बड़ी खबर : ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धोनी नहीं पहनेंगे 'बलिदान बैज' वाले विकेटकीपिंग ग्लव्स

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच के बाद काफी तूल पकड़ गया था ये मामला, बलिदान बैज वाले ग्लव्स पहनने की अनुमति देने की बीसीसीआई की अपील आईसीसी ने कर दी थी खारिज.

News18Hindi
Updated: June 9, 2019, 4:07 PM IST
बड़ी खबर : ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धोनी नहीं पहनेंगे 'बलिदान बैज' वाले विकेटकीपिंग ग्लव्स
आईसीसी से अनुमति नहीं मिलने के चलते धोनी ने लिया ये फैसला.
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Updated: June 9, 2019, 4:07 PM IST
वर्ल्ड कप में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हो रहे मुकाबले में बड़ी खबर ये है कि एम एस धोनी अपने बलिदान बैज वाले विकेटकीपिंग ग्लव्स नहीं पहनेंगे. आईसीसी से अनुमति नहीं मिलने के बाद धोनी ने ये फैसला लिया है. धोनी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे विकेटकीपिंग ग्लव्स का इस्तेमाल करेंगे.

आपको बता दें धोनी ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में जो विकेटकीपिंग ग्लव्स पहने थे, उन पर पैरा स्पेशल फोर्स का चिन्ह 'बलिदान' बना हुआ था. जिसके बाद ICC ने BCCI से उन्हें हटाने के लिए कहा था. हालांकि बीसीसीआई ने इस मुद्दे पर आईसीसी से बात की थी.

आईसीसी के मुताबिक ICC इवेंट के नियम किसी निजी संदेश या लोगो को किसी भी सामान या कपड़े पर दिखाने की अनुमति नहीं देते हैं. साथ ही यह लोगो विकेटकीपर के ग्‍लव्‍स को लेकर जारी नियमों को भी तोड़ता है.

काम नहीं आई बीसीसीआई की कवायद

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से बलिदान बैज वाले ग्लव्स पहनने की अनुमति न मिलने के बाद भी बीसीसीआई और प्रशासकों की समिति (सीओए) ने उम्मीद नहीं छोड़ी थी. आईसीसी को मनाने के लिए बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी शनिवार को लंदन पहुंच गए थे. हालांकि धोनी के नए ग्लव्स पहनने के फैसले के बाद यही लगता है कि बीसीसीआई की कवायद काम नहीं आई.

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नए ग्लव्स कुछ ऐसे हैं. new gloves of mahendra singh dhoni

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में बलिदान बैज वाले ग्लव्स पहने थे, जिन्हें लेकर काफी विवाद हो गया था.क्या कहता है आईसीसी का नियम
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आईसीसी का नियम जी1 कहता है, ‘खिलाड़ी या टीम अधिकारी आर्म बैंड, कपड़े या किसी भी अन्य इक्विपमेंट के जरिए कोई व्यक्तिगत संदेश तब तक नहीं दे सकते, जब तक इन्हें प्रदर्शित करने की अनुमति न ली गई हो. इसके लिए क्रिकेट बोर्ड और आईसीसी क्रिकेट ऑपरेशंस डिपार्टमेंट से स्वीकृति होनी चाहिए. राजनीतिक, धार्मिक या रंगभेदी क्रियाकलापों या कारणों को दर्शा रहे संदेशों को मंजूरी नहीं दी जाएगी. किसी भी संदेश की स्वीकृति का अंतिम अधिकार आईसीसी का है. अगर किसी संदेश को खिलाड़ी या बोर्ड की तरफ से मंजूरी मिलती है, लेकिन आईसीसी क्रिकेट ऑपरेशंस डिपार्टमेंट उसे खारिज करता है, तो खिलाड़ी या टीम अधिकारी को वह संदेश अंतरराष्ट्रीय मैच में प्रदर्शित करने की इजाजत नहीं है.

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First published: June 9, 2019, 2:51 PM IST
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