Pandya) भी इसके दावेदार थे. लेकिन उन्हें ये जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई. इसे लेकर उनके बचपन के कोच जरूर निराश हैं. उन्होंने बताया कि आखिर क्यों पंड्या श्रीलंका दौरे पर कप्तान के रोल के लिए फिट थे.

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    नई दिल्ली. टीम इंडिया (Team India) 18 जुलाई यानी इस रविवार से श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवर की सीरीज का आगाज करेगी. दोनों टीमों के बीच पहले तीन वनडे और फिर इतने ही टी20 की सीरीज होगी. इस दौरे पर गई भारतीय टीम में ज्यादातर खिलाड़ी युवा या कम अनुभवी हैं. वहीं, सीनियर खिलाड़ी होने के नाते टीम की कप्तानी शिखर धवन (Shikhar Dhawan) को सौंपी गई. हालांकि, इस रेस में भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) और हार्दिक पंड्या(Hardik Pandya) भी शामिल थे. भुवी को तो दौरे के लिए उप-कप्तान बना दिया गया. लेकिन पंड्या को कप्तानी की जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई.

    इससे उनके बचपन के कोच जितेंद्र सिंह जरूर मायूस हैं. उन्हें लगता है कि पंड्या भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं और अगर उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो वो टीम में नई ऊर्जा और विचार ला सकते थे.

    कोच जितेंद्र सिंह ने क्रिकेटनेक्स्ट से बातचीत में हार्दिक को श्रीलंका दौरे के लिए हार्दिक को कप्तान न चुनने पर मायूसी जताई. उन्होंने कहा कि मौजूदा श्रीलंका दौरे पर गई टीम इंडिया में हार्दिक ही उन गिने-चुने खिलाड़ियों में शामिल हैं, जो तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए खेल चुके हैं. ऐसे में उन्हें मौका दिया जाना चाहिए था. वो कप्तानी के लिए अच्छा विकल्प हो सकते थे. क्योंकि वो अगले पांच-सात साल तक क्रिकेट खेल सकते हैं. उनके पास नए विचार और ऊर्जा है. वो भविष्य को देखते हुए खासतौर पर व्हाइट बॉल क्रिकेट में बतौर कप्तान टीम के लिए अच्छा निवेश साबित हो सकते हैं.

    'हार्दिक के पास टेस्ट में सफल बल्लेबाज बनने की तकनीक'
    हार्दिक के कोच ने आगे कहा कि वो टेस्ट क्रिकेट में एक बेहतर बल्लेबाज साबित हो सकते हैं. इसके लिए उनके पास जरूरी तकनीक, मानसिकता और क्षमता है. हार्दिक पर हालातों का असर नहीं पड़ता है और वो लंबे फॉर्मेट में भी बड़ी पारी खेल सकते हैं. क्योंकि उनकी तकनीक सरल और असरदार है. हार्दिक ने 11 टेस्ट में 31 से ज्यादा की औसत से 532 रन बनाए हैं. वो एक शतक और 4 अर्धशतक भी जमा चुके हैं.

    उन्होंने 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट में नंबर-7 पर बल्लेबाजी करते हुए 95 गेंद में 93 रन बनाए थे. हालांकि, भारत ये मैच हार गया था. लेकिन उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से साबित कर दिया था कि वो लंबे फॉर्मेट में भी बल्ले से धमाल मचा सकते हैं.

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    हार्दिक तीन साल से टेस्ट टीम से बाहर
    कमर की सर्जरी के बाद से ही हार्दिक टेस्ट क्रिकेट से दूर हैं. उन्होंने भारत के लिए पिछला टेस्ट 2018 में खेला था. तब टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर गई थी. चोट के कारण वो ज्यादा गेंदबाजी नहीं कर रहे हैं. इसी वजह से हार्दिक को टेस्ट टीम में मौका नहीं मिल रहा है. उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ भी पांच टेस्ट की सीरीज के लिए इसी वजह से नहीं चुना गया था. कई बार वनडे टीम में भी उनके चुने जाने पर दिग्गजों ने सवाल खड़े किए हैं. क्योंकि 10 ओवर गेंदबाजी न कर पाने की वजह से भारत के पास एक गेंदबाज कम हो जाता है और इसका मैच पर काफी असर पड़ता है.

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