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अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारतीय बल्लेबाज-गेंदबाज रहे फ्लॉप, ये हैं हार की 5 वजहें

News18Hindi
Updated: February 10, 2020, 11:11 AM IST
अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारतीय बल्लेबाज-गेंदबाज रहे फ्लॉप, ये हैं हार की 5 वजहें
बांग्लादेश की टीम ने 3 विकेट से जीता अंडर 19 वर्ल्ड कप का फाइनल

आईसीसी अंडर 19 क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल में बांग्लादेश से हारा भारत (India U-19 Vs Bangladesh U-19), 3 विकेट से गंवाया खिताबी मैच

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  • Last Updated: February 10, 2020, 11:11 AM IST
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नई दिल्ली. अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारतीय टीम (India Under-19) का पांचवीं बार विश्व विजेता बनने का सपना टूट गया. खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 177 रन बनाए. जवाब में बांग्लादेश की टीम ने डकवर्थ-लुइस नियम के आधार पर 3 विकेट से मैच जीत लिया. मैच के अंत में बारिश की वजह से बांग्लादेश को जीत के लिए 170 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे उसने 42.1 ओवर में हासिल कर लिया. बांग्लादेश की टीम पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनी. भारतीय टीम ने फाइनल में कई ऐसी गलतियां की जिसकी उम्मीद इस टीम से बिलकुल नहीं थी. टूर्नामेंट में पहली बार भारतीय टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग के मोर्चे पर विफल रही. आइए आपको बताते हैं कि आखिर टीम इंडिया की हार की वजहें क्या रहीं.

फाइनल में भारतीय बल्लेबाज फ्लॉप


1. खराब बल्लेबाजी: भारतीय टीम की बल्लेबाजी फाइनल में पूरी तरह फ्लॉप रही. यशस्वी जायसवाल ने 88 रन बनाए लेकिन दूसरे बल्लेबाज अपनी भूमिका नहीं निभा सके. कप्तान प्रियम गर्ग (Priyam Garg), उप कप्तान ध्रुव जुरेल, दिव्यांश सक्सेना, सिद्धेश वीर खिताबी मुकाबले में फेल रहे. इसकी एक वजह ये भी रही कि भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर को टूर्नामेंट में ज्यादा बल्लेबाजी का मौका ही नहीं मिला और दबाव भरे मैच में ये बल्लेबाज कुछ नहीं कर पाए. भारत ने अपने अंतिम 7 विकेट महज 21 रनों पर गंवाए.

भारत के दो बल्लेबाज हुए रन आउट


2. विकेट के बीच खराब तालमेल: भारतीय टीम के बल्लेबाजों का विकेट के बीच तालमेल बेहद ही खराब रहा. इसकी वजह से टीम इंडिया को 2 विकेट गंवाने पड़े. अंकोलेकर ने दो खिलाड़ियों को रन आउट कराया. उप-कप्तान ध्रुव जुरेल (Dhruv Jurel) और रवि बिश्नोई दोनों ही रन आउट हुए, जिसका खामियाजा टीम इंडिया को भुगतना पड़ा. ध्रुव जुरेल और बिश्नोई दोनों ही अच्छी बल्लेबाजी कर सकते थे, अगर दोनों रन आउट ना होते तो भारत का स्कोर 200 पार जरूर होता.

टीम इंडिया की गेंदबाजी रही बेहद खराब


3. गेंदबाजों की लेंथ: टूर्नामेंट में सबसे मजबूत गेंदबाजी यूनिट माने जाने वाली भारतीय गेंदबाजी फाइनल मैच में पूरी तरह बिखरी हुई नजर आई. कार्तिक त्यागी (Kartik Tyagi), सुशांत मिश्रा, आकाश सिंह, अथर्व अंकोलेकर ने बेहद ही खराब लाइन-लेंग्थ से गेंदबाजी की. कार्तिक त्यागी एक भी विकेट नहीं झटक पाए वहीं सुशांत मिश्रा और आकाश सिंह एक जगह गेंद को फेंक दबाव नहीं बना पाए.4. अतिरिक्त रन: भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में 33 रन अतिरिक्त के तौर पर दिए. टीम इंडिया के गेंदबाजों ने 19 वाइड, 2 नो बॉल, 8 बाई और 4 लेग बाई के रन दिए. जब भी कोई टीम छोटा स्कोर बनाती है तो उसे हर रन को बचाना होता है, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने एक्स्ट्रा रन देकर ही अपनी हाथ तय कर ली. कार्तिक त्यागी और आकाश सिंह ने 5- 5 वाइड फेंकी. सुशांत मिश्रा ने 5 वाइड और 2 नो बॉल फेंकी. वहीं अथर्व अंकोलेकर ने भी 5 वाइड का योगदान देकर बांग्लादेश को चैंपियन बनवा दिया.

5. टॉस: क्रिकेट में टॉस की भूमिका बेहद अहम होती है. पोचेफ्स्ट्रूम में खेले गए फाइनल मैच में भी कुछ ऐसा ही हुआ. किस्मत प्रियम गर्ग के साथ नहीं रही और बांग्लादेश के कप्तान अकबर अली ने टॉस जीता. पिच की नमी का बांग्लादेश के गेंदबाजों ने अच्छा फायदा उठाया और भारतीय बल्लेबाज बैकफुट पर नजर आए.

अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में ढह गई भारतीय टीम, सिर्फ 21 रन पर गिरे 7 विकेट!

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First published: February 10, 2020, 11:05 AM IST
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