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IND VS AUS: ब्रिसबेन टेस्ट में टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत, ये हैं भारत की 5 'महाविजय'

भारतीय टेस्ट इतिहास की 5 सबसे बड़ी जीत (साभार-एपी)
भारतीय टेस्ट इतिहास की 5 सबसे बड़ी जीत (साभार-एपी)

India vs Australia, 4th Test: ब्रिसबेन टेस्ट में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर टेस्ट सीरीज पर 2-1 से कब्जा किया

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 19, 2021, 1:52 PM IST
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नई दिल्ली. ब्रिसबेन के गाबा मैदान पर जो काम दुनिया की कोई टीम पिछले 31 सालों में नहीं कर सकी वो टीम इंडिया ने कर दिखाया है. ब्रिसबेन टेस्ट में टीम इंडिया (India vs Australia) ने 328 रनों का विशाल लक्ष्य हासिल कर लिया और इसके साथ ही उसने सीरीज भी अपने नाम कर ली. टीम इंडिया की जीत इसलिए खास है क्योंकि ब्रिसबेन में कभी कोई टीम 300 रनों से बड़े लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाई थी. टीम इंडिया इस मुकाबले में अपने कई अहम खिलाड़ियों के बगैर उतरी थी लेकिन इसके बावजूद उसने ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दी. टीम के पास बेहद अनुभवहीन बॉलिंग अटैक था, उसके कप्तान विराट कोहली टीम के साथ नहीं थे, उसके कई खिलाड़ी चोटिल थे, फिर भी ये टीम लड़ी और अंत में मैच जीता.

ब्रिसबेन की जीत को भारतीय टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत में से एक कहा जाए तो गलत नहीं होगा. आइए आपको बताते हैं कुछ और ऐसी महाविजय के बारे में जो भारतीय क्रिकेट में अमर हैं.

ईडन गार्डन्स में 'महाजीत'
कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर साल 2001 में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. ऑस्ट्रेलिया ने अपने पिछले 16 मैच लगातार जीते थे और इस मुकाबले में उसने टीम इंडिया को फॉलोऑन भी दे दिया था लेकिन फिर भी भारत के खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी. वीवीएस लक्ष्मण ने 281 और राहुल द्रविड़ ने 180 रनों की पारी खेली. दोनों खिलाड़ियों ने 376 रनों की विशाल साझेदारी कर भारत को 657 रनों तक पहुंचा दिया. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया को 384 रनों का लक्ष्य मिला और भारतीय गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में चित कर दिया. भारत ने वो मुकाबला 171 रनों से जीता था.
एडिलेड की ऐतिहासिक जीत


साल 2003 में ऑस्ट्रेलिया को टीम इंडिया ने एडिलेड में मात दी थी. ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 523 रनों का विशाल स्कोर बनाया था लेकिन टीम इंडिया दीवार कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ ने पहली पारी में दोहरा शतक और दूसरी पारी में नाबाद अर्धशतक ठोक टीम इंडिया को 4 विकेट से रोमांचक जीत दिलाई थी. अजीत अगरकर भी इस मैच के नायक रहे थे, जिन्होंने दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में 196 रनों पर समेट दिया था.

जब सचिन ने किया था कमाल
साल 2008 में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में भी टीम इंडिया ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. भारत को दूसरी पारी में 387 रनों का लक्ष्य मिला था और सचिन तेंदुलकर ने नाबाद शतक ठोक टीम को जीत दिला दी थी. इस जीत में युवराज सिंह, वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर ने भी अर्धशतक जड़ा था. इस जीत को सचिन ने मुंबई हमले में शहीद हुए लोगों को समर्पित किया था.

पर्थ में लहराया था तिरंगा
ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर साल 2008 में टीम इंडिया ने एक ऐसी जीत दर्ज की थी जो भारतीय टेस्ट इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी. भारत ने पर्थ की पिच पर ऑस्ट्रेलिया को 72 रनों से हराया था. इरफान पठान इस मैच के हीरो बने थे. भारत ने पहली पारी में 330 रन बनाए थे और जवाब में ऑस्ट्रेलिया 212 पर सिमट गया था. दूसरी पारी में वीवीएस लक्ष्मण ने 79 रनों की पारी खेली और टीम इंडिया को 294 रनों तक पहुंचाया. ऑस्ट्रेलिया को 413 रनों का लक्ष्य मिला लेकिन मेजबान टीम 340 रनों पर ही सिमट गई.

साल 1976 में भारत ने वेस्टइंडीज को उसके ही घर पर 6 विकेट से हराया था. वेस्टइंडीज की बेहद मजबूत टीम ने त्रिनिडाड में टीम इंडिया को 403 रनों का लक्ष्य दिया था और चौथी पारी में भारत ने कमाल की बल्लेबाजी करते हुए इसे हासिल भी कर लिया. सुनील गावस्कर ने 102 और गुंडप्पा विश्वनाथ ने 112 रन बनाकर वेस्टइंडीज में तिरंगा लहराया था.
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