कोई बस धोता है तो कोई रह जाता है बेरोजगार, ये है न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों का दर्द!

आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के फाइनल में रविवार को इंग्लैंड से भिड़ेगी न्यूजीलैंड की टीम.

News18Hindi
Updated: July 13, 2019, 9:25 AM IST
कोई बस धोता है तो कोई रह जाता है बेरोजगार, ये है न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों का दर्द!
आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के फाइनल में रविवार को इंग्लैंड से भिड़ेगी न्यूजीलैंड की टीम
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Updated: July 13, 2019, 9:25 AM IST
आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 की जब शुरुआत हुई थी तो न्यूजीलैंड की टीम सेमीफाइनल में पहुंचने की दावेदार जरूर मानी जा रही थी, लेकिन किसी ने ये नहीं सोचा था कि विलियमसन की सेना फाइनल में भी पहुंच जाएगी. न्यूजीलैंड ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंकाते हुए सेमीफाइनल में भारत जैसे मजबूत विरोधी को मात दी और अब रविवार को वो मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबला खेलेगी. न्यूजीलैंड की टीम की ताकत उसका टीम गेम है. ये टीम किसी एक खिलाड़ी के भरोसे नहीं खेलती. इस टीम के खिलाड़ी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में छोटा-छोटा योगदान देते हैं और नतीजा विरोधी टीम की हार.

न्यूजीलैंड की टीम




खास बात ये है कि इस टीम में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी हैं लेकिन कोई विराट, धोनी, वॉर्नर, जैसा मशहूर नहीं. इस टीम के कप्तान विलियमसन बल्लेबाजी तकनीक और कप्तानी के मामले में विराट कोहली से काफी आगे हैं लेकिन फिर भी वो काफी लो प्रोफाइल रहते हैं. सिर्फ क्रिकेट खेलते हुए नहीं बल्कि रिटायर होने के बाद भी न्यूजीलैंड के खिलाड़ी एक आम आदमी की तरह जीवन जीते हैं. कभी-कभी तो जो समस्या एक आम आदमी को रिटायर होने के बाद सामने आती है, ऐसा ही कुछ न्यूजीलैंड के क्रिकेटर्स के साथ भी होता है. मसलन न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों के लिए रिटायरमेंट के बाद घर चलाना मुश्किल हो जाता है. भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेटर्स बेशुमार पैसा कमाते हैं, लेकिन न्यूजीलैंड के क्रिकेटर्स के हालात अलग हैं. इस टीम के खिलाड़ियों को इतनी ज्यादा सैलरी नहीं मिलती जितना विराट, मॉर्गन और फिंच जैसे कप्तानों को मिलती है.

मैथ्यू सिंक्लेयर और क्रिस केर्न्स


रिटायरमेंट के बाद मुश्किल हालात
क्रिस केर्न्स और मैथ्यू सिंक्लेयर ये न्यूजीलैंड क्रिकेट के दो ऐसे नाम हैं, जिन्होंने बतौर क्रिकेटर काफी कुछ हासिल किया लेकिन जब ये दोनों खिलाड़ी इस खेल से अलग हुए तो इनके लिए जीवन काटना मुश्किल हो गया.

न्यूजीलैंड के सफलतम क्रिकेटरों में से एक क्रिस केर्न्स पर कुछ साल पहले मैच फिक्सिंग का आरोप लगा था, जिसकी वजह से उन्हें कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी और उनकी वित्तीय हालत खराब हो गई. फिक्सिंग के आरोपों से वो बरी हो गए, लेकिन आज उनका जीवन बेहद मुश्किल से कट रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 44 साल के केर्न्स ने परिवार चलाने के लिए ऑकलैंड में बस धोने और ट्रक चलाने तक का काम किया.
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मैथ्यू सिंक्लेयर रहे बेरोजगार!
दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपने टेस्ट डेब्यू में ही डबल सेंचुरी ठोक दी थी. लेकिन, रिटायर के बाद ये खिलाड़ी पाई-पाई को मोहताज हो गया. साल 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद वो बेरोजगार रहे. खराब वित्तीय हालत की वजह से उनका पारिवारिक जीवन खतरे में पड़ गया. पढ़ाई पूरी नहीं करने की वजह से उन्हें नौकरी भी नहीं मिल रही थी. हालांकि बाद में उन्हें नेपियर में रीयल एस्टेट में सेल्स पर्सन का काम मिला.

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