वर्ल्‍ड कप में नंबर 4 पर खेलते हुए ये खिलाड़ी दिखा चुके हैं दम, कोहली का है ऐसा रिकॉर्ड

ऑस्‍ट्रेलिया और न्‍यूजीलैंड में खेले गए पिछले वर्ल्‍ड कप में अजिंक्य रहाणे ने सात मैचों में नंबर 4 पर बल्‍लेबाजी करते हुए 208 रन बनाए थे.

News18Hindi
Updated: May 16, 2019, 12:44 PM IST
वर्ल्‍ड कप में नंबर 4 पर खेलते हुए ये खिलाड़ी दिखा चुके हैं दम, कोहली का है ऐसा रिकॉर्ड
पिछले वर्ल्‍ड कप में रहाणे का दिखा था दम (photo-twitter)
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Updated: May 16, 2019, 12:44 PM IST
भारतीय टीम के लिए पिछले कई साल से नंबर 4 की गुत्‍थी पहेली बनी हुई है. जबकि इस बार भी इस नंबर पर कौन खेलेगा को लेकर बहस का दौर जारी है. हालांकि भारतीय टीम के मुख्‍य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने वर्ल्‍ड कप 2019 के लिए टीम चुने जाने के बाद ऑलराउंडर विजय शंकर को पहली पसंद बताते हुए उन्‍हें टीम के 3D (थ्री डायमेंशनल) करार दिया था. इसके बाद कप्‍तान विराट कोहली ने भी उन्‍हें टीम को अहम खिलाड़ी बताया, लेकिन क्रिकेट के महाकुंभ में नंबर 4 पर कौन खेलेगा उसको लेकर उन्‍होंने साफ साफ कुछ नहीं कहा था. लेकिन हम यहां भारत के लिए नंबर 4 पर वर्ल्‍ड कप में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ि‍यों पर चर्चा कर रहे हैं.

2015 में ये थे नंबर 4 के स्‍टार


ऑस्‍ट्रेलिया और न्‍यूजीलैंड में खेले गए पिछले वर्ल्‍ड कप में अजिंक्य रहाणे ने सात मैचों में नंबर 4 पर बल्‍लेबाजी करते हुए 208 रन बनाए तो एक मैच में सुरेश रैना ने 74 रन की पारी खेलकर अपना दम दिखाया. हालांकि ये दोनों मौजूदा वर्ल्ड कप में टीम का हिस्‍सा नहीं हैं.

2011 में कोहली और युवी का दिखा दम

भारतीय टीम ने धोनी की कप्‍तानी में 2011 वर्ल्ड कप अपने नाम किया था, जिसमें युवा विराट कोहली ने नंबर 4 पर बल्‍लेबाजी करते हुए एक शतक की मदद से 202 रन बनाए थे. इसके अलावा युवराज ने भी दो मैचों में इस स्थान की जिम्मेदारी संभाली थी और एक शतक की मदद से 171 रन बनाकर अपना दम दिखाया था.

2015 वर्ल्‍ड कप में नंबर 4 पर खेले थे रहाणे. (photo-twitter)


इनका रहा है जलवापहले दो वर्ल्ड कप में गुंडप्पा विश्वनाथ (कुल छह मैचों में 145 रन) ने यह भूमिका बखूबी निभाई थी. भारतीय टीम जब 1983 में वर्ल्ड चैंपियन बनी थी तब यशपाल शर्मा (तीन मैचों में 112 रन) और संदीप पाटिल (तीन मैचों में 87 रन) ने नंबर 4 पर उपयोगी योगदान दिया था. हालांकि दिलीप वेंगसरकर दो मैचों में इस स्थान पर उतरे थे जिसमें उन्होंने 37 रन बनाए थे. वैसे वह (वेंगसरकर) 1987 में पांच मैचों में नंबर 4 बल्लेबाज के रूप में खेले थे और इस दौरान उनके बल्‍ले से 171 रन निकले थे.

सचिन का भी चला है बल्‍ला
1992 वर्ल्‍ड कप में नंबर 4 बल्‍लेबाज़ के तौर पर सचिन तेंदुलकर ने सात मैच में 229 रन बनाकर अपना दम दिखाया था. हालांकि वह वर्ल्ड कप में भारत की तरफ से नंबर 4 पर 12 मैच खेले हैं जिनमें उनके नाम पर 400 रन दर्ज हैं.

सचिन का चला है जमकर बल्‍ला. (photo-twitter)


इसके बाद मोहम्मद अजहरूद्दीन (नौ मैचों में 238 रन) का नंबर आता है. अजहर 1996 में छह मैचों में इस नंबर पर उतरे थे लेकिन नाबाद 72 रन की एक पारी के अलावा कोई कमाल नहीं दिखा पाए थे. जबकि इंग्‍लैंड में हुए 1999 वर्ल्‍ड कप में अजय जडेजा (तीन मैचों में 182 रन), तेंदुलकर (तीन मैचों में 164 रन) और अजहर (दो मैचों में 31 रन) ने इस नंबर की जिम्मेदारी संभाली थी. उनके अलावा राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली, युवराज और नयन मोंगिया को भी इस स्थान पर आजमाया गया था.

दक्षिण अफ्रीका में खेले गए 2003 वर्ल्ड कप में मोहम्मद कैफ सर्वाधिक छह मैचों में नंबर 4 पर उतरे थे जिसमें उन्होंने 142 रन बनाए. जबकि 2007 में सचिन ने दो तो धोनी ने एक मैच में इस नंबर पर बल्‍लेबाजी की थी, लेकिन कोई खास प्रदर्शन नहीं रहा था. इस टूर्नामेंट से भारतीय टीम पहले ही दौर से बाहर हो गई थी.

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