27 साल बाद वर्ल्‍ड कप में हुआ बड़ा बदलाव, टॉप टीमों पर खतरा

राउंड रॉबिन और नॉकआउट फॉर्मेट में सभी टीमें आपस में मुकाबले खेलती हैं.

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Updated: May 20, 2019, 10:39 AM IST
27 साल बाद वर्ल्‍ड कप में हुआ बड़ा बदलाव, टॉप टीमों पर खतरा
27 साल बाद वर्ल्‍ड कप में हुआ बड़ा बदलाव (photo-ap)
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Updated: May 20, 2019, 10:39 AM IST
आईसीसी क्रिकेट विश्‍व कप 2019 का 30 मई को इंग्‍लैंड एंड वेल्‍स में बिगुल बजेगा. जबकि 27 साल बाद राउंड रॉबिन और नॉकआउट फॉर्मेट के नियम के तहत खेले जाने के कारण क्रिकेट के इस महाकुंभ का मजा दोगुना होना तय लग रहा है. हालांकि फॉर्मेट बदल जाने से टॉप टीमों के लिए खतरा पैदा हो सकता है.

यह फॉर्मेट बेहद मजेदार है क्‍योंकि टूर्नामेंट में हिस्‍सा लेने वाली सभी टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्‍पर्धा देखने को मिलती है. यही नहीं, इसमें किसी टीम को कमजोर या हल्‍के में नहीं लिया जा सकता. आखिर बराबर मौके मिलने के कारण हर टीम का जोश बढ़ता है और वह विरोधी टीम की धज्जियां उड़ा सकती है. सच कहा जाए तो बेशक दुनियाभर के क्रिकेट जानकार भारत, इंग्‍लैंड, ऑस्‍ट्रेलिया, न्‍यूजीलैंड और पाकिस्‍तान जैसी टीमों पर दांव लगाना पसंद कर रहे हों, लेकिन यहां अफगानिस्‍तान, वेस्‍टइंडीज और बांग्‍लादेश जैसी टीम में भी टॉप चार में पहुंच सकती है.



आखिरी बार 1992 वर्ल्‍ड कप में दिखा था ये फॉर्मेट
1992 वर्ल्‍ड कप में नौ टीमों ने हिस्‍सा लिया था, जिसमें से न्‍यूजीलैंड, इंगलैंड, साउथ अफ्रीका और पाकिस्‍तान ने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी. राउंड रॉबिन और नॉकआउट फॉर्मेट के तहत नंबर 1 न्‍यूजीलैंड और नंबर 4 पाकिस्‍तान की टक्‍कर हुई, जिसमें इमरान खान की टीम ने 4 विकेट से बाजी मारकर फाइनल में कदम रखा.

जबकि नंबर 2 पर रहने वाली इंग्‍लैंड टीम ने नंबर 3 साउथ अफ्रीका 20 रन हराकर पाकिस्‍तान से भिड़ने का टिकट हासिल किया था. इस मैच में अफ्रीका टीम विवादित नियम (Most Productive Overs method, तब डकवर्थ-लुइस नियम नहीं था) की वजह से हार गई थी. बारिश की वजह से ये मैच 45-45 ओवर का खेला गया था. 253 रन का लक्ष्‍य लेकर उतरी अफ्रीकी टीम के 43वें ओवर की एक गेंद रहते बारिश आ गई. अब उसे जीत के लिए 13 गेंदों पर 22 रन बनाने थे, जो कि मुश्किल चुनौती नहीं थी, लेकिन दो ओवर का खेल बारिश की वजह से बर्बाद होने के कारण उसे जब मैच शुरू हुआ तो एक गेंद पर 22 रन बनाने थे जो कि असंभव था. रंगभेद के बैन के बाद अफ्रीकी टीम ने दम तो दिखाया, लेकिन नये नियम ने उसका खेल बिगाड़ दिया. आखिरकार इमरान की पाक टीम ने इंग्‍लैंड को 22 रन से पीटकर अपना पहला खिताब जीत लिया. यह इमरान खान का आखिरी वनडे मैच भी था.

राउंड रॉबिन और नॉकआउट फॉर्मेट क्‍या है?
राउंड रॉबिन और नॉकआउट फॉर्मेट में सभी टीमें आपस में मुकाबले खेलती हैं. 2019 विश्‍व कप में कुल 10 टीमें हिस्‍सा ले रही हैं और ये सभी एक-दूसरे के खिलाफ मैच खेलेंगी. यानि सभी दस टीमों को 9-9 मैच खेलने का मौका मिलेगा और टॉप की चार टीमें सेमीफाइनल के लिए क्‍वालिफाई कर जाएंगी. इसके बाद यहां नॉकआउट दौर शुरू होता है यानि एक मैच हारते ही टीम का टूर्नामेंट से पत्‍ता साफ. प्‍वाइंट टेबल में नंबर 1 पर रहने वाली टीम की नंबर 4 से तो नंबर 2 और नंबर 3 की भिड़ंत होगी. दोनों मैचों की विजेता टीमों को फाइनल खेलने का मौका मिलेगा और फिर 15 जुलाई को दुनिया को वर्ल्‍ड कप चैंपियन मिल जाएगा.
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27 साल बाद वर्ल्‍ड कप में हुआ बड़ा बदलाव


ऐसा रहा वर्ल्‍ड कप का फॉर्मेट
1975 से लेकर 1987 तक चार वर्ल्‍ड कप ग्रुप स्‍टेज एंड नॉकआउट फॉर्मेट के तहत खेले गए थे. जबकि 1992 में पहली बार राउंड रॉबिन और नॉकआउट फॉर्मेट आजमाया गया था. यानि पहली बार सभी टीमों ने एक-दूसरे से मैच खेले थे. 1996 में ग्रुप स्‍टेज और नॉकआउट फॉर्मेट का नियम था. इसके बाद 1999 और 2003 में ग्रुप स्‍टेज एंड सुपर सिक्‍स फॉर्मेट दिखाई दिया. जबकि पिछले तीन टूर्नामेंट्स ग्रुप स्‍टेज एंड नॉकआउट फॉर्मेट के तहत खेले गए थे. वहीं, इस बार यह महाकुंभ 1992 वाले फॉर्मेट पर खेला जा रहा है और यहां दिन विशेष पर अफगानिस्‍तान, वेस्‍टइंडीज और बांग्‍लादेश जैसी कमजोर टीमें में भी बड़ी टीमों का खेल बिगाड़ सकती हैं.

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