वर्ल्‍ड कप फाइनल में ओवरथ्रो पर धर्मसेना के फैसले का ICC ने किया सपोर्ट

थ्रो के बल्‍ले से लगकर बाउंड्री में जाने पर आईसीसी की ओर से पहले आधिकारिक बयान में कहा गया कि फैसले में सही प्रकिया का पालन किया गया.

News18Hindi
Updated: July 27, 2019, 10:16 PM IST
वर्ल्‍ड कप फाइनल में ओवरथ्रो पर धर्मसेना के फैसले का ICC ने किया सपोर्ट
आईसीसी ने वर्ल्‍ड कप 2019 के फाइनल में अंपायर कुमार धर्मसेना के थ्रो के बल्‍ले से लगकर बाउंड्री में जाने पर 6 रन दिए जाने के फैसले का बचाव किया है.
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Updated: July 27, 2019, 10:16 PM IST
अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने क्रिकेट वर्ल्‍ड कप 2019 के फाइनल में अंपायर कुमार धर्मसेना के थ्रो के बल्‍ले से लगकर बाउंड्री में जाने पर 6 रन दिए जाने के फैसले का बचाव किया है. आईसीसी की ओर से इस संबंध में पहले आधिकारिक बयान में कहा गया कि फैसले में सही प्रकिया का पालन किया गया. बता दें कि नियमानुसार, उस थ्रो पर 5 रन ही दिए जाने चाहिए लेकिन धर्मसेना ने 6 रन दे दिए थे. यह घटना इंग्‍लैंड की पारी के 50वें ओवर में हुई थी जब मार्टिन गप्टिल का थ्रो बेन स्‍टोक्‍स के बल्‍ले से लगकर बाउंड्री के लिए चला गया था. इस तरह से इस गेंद पर कुल 6 रन इंग्‍लैंड को मिले थे. 4 रन बाउंड्री और 2 रन जो दौड़कर पूरे किए गए थे.

इस फैसले से पहले इंग्‍लैंड को 3 गेंद में 9 रन चाहिए थे. लेकिन इस फैसले से यह रन घटकर 2 गेंद में 3 रन हो गए थे. बाद में मैच टाई रहा था.

फैसले में सही प्रक्रिया का पालन
धर्मसेना ने कहा था कि यह फैसला सामूहिक रूप से लिया गया था. उन्‍होंने अपने साथी मरे इरास्‍मस से सलाह ली थी और यह बात बाकी के मैच अधिकारियों ने भी सुनी थी. अब आईसीसी के जनरल मैनेजर (क्रिकेट) ज्‍यॉफ अलार्डिस ने ईएसपीएनक्रिकइंफो को बताया, 'उन्‍हें (मैदानी अंपायरों) फैसला लेना था कि जब थ्रो फेंका गया तब बल्‍लेबाजों ने एक दूसरे को पार किया था या नहीं. उस गेंद पर सब कुछ होने के बाद उन्‍होंने कम्‍युनिकेशन सिस्‍टम के जरिए अपना फैसला दिया. उन्‍होंने निर्णय लेते हुए सही प्रक्रिया का पालन किया.'

थर्ड अंपायर के पास जाने के हालात नहीं थे
अलार्डिस ने फैसले लेने में जल्‍दबाजी का भी बचाव किया. उन्‍होंने कहा कि खेल के हालात ने थर्ड अंपायर या मैच रैफरी को मौका नहीं दिया. दोनों को दखल देने के लिए टीवी का सहारा लेना होता. उन्‍होंने कहा, 'उन्‍हें नियम के बारे में पता था. खेल के हालात ने उन्‍हें इस तरह के फैसले को थर्ड अंपायर को भेजने का समय नहीं दिया. मैदानी अंपायरों के फैसला लेने के बाद मैच रैफरी कुछ नहीं कर सकते.' बता दें कि अंपायरों के फैसला लेने पर कोई समयसीमा नहीं होती है.

उन्‍होंने बताया कि फाइनल मैच पर अनिल कुम्‍बले की अध्‍यक्षता वाली आईसीसी की क्रिकेट कमिटी विचार करेगी. दिलचस्‍प बात है कि इस कमिटी की पहली बैठक अगले साल होनी है.
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First published: July 27, 2019, 10:13 PM IST
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