बेस्ट स्पिनर के सवाल पर बोले अश्विन- मुझ पर माइक्रोस्कोप से नजर रखी जाती है

IND vs AUS: हाल ही में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में रविचंद्रन अश्विन का परफॉर्मेंस काबिले-तारीफ रहा है. (फोटो-AP)

रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने कहा, 'मैं भारतीय टीम में एक स्पिनर के रूप में जगह बनाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा हूं. खासकर पिछले एक दो साल से मैं गेंदबाजी पर जोर दे रहा हूं ओर विकेट ले रहा हूं, ताकि खुद को बेस्ट स्पिनर कह सकूं.'

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    नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच खेली गई बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) काफी यादगार रही. अश्विन ने इस सीरीज में ना केवल गेंद, बल्कि बल्ले से भी कमाल दिखाया. अश्विन ने चोट के बावजूद सिडनी में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) के साथ चौथी पारी में पिच पर जमकर इस टेस्ट को ड्राॅ करवाया. यह दौरा अश्विन के साथ-साथ पूरी भारतीय क्रिकेट टीम के लिए यादगार रहा, जहां टीम के अनुभवी क्रिकेटरों के साथ-साथ युवाओं ने भी अपनी छाप छोड़ी. अश्विन ने इस दौरे के बारे में कहा कि भारत की गेंदबाजी ने पूरी सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई टीम को कड़ी चुनौती दी.

    एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट की दूसरी पारी में महज 36 रन पर आउट होने के बाद टीम इंडिया ने गजब का बाउंस बैक किया. अश्विन इस दौरे को बेस्ट बताते हैं और कहते हैं कि पिछले दौरों को देखने के बाद इस ऑस्ट्रेलियाई दौरे को बेस्ट कहा जा सकता है. अश्विन ने कहा, 'मैंने शुरू में अभ्यास के दौरान खुद को कुछ गेंदों तक सीमित किया था, लेकिन इसने काम नहीं किया. रविंद्र जडेजा की मांसपेशियों में चोट लग गई. इसलिए मुझे पहला टेस्ट खेलने का मौका मिला. मैं पिछले दो साल से अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूं.'

    'गेंदबाजी पर जोर दे रहा हूं ताकि खुद को बेस्ट स्पिनर कह सकूं'
    रविचंद्रन अश्विन ने कुछ पत्रकारों से बात की. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक अश्विन ने अपनी बल्लेबाजी की आलोचना का भी जवाब दिया. उन्होंने कहा, '2016 के वेस्टइंडीज दौरे से मेरी बल्लेबाजी की आलोचना हो रही है. तब मैं तीनों फॉर्मेट में खेल रहा था. कभी-कभी सिर्फ टेस्ट क्रिकेट खेलना भी अच्छा नहीं होता. मैं भारतीय टीम में एक स्पिनर के रूप में जगह बनाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा हूं. यदि मुझे मेरी बल्लेबाजी के आधार पर जज किया जाएगा तो केवल एक या दो पारियों के बाद मुझे ड्रॉप कर दिया जाएगा. इसलिए मैं पिछले एक दो साल से गेंदबाजी पर जोर दे रहा हूं ओर विकेट ले रहा हूं, ताकि खुद को बेस्ट स्पिनर कह सकूं.''

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    'मुझे हर वक्त माइक्रोस्कोप के नीचे से गुजरना पड़ता है'
    स्टीव स्मिथ से अपने मुकाबले के बारे में अश्विन ने कहा, ''इस बात को लेकर बहुत शोर मचा कि मैं कैसी गेंदबाजी कर रहा हूं. पिछले दौरे पर एडिलेड में मैंने 6 विकेट लिए थे. इसके बाद नाथन लायन और मेरे बीच तुलना होने लगी. मुझे लगता है कि मुझे हर वक्त माइक्रोस्कोप के नीचे से गुजरना पड़ता है. स्मिथ का रिकॉर्ड है कि वह ऑस्ट्रेलिया में कभी स्पिनरों को विकेट नहीं देते. मैं इस धारणा को गलत साबित करना चाहता था. लोग इस पर चर्चा कर रहे थे कि स्मिथ को कौन आउट करेगा, लेकिन कोई भी मेरा नाम नहीं ले रहा था. तब मैंने यह सुनिश्चित किया कि लोग मेरा नाम लें.''

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    'कप्तानी को लेकर बोले- मेरी अपनी योजना थी'
    विराट कोहली के बाद कप्तानी अजिंक्य रहाणे के हाथ में आ गई. पुजारा उप कप्तान बने. बाद में रोहित शर्मा को उप कप्तान बना दिया गया. इस पर अश्विन ने कहा, ''मैं बिलकुल निराश नहीं हुआ. मैदान पर मेरी अपनी योजना थी, जिसे मैंने क्रियान्वित किया.'' इंग्लैंड सीरीज पर अश्विन की नजर क्या 400 विकेटों पर होगी? इसके जवाब में उन्होंने कहा, ''एक बार टेस्ट क्रिकेट में 200 विकेट का आंकड़ा पार करने के बाद मैंने माइलस्टोन की तरफ देखना छोड़ दिया है.''

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