वर्ल्ड कप के ‘तोंद’ वाले दो क्रिकेटरों में एक को तालियां, दूसरे को गालियां क्यों!

लसित मलिंगा और सरफराज अहमद को देखिए. सरफराज की तोंद का फैंस मजाक उड़ा रहे हैं तो मलिंगा ने इंग्लैंड के खिलाफ साबित कर दिया कि टीम में उनका रोल क्या है

Shailesh Chaturvedi | News18Hindi
Updated: June 23, 2019, 4:49 PM IST
वर्ल्ड कप के ‘तोंद’ वाले दो क्रिकेटरों में एक को तालियां, दूसरे को गालियां क्यों!
लसित मलिंगा और सरफराज अहमद को देखिए. सरफराज की तोंद का फैंस मजाक उड़ा रहे हैं तो मलिंगा ने इंग्लैंड के खिलाफ साबित कर दिया कि टीम में उनका रोल क्या है
Shailesh Chaturvedi | News18Hindi
Updated: June 23, 2019, 4:49 PM IST

पाकिस्तान के कप्तान सरफराज अहमद को एक फैन ने मोटापे के लिए अपशब्द कहे. यह वीडियो काफी चर्चा में है. इसके पक्ष और विपक्ष में खासी बातें की जा रही हैं. फैन की हरकत के खिलाफ बात कर रहे लोगों में भी कुछ इस बात से सहमत हैं कि फिटनेस के मामले में सरफराज का स्तर ठीक नहीं है. लेकिन क्या वाकई सरफराज की ‘तोंद’ उनकी टीम के प्रदर्शन को कमजोर बना रही है?


21 जून के उस मुकाबले पर नजर डाल लेते हैं, जिसने 2019 के वर्ल्ड कप का रोमांच लौटा दिया. श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच मुकाबला. इंग्लैंड को इसमें श्रीलंका ने हराया, जो अब तक बहुत कमजोर टीम दिख रही थी. जिसकी बॉलिंग, बैटिंग तो छोड़िए, फील्डिंग भी गड़बड़ थी. इस मैच को जिताने में जिस गेंदबाज का सबसे बड़ा योगदान रहा, वो लसिथ मलिंगा हैं.




श्रीलंका के तेज गेंदबाज लसित मलिंगा. (AP Photo)

लसिथ मलिंगा की तस्वीर देखें. जर्सी से बाहर निकलती तोंद साफ दिखाई देगी. उन्होंने विंस, बेयरस्टो और रूट यानी टॉप तीन बल्लेबाजों को आउट किया. उसके बाद जोस बटलर का भी विकेट मिला. इससे समझ सकते हैं कि उनका रोल क्या था. वो तो एक कैच छूट गया, वरना मलिंगा के पांच विकेट पूरे हो जाते. उन्हें किस कदर सम्मान मिल रहा था, उसका अंदाजा लगाइए. जब बेन स्टोक्स पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ खेल रहे थे, तो मलिंगा पर कोई जोखिम नहीं उठा रहे थे. उन्होंने आक्रामक होने के लिए मलिंगा के ओवर खत्म होने का इंतजार किया.



एक तस्वीर उबासी लेते सरफराज की, दूसरी विकेट लेते मलिंगा की


तो इस वर्ल्ड कप की दो तस्वीरें जेहन में चस्पां हैं. उबासी लेते तोंद वाले सरफराज और विकेट लेकर टीम को जिताते तोंद वाले लसिथ मलिंगा. इसमें एक का मजाक उड़ रहा है, दूसरे की तारीफ इस बात को लेकर हो रही है कि इस उम्र में भी वो अपनी टीम को जिता रहे हैं.


इन सबके बीच टीम इंडिया है, जिसके फिजियो और ट्रेनर आकर बता रहे हैं कि कैसे यह टीम इस कदर फिट हो पाई है. मोहम्मद शमी की कहानियां आ रही हैं कि हाफ डे फास्ट और बिरयानी छोड़ने से लेकर डाइट कंट्रोल में उनका क्या योगदान रहा है. यह भी कि शमी जैसे खिलाड़ी करियर की बेस्ट फिटनेस पा चुके हैं. विराट कोहली की फिटनेस और उनकी मेहनत को लेकर कहानियां तो लगातार आती ही रहती हैं.


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ऐसे में सवाल यह है कि क्रिकेट की फिटनेस कैसी होनी चाहिए, किसी एथलीट की तरह या लसिथ मलिंगा जैसी तोंद होने से भी कोई नुकसान नहीं है. आखिर, पहले भी कुछ मोटे या तोंद वाले खिलाड़ी कामयाब रहे ही हैं. इंजमाम उल हक अपने दौर के बड़े बल्लेबाजों में शुमार होते थे. अर्जुन रणतुंगा को शायद की कभी रन आउट होते या मिस फील्डिंग करते देखा गया होगा.


रणतुंगा की फिटनेस पर भी होते थे सवाल


रणतुंगा का तो एक रोचक किस्सा है. श्रीलंकाई टीम दिल्ली आई हुई थी, जिसके कप्तान रणतुंगा थे. टीवी की एक महिला पत्रकार ने उनकी फिटनेस को लेकर ही सवाल किया था. रणतुंगा ने चंद सेकेंड उनको घूरा और अंग्रेजी में जवाब दिया, जिसका मोटा-मोटा तर्जुमा कुछ यूं है. उन्होंने कहा कि टीम को मेरी परफॉर्में से कोई शिकायत नहीं है. मेरा बोर्ड मुझे सेलेक्ट कर रहा है. मेरी बीवी ने मोटापे को लेकर कोई शिकायत नहीं की है. ऐसे में मोहतरमा, आपको क्यों परेशान हैं?


एक्सरसाइज से भागते थे कुछ क्रिकेटर


एक समय दिलीप वेंगसरकर जैसे खिलाड़ी होते थे, जिन्हें फिटनेस रूटीन बहुत बोरिंग लगता था. वेंगसरकर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि पूरे दिन बैटिंग करा लो. लेकिन ये मैदान के चक्कर मत लगवाओ, इसमें बहुत दिक्कत होती है. वेंगसरकर का दौर तो आज जैसा डिमांडिंग नहीं था. रणतुंगा के दौर में पेशेवर अंदाज बढ़ता जा रहा था. हालांकि रणतुंगा की कप्तानी में ही श्रीलंका ने वर्ल्ड कप जीता था. इसके बावजूद, आज के दौर के साथ उसकी तुलना नहीं की जा सकती.


आज के दौर में सरफराज, मलिंगा और अफगानिस्तान के शहजाद सहित कुछ क्रिकेटर ही हैं, जिनकी शारीरिक बनावट या साफ शब्दों में कहें तो मोटापे को लेकर बात होती है. इसके बावजूद मलिंगा का मजाक नहीं उड़ाया जाता. वो विकेट भी ले ही रहे हैं. टीम का अहम हिस्सा बने ही हुए हैं. ऐसे में सवाल यही है कि आपको बेहद एथलेटिक शरीर वाला कोई शख्स चाहिए, जो कमजोर गेंदबाज हो या मलिंगा? जवाब शायद मलिंगा ही होगा. तोंद हो या न हो, मैदान पर प्रदर्शन अच्छा होना चाहिए. यही बात सरफराज के लिए भी लागू होती है. मैदान पर उबासियां लेता क्रिकेटर शायद ही किसी को पसंद आएगा. अब सरफराज को साबित करना है कि वो पाकिस्तानी फैन्स को मैदान पर अपने प्रदर्शन से कैसे जवाब देते हैं.

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First published: June 23, 2019, 4:28 PM IST
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