IND vs ENG: इंग्लैंड 2015 के बाद घर में सबसे कम स्पिन खेला, इसीलिए फिरकी पर नाचते हैं अंग्रेज

IND VS ENG: बेन स्टोक्स सीधी गेंद पर आउट होने से बेहद निराश. (AP)

IND VS ENG: बेन स्टोक्स सीधी गेंद पर आउट होने से बेहद निराश. (AP)

India vs England: इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने एक बार फिर भारतीय स्पिनरों के सामने घुटने टेक दिए. मेहमान टीम चौथे टेस्ट में महज 205 रन बनाकर ढेर हो गई. इंग्लिश पारी के 10 में से 8 विकेट भारतीय स्पिनरों ने झटके. अंग्रेज बल्लेबाजों की इस पतली हालत की जिम्मेदार उनका घरेलू क्रिकेट भी है, जो स्पिनरों को बिलकुल भी तरजीह नहीं देता. अगर आप वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में खेलने वाले देशों के पिछले 6 साल के आंकड़ों को देखेंगे तो पाएंगे कि स्पिनरों ने सबसे कम गेंदें इंग्लैंड में की हैं.

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नई दिल्ली. भारत और इंग्लैंड (India vs England) के बीच चौथे टेस्ट मैच में वही नजारा दिखा, जिसकी उम्मीद की जा रही थी. इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने एक बार फिर भारतीय स्पिनरों के सामने घुटने टेक दिए. अंग्रेज बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन का एनालिसिस करें तो पता चलेगा कि इंग्लैंड में घरेलू क्रिकेट में स्पिनरों का कम इस्तेमाल कर रहा है. टीम इंग्लैंड (England Cricket Team) की हो या किसी और देश की, खिलाड़ी तो फर्स्ट क्लास क्रिकेट से ही आते हैं. एक जनवरी 2015 से यानी पिछले छह साल के दुनिया भर के फर्स्ट क्लास के आंकड़े देखें तो सबसे कम स्पिन गेंदबाजों का इस्तेमाल इंग्लैंड ने ही किया है. वहां तेज गेंदबाजों को स्पिनरों के मुकाबले तीन गुना अधिक ओवर फेंकने को मिले. भारतीय पिच स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल होती हैं. इसके बाद भी तेज गेंदबाजों ने स्पिनरों के मुकाबले अधिक गेंदबाजी की. विदेश में टीम इंडिया के अच्छे प्रदर्शन के पीछे इसका भी महत्वपूर्ण योगदान है.

भारत और इंग्लैंड सीरीज में चौथे टेस्ट की पहली पारी तक की बात करें तो हमारे स्पिन गेंदबाजों ने 57 विकेट लिए हैं. वहीं तेज गेंदबाजों को सिर्फ 13 विकेट मिले हैं. यह सही है कि भारतीय पिचों को स्पिनरों के अनुकूल माना जाता है लेकिन यह अंतर उम्मीद से ज्यादा है. ऑफ स्पिनर आर अश्विन 27 विकेट लेकर टॉप पर हैं. अक्षर पटेल ने 3 मैच में ही 22 विकेट झटक लिए हैं.

टेस्ट खेलने वाले प्रमुख देशों के छह साल के फर्स्ट क्लास के रिकॉर्ड देखें तो श्रीलंका ने स्पिनरों का सबसे ज्यादा और इंग्लैंड ने सबसे कम इस्तेमाल किया है. श्रीलंका में इस दौरान 63.3% ओवर स्पिन गेंदबाजों ने फेंके. इंग्लैंड के ही अखबार ‘द टेलीग्राफ’ ने इस बारे में अच्छा एनालिसिस किया है. इसके मुताबिक फर्स्ट क्लास क्रिकेट में स्पिनरों के इस्तेमाल के मामले में श्रीलंका के बाद बांग्लादेश (59.9%) दूसरे नंबर पर है. वेस्टइंडीज (47.6%) तीसरे, भारत (42.1%) चौथे, पाकिस्तान (38.8%) पांचवें, दक्षिण अफ्रीका (29.6%) छठे, न्यूजीलैंड (25.6%) सातवें, ऑस्ट्रेलिया (24.7%) आठवें और इंग्लैंड (22.8%) 9वें नंबर पर है.

अक्षर पटेल ने 3 मैच की 5 पारियों में 22 विकेट झटक लिए हैं.
अक्षर पटेल ने 3 मैच की 5 पारियों में 22 विकेट झटक लिए हैं.

भारत में 12% मैच ही जीत सका इंग्लैंड

पिछले छह सालों यानी 1 जनवरी 2015 से इंग्लैंड का घर में टेस्ट का प्रदर्शन देखें तो इंग्लैंड ने 40 में से 24 टेस्ट जीते हैं. यानी 60 फीसदी, जो बेहतरीन माना जा सकता है. लेकिन इसी दौरान भारत में इंग्लिश टीम का प्रदर्शन खराब रहा. टीम 8 में से सिर्फ 1 मैच जीत सकी जबकि 6 में हार मिली. यानी जीत का प्रतिशत सिर्फ 12 का रह गया. इस दौरान इंग्लैंड ने विदेश में सबसे ज्यादा 6 मैच भारत में ही हारे हैं. टीम ने दक्षिण अफ्रीका में 8 में से 5 मुकाबले जीते.

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इंग्लैंड ने 6 साल में 9 देशों से टेस्ट खेले

इंग्लैंड ने पिछले छह साल में 9 देशों से टेस्ट खेले हैं. उसने सबसे ज्यादा 15 टेस्ट ऑस्ट्रेलिया से खेले. 4 मार्च से शुरू हुए मैच से पहले भारत और इंग्लैंड 13 टेस्ट में भिड़े हैं. इस दौरान गेंदबाजों का प्रदर्शन देखें तो हमारे स्पिनर इंग्लैंड के खिलाफ विकेट लेने के मामले में टॉप पर रहे. इन 13 मैचों में हमारे स्पिन गेंदबाजों ने इंग्लैंड के 138 विकेट झटके. 9 बार पांच विकेट जबकि एक बार 10 विकेट लेने का कारनामा किया. श्रीलंका के स्पिनरों ने 83 विकेट लिए. यानी दूसरे नंबर की टीम श्रीलंका से हमारे स्पिनरों ने डेढ़ गुना अधिक विकेट लिए. पाक के 74, ऑस्ट्रेलिया के 59, विंडीज के 41, दक्षिण अफ्रीका के 40, बांग्लादेश के 38 अौर न्यूजीलैंड के स्पिन गेंदबाजों ने 17 विकेट लिए.

स्पिनरों ने इंग्लैंड के खिलाफ 100 विकेट लिए

टीम इंडिया ने पिछले 6 साल में घर में 8 टीमों से टेस्ट मैच खेले हैं. इस दौरान स्पिन गेंदबाजों ने सिर्फ इंग्लैंड के खिलाफ 100 से अधिक विकेट लिए हैं. इंग्लैंड के खिलाफ स्पिनरों को 8 मैच में 117 विकेट मिले हैं. इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 7 मैच में स्पिन गेंदबाजों ने 93 विकेट झटके. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 52, न्यूजीलैंड के 41, विंडीज के खिलाफ 26, श्रीलंका के खिलाफ 22, बांग्लादेश के खिलाफ 17 और अफगानिस्तान के खिलाफ 11 विकेट टीम इंडिया के स्पिन गेंदबाजों ने झटके.
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