IND vs END: भारत के लिए बहुत 'हार्ड' साबित हुए अंपायर के सॉफ्ट सिग्नल, क्या कहते हैं ICC के नियम

सूर्यकुमार यादव ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 मैच में 31 गेंद पर 57 रन बनाए. (AFP)

सूर्यकुमार यादव ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 मैच में 31 गेंद पर 57 रन बनाए. (AFP)

India vs England: भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 मैच में 8 विकेट पर 185 रन बनाए. इस मैच में अंपायर के दो सॉफ्ट सिग्नल भारतीय टीम (Team India) पर बहुत भारी पड़े. बहुत संभव था कि अगर अंपायर ने यह सिग्नल नहीं दिया होता तो भारत का स्कोर 185/8 की बजाय 190 या 200 के करीब होता.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 18, 2021, 9:47 PM IST
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नई दिल्ली. अंपायर्स कॉल और सॉफ्ट सिग्नल. मौजूदा क्रिकेट में ये दो टर्मिनोलॉजी ऐसी हैं, जो अक्सर बहस को जन्म देती हैं. बल्लेबाज या गेंदबाज अक्सर इनके कारण निराश होते हैं. कई बार टीमों को भी यह बहुत भारी पड़ते हैं. भारत और इंग्लैंड (India vs England) के बीच खेले गए चौथे टी20 मैच में भी ऐसा हुआ. इस मैच में अंपायर ने दो बार ऐसे सॉफ्ट सिग्नल (Soft Signal) दिए, जो भारतीय टीम पर भारी पड़े. बहुत संभव था कि अगर अंपायर ने यह सिग्नल नहीं दिया होता तो भारत का स्कोर 185/8 की बजाय 190 या 200 के करीब होता.

भारत और इंग्लैंड के बीच चौथा टी20 मैच गुरुवार को खेला गया. इस मैच में भारत के कम से कम दो खिलाड़ी अंपायर के सॉफ्ट सिग्नल की वजह से आउट हुए. सबसे पहले सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) को इस सिग्नल की वजह से पैवेलियन लौटना पड़ा. उन्होंने 31 गेंद पर 57 रन बनाए. सॉफ्ट सिग्नल की वजह से आउट होने वाले दूसरे भारतीय वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) रहे. उन्होंने 2 गेंद पर 4 रन बनाए.

दरअसल, सूर्यकुमार यादव जब 57 रन पर खेल रहे थे, तब उन्होंने सैम करेन की गेंद पर पैडल स्वीप शॉट खेला. गेंद फाइन लेग पर खड़े डेविड मलान के पास गई. मलान ने सामने डाइव करते हुए गेंद को पकड़ा. कैच की अपील हुई. अंपायर ने इस पर निर्णय के लिए तीसरे अंपायर से मदद मांगी, लेकिन उन्होंने इससे पहले आउट का सॉफ्ट सिग्नल दिया. टीवी रीप्ले में कहीं से यह नहीं हो रहा था कि मलान ने सफाई से कैच लिया है. हालांकि, इस तरह का भी स्पष्ट वीडियो नहीं था कि उन्होंने कैच छोड़ दिया है. आमतौर पर जब वीडियो से स्पष्ट ना हो तो बल्लेबाज को नॉट आउट दिया जाता है. लेकिन अंपायर के सॉफ्ट सिग्नल की वजह से सूर्यकुमार को पैवेलियन लौटना पड़ा.

वॉशिंगटन सुंदर भी सूर्यकुमार यादव की तरह अंपायर के सॉफ्ट सिग्नल के शिकार हुए. उन्होंने जोफ्रा आर्चर की गेंद पर थर्डमैन की ओर शॉट खेला. वहां खड़े आदिल राशिद ने गेंद को लपक लिया. वे बाउंड्री लाइन के बेहद करीब थे. इस कारण अंपायर ने उन्हें अपना फैसला देने से पहले थर्ड अंपायर से मदद मांगी. उन्होंने इससे पहले आउट का सॉफ्ट सिग्नल दिया. जैसा कि सूर्यकुमार के साथ हुआ, वैसा ही सुंदर के साथ भी हुआ. टीवी रीप्ले से लग रहा था कि जब आदिल ने गेंद को लपका, तब उनका पैर बाउंड्री लाइन से छू रहा था. लेकिन रीप्ले में यह बहुत साफ नहीं था. इस कारण अंपायर का सॉफ्ट सिग्नल ही अंतिम निर्णय साबित हुआ.
अंपायर क्यों देते हैं सॉफ्ट सिग्नल

कई क्रिकेटप्रेमियों के मन में यह सवाल आ सकता है कि अंपायर सॉफ्ट सिग्नल क्यों देते हैं. इसका जवाब आईसीसी के नियम में छिपा है. नियम कहता है कि अगर मैदानी अंपायर किसी फैसले को लेकर निश्चिंत नहीं है तो वह तीसरे अंपायर से मदद ले सकता है. लेकिन ऐसा करने से पहले उसे एक सॉफ्ट सिग्‍नल देना होता है. यह सिग्‍नल आउट या नॉट आउट का होता है. तीसरा अंपायर इस सॉफ्ट सिग्नल को तभी बदल सकता है, जब टीवी रीप्ले से यह स्पष्ट हो जाए कि मैदानी अंपायर का फैसला गलत था. टीवी रीप्ले में स्पष्टता ना होने या किसी और वजह से जब तीसरा अंपायर ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाता तो मैदानी अंपायर का यही सॉफ्ट सिग्नल आखिरी फैसला हो जाता है.
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