1983 की सफलता को इंग्लैंड में दोहराने के लिए तैयार हैं कोच शास्त्री

रवि शास्त्री साल 1983 में भारतीय टीम का हिस्सा थे वहीं इंग्लैंड में हो रहे वर्ल्ड कप में वह टीम के कोच हैं

News18Hindi
Updated: May 18, 2019, 3:58 PM IST
1983 की सफलता को इंग्लैंड में दोहराने के लिए तैयार हैं कोच शास्त्री
तीन वर्ल्ड कप खेल चुके शास्त्री इस बार टीम के कोच हैं pti)
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Updated: May 18, 2019, 3:58 PM IST
कुछ समय पहले तक रवि शास्त्री की पहचान भारत के शानदार कमेंटेटर के रूप में थी. 2011 वर्ल्ड कप में भारत की जीत के लम्हें को उनकी आवाज मिली जो आज तक हर भारतीय को याद है. रवि शास्त्री 1983  वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे. एक खिलाड़ी के तौर पर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाले शास्त्री आज भारतीय टीम के कोच हैं. इंग्लैंड में 30 मई से शुरू होने वाले वर्ल्ड कप में कोहली और कोच शास्त्री की जोड़ी का लक्ष्य भारत को एक और वर्ल्ड दिलाना है.

2007 से शुरू हुआ शास्त्री का कोचिंग सफर 

शास्त्री का टीम इंडिया के साथ कोचिंग का सफर 2007 में शुरू हुआ था. उस समय के कोच ग्रैग चैपल के सिडनी लौट जाने के बाद शास्त्री ने उस साल बांग्लादेश दौरे के लिए भारतीय टीम की जिम्मेदारी संभाली थी. हालांकि इसके बाद वह कमेंट्री की दुनिया में लौट गए थे. 2014 में भारत के इंग्लैंड दौरे पर भी वह कमेंटेटर ही थे. भारत के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई ने शास्त्री को नई जिम्मेदारी दी. उन्हें टीम का डायरेक्टर बनाना तय किया गया था. हालांकि उस समय सवाल यह था कि क्या स्टार वर्ल्ड शास्त्री को उनके कॉट्रैक्ट के खिलाफ जाकर इस नई जिम्मेदारी को उठाने की अनुमति देगा. स्टार वर्ल्ड के प्रमुख उदय शंकर ने टीम की जरूरत को देखने हुए शास्त्री को नया रोल निभाने की अनुमति दे दी थी.

बतौर खिलाड़ी टीम के लिए निभाई हर जिम्मेदारी

शास्त्री ने बतौर खिलाड़ी भी भारतीय टीम के लिए काफी कुछ किया. उन्होंने 80 टेस्ट मैच खेले जिसमें 35.79 के औसत से 3830 रन बनाए. वहीं 150 वनडे मैचों में 29.04 की औसत से 3108 रन बनाए. उन्होंने टीम के लिए हर वो रोल निभाया जिसकी जिम्मेदारी उन्हें दी गई.



1983 में भारत के पाकिस्तानी दौरे पर पहले टेस्ट में आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले शास्त्री ने दूसरे टेस्ट में टीम के लिए ओपनिंग की. अपनी इस नई जिम्मेदारी को उन्होंने बखूबी निभाया और 128 रन बनाए. उन्होंने दिखाया कि वह 'टीम मैन' हैं और टीम की जरूरत के हिसाब से खुद को ढालना जानते हैं.
हर वर्ल्ड कप में बदला है शास्त्री का रोल

शास्त्री ने चुनौतियों से कभी मुंह नहीं फेरा. उन्हें जब जो जिम्मेदारी दी गई उन्होंने वह निभाई. शास्त्री के मुताबिक हर बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए आप के अंदर जुनून होना चाहिए. 1983 की विश्व विजेता टीम के अलावा वह 1987 औऱ 1992 विश्व कप में भी भारतीय टीम का हिस्सा थे. इसके बाद उन्होंने अगले चार वर्ल्ड कप में कमेंटेटर का रोल निभाया. साल 2015 में वह बतौर डायरेक्टर टीम के साथ जुड़े औऱ अब 2019 विश्व कप में टीम के कोच हैं.

कप्तान कोहली और कोच रवि शास्त्री की जोड़ी कई ऐतिहासिक जीत हासिल कर चुकी है
कप्तान कोहली और कोच रवि शास्त्री की जोड़ी कई ऐतिहासिक जीत हासिल कर चुकी है


एक जुलाई 2017 को शास्त्री को भारतीय टीम कोच चुना गया. तब से अब तक भारत ने 51 वनडे मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 36 में जीत हासिल की है. वहीं 21 टेस्ट में से भारत को 11 में जीत मिली है. शास्त्री और कोहली की जोड़ी टीम के लिए हिट साबित हुई है. शास्त्री चाहेंगे कि खिलाड़ी के बाद अब वह बतौर कोच भी एक और वर्ल्ड कप अपने नाम करे. भारतीय टीम वर्ल्ड कप के लिए 22 मई को इंग्लैंड रवाना होगी. भारत पांच जून को वर्ल्ड कप में साउथेप्टन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अभियान की शुरुआत करेगा.

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