ICC World Cup: 44 साल का इतिहास और इंडिया की इंग्लैंड पर 20 साल की बादशाहत

जहां तक बात वर्ल्ड कप की है तो क्रिकेट के महाकुंभ में दोनों टीमों की आपस में सात बार भिड़ंत हुई है. इनमें से दोनों टीमों ने तीन-तीन मुकाबले जीते हैं, जबकि 2011 वर्ल्ड कप में हुआ मैच टाई रहा था.

News18Hindi
Updated: June 29, 2019, 9:03 PM IST
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वर्ल्ड कप 2019 में अब वक्त है मजबूत टीमों के बीच मुकाबले का. इस कड़ी में 30 जून को होगी भारत और मेजबान इंग्लैंड की भिड़ंत. ऐसे में सवाल ये ही है कि वर्ल्ड कप की इन दो दावेदार टीमों के बीच होने वाली जंग में विजेता कौन होगा. इसी सबसे बड़े सवाल पर न केवल टीमें बल्कि दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसक भी नजरें टिकाए हैं. आखिर मामला दोनों टीमों की 44 साल से चली आ रही भिड़ंत का है. उसमें भी खास बात ये है कि टीम इंडिया ने 20 साल से वर्ल्ड कप में इंग्लैंड से कोई मुकाबला नहीं हारा है.

भारतीय टीम ने इस वर्ल्ड कप में अभी तक 6 मैच खेले हैं, इनमें से उसने 5 में जीत हासिल की है, जबकि न्यूजीलैंड के खिलाफ उसका मैच बारिश से धुल गया. वहीं दूसरी ओर इंग्लैंड ने 7 मुकाबले खेले हैं, जिनमें से उसने 4 जीते हैं, जबकि 3 में उसे हार मिली.

जहां तक बात वर्ल्ड कप की है तो क्रिकेट के महाकुंभ में दोनों टीमों की आपस में सात बार भिड़ंत हुई है. इनमें से दोनों टीमों ने तीन-तीन मुकाबले जीते हैं, जबकि 2011 वर्ल्ड कप में हुआ मैच टाई रहा था. वर्ल्ड कप में दोनों टीमों की भिड़ंत में जो सबसे अधिक स्कोर बना है, वो 2011 में ही बना था. जब दोनों टीमों ने एक बराबर 338 रन बनाए थे. जहां तक बात सबसे कम स्कोर की है तो भारत ने 132 और इंग्लैंड ने 168 रन बनाए हैं.

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इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में शतक लगाने के दौरान शॉट लगाते सचिन तेंदुलकर. (फाइल फोटो)


वर्ल्ड कप 2011 : सचिन-स्ट्रॉस का शतक और नतीजा टाई
भारत-इंग्लैंड के बीच 2011 के पिछले वर्ल्ड कप में खेला गया मुकाबला रोमांच के चरम तक पहुंचा. रविवार 27 फरवरी को बंगलोर के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. हालांकि भारतीय टीम पूरे 50 ओवर नहीं खेल पाई, लेकिन 49.5 ओवर तक जब टीम की पारी खत्म हुई तो उसने 338 रनों का विशाल स्कोर बना लिया था. इसमें सबसे ज्यादा रन मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के बल्ले से निकले, जिन्होंने 115 गेंद पर 120 रन बनाए. उन्होंने दस चौके व पांच छक्के जड़े. युवराज सिंह ने भी 50 गेंद पर 58 रन बनाकर अहम योगदान दिया. उन्होंने नौ चाैके जड़े. इसके अलावा गौतम गंभीर ने 61 गेंद पर 51 रन बनाए. जवाब में इंग्लैंड के ओपनर एंड्रयू स्ट्रॉस ने 145 गेंद पर ताबड़तोड़ 158 रन की पारी खेल डाली. उन्होंने 18 चौके व एक छक्का लगाया. उन्हें इयान बेल का अच्छा साथ मिला, जिन्होंने 71 गेंद पर 69 रन बनाए. आखिरी ओवर तक के इस रोमांच में इंग्लैंड की टीम भारत के स्कोर के बराबर तक ही पहुंच सकी और यह मैच वर्ल्ड कप इतिहास के चौथे टाई मैच के रूप में दर्ज हो गया.

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इंग्लैंड के खिलाफ छह विकेट लेने के दौरान भारतीय तेज गेंदबाज आशीष नेहरा. (फाइल फोटो)

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2003 वर्ल्ड कप : आशीष नेहरा के 6 विकेट ने निकाला इंग्लैंड का दम
वर्ल्ड कप 2003 का यह मुकाबला आशीष नेहरा की अद्भुत और असाधारण स्विंग गेंदबाजी के लिए याद किया जाएगा. 26 फरवरी को हुए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. डरबन में हुए इस मुकाबले में टीम इंडिया ने नौ विकेट पर 250 रनों का स्कोर खड़ा किया. मिस्टर भरोसेमंद राहुल द्रविड़ ने सबसे ज्यादा 62 रन बनाए. उन्होंने 72 गेंद की अपनी पारी में 3 चौके व 1 छक्का जड़ा. उनके अलावा सचिन तेंदुलकर ने 52 गेंद पर 50 रन बनाए. इसमें 8 चौके व 1 छक्का शामिल था. युवराज सिंह ने भी 38 गेंद पर 42 रन की अहम पारी खेली. जवाब में इंग्लैंड की बल्लेबाजी आशीष नेहरा की तेजी और स्विंग के सामने तहस-नहस हो गई. जवागल श्रीनाथ और जहीर खान के बाद गेंदबाजी करने आए नेहरा का स्पेल इतना घातक था कि इंग्लैंड के 107 रन पर आठ विकेट गंवा दिए थे. इंग्लैंड की टीम 45.3 ओवर में 168 रन पर सिमट गई. नेहरा ने छह शिकार किए और भारतीय टीम ने यह मुकाबला 82 रन से अपने नाम किया.

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1999 वर्ल्ड कप में भारतीय गेंदबाजों के एकजुट प्रदर्शन से मिली टीम को जीत.


1999 वर्ल्ड कप : भारतीय गेंदबाजों के एकजुट प्रदर्शन से मिली जीत
यह मैच 29 मई को बर्मिंघम में खेला गया. मेजबान इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिए भारत को न्योता दिया. मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने आठ विकेट पर 232 रन बनाए. राहुल द्रविड़ ने सबसे ज्यादा 53 रन बनाए जबकि सौरव गांगुली ने 40 व अजय जडेजा ने 39 रन का योगदान दिया. इंग्लैंड के लिए यह लक्ष्य बहुत अधिक मुश्किल नजर नहीं आ रहा था. मगर कुछ अलग ही मूड में नजर आ रहे भारतीय गेंदबाजों ने मिलकर इंग्लैंड के बल्लेबाजों का शिकार किया. सौरव गांगुली ने तीन, जवागल श्रीनाथ, देवाशीष मोहंती और अनिल कुंबले ने दो-दो विकेट लिए. वेंकटेश प्रसाद को एक विकेट मिला. इस मैच में भारत के सभी गेंदबाजों ने विकेट लिए. भारतीय टीम की गेंदबाजी के एक आगे इंग्लैंड की टीम 169 रन ही बना सकी और भारत ने यह मुकाबला 63 रन से जीत लिया.

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इंग्लैंड के खिलाफ इस मुकाबले में भारतीय टीम के चार बल्लेबाज रन आउट हुए.(फाइल फोटो)


1992 वर्ल्ड कप : भारत के चार बल्लेबाज रन आउट और 9 रन का फासला
भारत-इंग्लैंड के बीच खेला गया यह बेहद रोमांचक मुकाबला था. इंग्लैंड ने 22 फरवरी को पर्थ में खेले गए इस मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था. इंग्लैंड ने 9 विकेट के नुकसान पर 236 रनों का स्कोर खड़ा किया. इस स्कोर में सबसे बड़ा योगदान रोबिन स्मिथ के बल्ले से निकला. उन्होंने 91 रन बनाए. इसके अलावा इंग्लैंड के कप्तान ग्राहम गूच ने 51 रन बनाए. भारत की ओर से जवागल श्रीनाथ, कपिल देव और मनोज प्रभाकर ने दो-दो विकेट लिए. उस जमाने में यह लक्ष्य हासिल करना आसान काम नहीं था. बावजूद इसके रवि शास्‍त्री और के. श्रीकांत की बदौलत भारतीय टीम ने पहले विकेट के लिए 63 रन की साझेदारी की. इसी स्कोर पर श्रीकांत आउट हो गए और भारतीय टीम लड़खड़ाने लगी. मध्यक्रम में सचिन तेंदुलकर के 35 रनों को छोड़ दें तो कोई बल्लेबाज सफल नहीं हो सका और भारतीय टीम लक्ष्य से नौ रन दूर रह गई. रवि शास्‍त्री ने सर्वाधिक 57 रन बनाए. खास बात ये रही कि इस मुकाबले में भारतीय टीम के चार बल्लेबाज रन आउट हुए. टीम इंडिया की हार की वजह भी यही बनी.

World Cup 1987 semi-final: Graham Gooch sweeps Indian dreams aside
ग्राहम गूच की बदौलत इंग्लैंड की टीम ने दर्ज की शानदार जीत. (फाइल फोटो)


1987 वर्ल्ड कप : सेमीफाइनल में ही टूट गईं भारत की उम्मीदें
इंग्लैंड के खिलाफ इस मुकाबले से पहले भारतीय टीम का इस वर्ल्ड कप में अभियान शानदार था. 1987 का वर्ल्ड कप का यह दूसरा सेमीफाइनल मैच 5 नवंबर को मुंबई में खेला गया था. भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया. इंग्लैंड ने ग्राहम गूच के शानदार शतक की बदौलत 6 विकेट पर 254 रन बनाए. गूच ने 115 रनों की पारी खेली. उनके अलावा कप्तान माइक गैटिंग ने 56 रन बनाए. भारत की ओर से सबसे ज्यादा तीन विकेट मनिंदर सिंह ने लिए, जबकि कपिल देव के खाते में दो विकेट आए. जवाब में भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने शुरुआत तो अच्छी की लेकिन कोई भी बड़ी पारी नहीं खेल सका. मोहम्मद अजहरुद्दीन ने भले ही सबसे ज्यादा 64 रन बनाए, लेकिन उन्हें किसी बल्लेबाज का सहयोग नहीं मिला. श्रीकांत 31, नवजोत सिंह सिद्धू 22, चंद्रकांत पंडित 24 रवि शास्‍त्री 21 और कपिल देव 30 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. भारतीय टीम 35 रन से यह मुकाबला हार गई.

World Cup 1987 semi-final: Graham Gooch sweeps Indian dreams aside
कपिल देव की अगुआई में भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को शिकस्त दी. (फाइल फोटो)


1983 वर्ल्ड कप : इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचे
भारतीय टीम के लिए यह ऐतिहासिक वर्ल्ड कप रहा. पहली बार विश्व चैंपियन बनने के इस पड़ाव में टीम को सेमीफाइनल की बाधा पार करनी थी और सामने थी मेजबान इंग्लैंड की चुनौती. 22 जून को मैनचेस्टर में हुए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. इंग्लैंड ने 60 ओवरों के इस मुकाबले में 213 रन बनाए. हालांकि टीम की शुरुआत अच्छी रही थी और पहले विकेट के लिए दोनों ओपनर ने 69 रन की साझेदारी की. मगर इसके बाद टीम लड़खड़ा गई. इंग्लैंड के लिए ग्रीम फ्लॉवर ने 33 और उनके जोड़ीदार दूसरे स्पिनर क्रिस टवारे ने 32 रन बनाए. भारत की ओर से कपिल देव ने तीन विकेट लिए. जवाब में भारतीय टीम को यह मुकाबला जीतने में अधिक परेशानी नहीं हुई. टीम ने 54.4 ओवरों में 217 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया. यशपाल शर्मा ने 61, संदीप पाटिल ने 51 और मोहिंदर अमरनाथ ने 46 रन बनाए. भारत ने यह मुकाबला 6 विकेट से अपने नाम किया. मोहिंदर अमरनाथ मैन ऑफ द मैच चुने गए.

World Cup 1987 semi-final: Graham Gooch sweeps Indian dreams aside
क्रिकेट इतिहास के इस पहले वर्ल्ड कप में भारत की ओर से सुनील गावस्कर ने 174 गेंद पर नाबाद 36 रन की बेहद धीमी पारी खेली. (फाइल फोटो)


1975 वर्ल्ड कप : इंग्लैंड की 202 रनों से बड़ी जीत
क्रिकेट इतिहास का यह पहला वर्ल्ड कप कई मामलों में खास था, क्योंकि इसी से वर्ल्ड कप की शुरुआत हुई थी. 7 जून को लंदन में पहला मुकाबला ही भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया. इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और 60 ओवर में 334 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. टीम के लिए डेनिस एमिस ने 137 रनों की बेहतरीन पारी खेली. उनके अलावा फ्लेचर ने 68 और क्रिस ओल्ड ने नाबाद 51 रन बनाए. भारत की ओर से आबिद अली ने दो विकेट लिए. जवाब में भारतीय टीम ने पूरे 60 ओवर खेले, लेकिन तीन विकेट पर 132 रन ही बनाए. सुनील गावस्कर ने 174 गेंद पर 36 रन बनाए. वे ओपनिंग पर उतरे थे और अंत तक नाबाद रहे. इस बेहद धीमी पारी के लिए उनकी काफी आलोचना की गई. भारतीय टीम यह मुकाबला 202 रन से हारी.
First published: June 29, 2019, 9:02 PM IST
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