फुटबॉल का ये नियम अब क्रिकेट में भी लागू, मिल जाएगा नया खिलाड़ी

आईसीसी ने क्रिकेट के नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए हैं. ये फैसले आईसीसी की वार्षिक कॉन्फ्रेंस के बाद लिए गए हैं. इसके तहत अब गंभीर चोट लगने पर चोटिल खिलाड़ी की जगह नया खिलाड़ी मैदान पर आ सकेगा.

News18Hindi
Updated: July 19, 2019, 1:14 PM IST
फुटबॉल का ये नियम अब क्रिकेट में भी लागू, मिल जाएगा नया खिलाड़ी
आईसीसी ने क्रिकेट के नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए हैं. ये फैसले आईसीसी की वार्षिक कॉन्फ्रेंस के बाद लिए गए हैं. इसके तहत अब गंभीर चोट लगने पर चोटिल खिलाड़ी की जगह नया खिलाड़ी मैदान पर आ सकेगा.
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Updated: July 19, 2019, 1:14 PM IST
आईसीसी ने अपनी सालाना वार्षिक कॉन्फ्रेंस में कुछ बड़े फैसले लिए हैं. लंदन में संपन्न हुई इस कॉन्फ्रेंस के बाद आईसीसी ने कहा है कि अब क्रिकेट में भी चोट लगने के बाद रिप्लेसमेंट किए जा सकेंगे. लेकिन ये तभी संभव होगा जब किसी खिलाड़ी को गंभीर चोट लगी हो. फुटबॉल के खेल में यह बेहद अहम नियम है, जिसमें किसी खिलाड़ी के चोटिल होने पर वापस बुलाने या खिलाड़ी को आराम देने के लिए सबस्टीट्यूट खिलाड़ी को मैदान पर भेजा जाता है.

दरअसल, आईसीसी ने कहा है कि अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जिन खिलाड़ियों को सिर पर गंभीर चोट लगेगी, उन्हें मेडिकल जांच के बाद दूसरे खिलाड़ियों से रिप्लेस किया जा सकेगा और जो खिलाड़ी रिप्लेस होकर आएगा, उसे बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी करने का मौका भी दिया जाएगा. टीम के मेडिकल प्रतिनिधि की जांच के बाद ये फैसला लिया जाएगा कि चोट कितनी गंभीर है. अगर चोट इतनी गंभीर होती है कि खिलाड़ी आगे खेल न पाए, तो उसी के जैसे एक खिलाड़ी को टीम मैदान पर ला सकती है और उसे फील्डिंग के साथ बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी का मौक़ा भी दिया जाएगा. ये नियम एक अगस्त से शुरू हो रही एशेज सीरीज से लागू होगा.

जैसा खिलाड़ी बाहर होगा, वैसा ही अंदर आएगा

मैच रेफरी द्वारा ये फैसला लिया जाएगा कि जिस शैली का खिलाड़ी चोट की वजह से बाहर हो रहा है, उसी शैली का खिलाड़ी टीम में अंदर आए. मिसाल के तौर पर, अगर किसी सलामी बल्लेबाज़ को बल्लेबाज़ी करते हुए सिर पर गेंद लगती है और वह खेलना जारी नहीं रख पाता है, तो उसकी जगह किसी सलामी बल्लेबाज़ को ही टीम में अंदर लाया जाएगा, न कि किसी तेज़ गेंदबाज़ को. ये फैसला दो साल तक चले ट्रायल के बाद लिया गया है. आईसीसी ने अपनी वार्षिक कॉन्फ्रेंस के बाद बयान जारी करते हुए कहा कि घरेलू क्रिकेट में दो साल के ट्रायल के बाद आईसीसी ने ये फैसला किया है कि पुरुष और महिला क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय और फर्स्ट क्लास लेवल के सभी फॉर्मेट में किसी खिलाड़ी को सिर में चोट लगने के बाद रिप्लेस किया जा सकेगा.

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2017 से चल रहा था ट्रायल

आईसीसी ने घरेलू स्तर पर परीक्षण के तौर पर इसकी शुरुआत 2017 में की थी, जिसके बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने पुरुष और महिला वनडे और बीबीएल में इस लागू किया. लेकिन शेफील्‍ड शील्ड में इसे लागू करने के लिए उसे आईसीसी की मंजूरी का इंतजार करना पड़ा था, जो उसे मई 2017 में मिली. पिछले कुछ सालों में इस तरह की कई घटनाएं आई हैं जिनमें खिलाड़ी गेंद सिर पर लगने से चोटिल हो गए. ऐसे में कई बार टीमों को कम खिलाड़ियों के साथ रहने को मजबूर होना पड़ा. इसी को ध्‍यान में रखते हुए आईसीसी ने यह फैसला किया है.
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फिलिप ह्यूज़ की मौत के बाद आईसीसी हुआ सख्त

2014 में ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज़ फिलिप ह्यूज़ की एक फर्स्ट क्लास मैच में सिर पर गेंद लगने के बाद मौत के कारण आईसीसी इन तरह के मसलों को लेकर बेहद गंभीर हुआ है. इस नियम के बनने के पीछे ह्यूज़ की मौत एक बहुत बड़ा कारण है. इस फैसले के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इसका स्वागत किया है.

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First published: July 19, 2019, 1:12 PM IST
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