IND vs ENG: मोटेरा में इंग्लैंड की राह नहीं होगी आसान, इस वजह से पिंक बॉल बढ़ा सकती है परेशानी

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा टेस्ट मोटेरा स्टेडियम में खेला जाएगा (BCCI/Twitter)

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा टेस्ट मोटेरा स्टेडियम में खेला जाएगा (BCCI/Twitter)

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के तीसरा टेस्ट मैच अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में खेला जाएगा. यह मैच 24 फरवरी से शुरू होगा, जो एक डे नाइट टेस्ट है. कहा जा रहा है कि तीसरे टेस्ट में स्पिनर्स की मददगार पिच देखने को मिलेगी. टीम इंडिया को होम कंडीशंस में खेलने का फायदा मिलेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 22, 2021, 9:22 AM IST
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नई दिल्ली. भारत और इंग्लैंड (India vs Engalnd) के बीच 4 टेस्ट की सीरीज का तीसरा मैच अहमदाबाद के नए बने मोटेरा स्टेडियम (Motera Stadium) में खेला जाएगा. यह मैच डे-नाइट होगा और इसमें पिंक गेंद (Pink Ball Test) का इस्तेमाल होगा. ऐसे में अगर इंग्लैंड टीम यह सोच रही है कि उसके तेज गेंदबाजों को पिंक बॉल से अतिरिक्त उछाल मिलेगा. गेंद ज्यादा स्विंग होगी तो उसे मायूस होना पड़ सकता है. क्योंकि ऐसी खबरें आ रही हैं कि चेन्नई की तरह मोटेरा की पिच भी स्पिन गेंदबाजों की मददगार रहेगी. अगर ऐसा होता है तो इंग्लैंड की सीरीज में वापसी की उम्मीदों को झटका लग सकता है.

टीम इंडिया के लिए यह टेस्ट वर्ल्ड चैम्पियनशिप (WTC) के फाइनल की रेस में बने रहने के लिए अहम है. यही वजह है कि भारत इस टेस्ट में मेजबान होने और घरेलू कंडीशंस का फायदा उठाना चाहेगा. यह तभी मुमकिन होगा जब मोटेरा में टर्निंग ट्रैक होगा, क्योंकि पिछले टेस्ट में इसी तरह की पिच पर भारत ने इंग्लैंड को 317 रन से हराया था. तब मैच की दोनों पारियों में मिलाकर भारतीय स्पिनर्स ने 17 विकेट लिए थे. ऐसे में इंग्लैंड के लिए मोटेरा में राह आसान नहीं होने वाली.

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मोटेरा में स्पिनर्स की मददगार पिच होगी
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से जुड़े एक सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस को मोटेरा की पिच को लेकर बताया है कि तीसरे टेस्ट में स्पिनर्स की मददगार पिच देखने को मिलेगी. टीम इंडिया को होम कंडीशंस में खेलने का फायदा मिलेगा. ऐसे में उसके पास वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचने का पूरा मौका रहेगा.

पिंक बॉल से स्पिनर्स को खेलना आसान नहीं

घरेलू क्रिकेट में पिंक बॉल से खेल चुके खिलाड़ियों की अगर बात मानें तो इस गेंद में चमक ज्यादा होती है, जो स्पिनर्स के लिए फायदेमंद होती है. लेग स्पिनर कर्ण शर्मा के मुताबिक पिंक बॉल से स्पिनर्स को खेलना बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं होता है. खासतौर पर जब मैच डे-नाइट हो. इस गेंदबाज ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब उन्होंने दलीप ट्रॉफी में इस गेंद से बॉलिंग की थी. तो वे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे. उन्होंने कहा कि इस गेंद में साइन ज्यादा होती है. ऐसे में गुगली को पकड़ना बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता है.



पिच का रोल अहम होगा: जैक्सन

सौराष्ट्र की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेलने वाले बल्लेबाज शेल्डन जैक्सन का भी मानना है कि पिंक बॉल टेस्ट में पिच अहम होगी. अगर पिच पर घास होगी तो तेज गेंदबाज असरदार साबित होंगे. लेकिन अगर ट्रैक टर्निंग होगा तो फिर फ्लड लाइट में पिंक बॉल से स्पिनर्स को खेलना आसान नहीं होगा.

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इस टेस्ट के लिए कूकाबूरा की जगह एसजी की पिंक बॉल इस्तेमाल होगी, क्योंकि 2019 में कोलकाता में हुए पहले डे-नाइट टेस्ट में खिलाड़ियों ने गेंद देखने में परेशानी की बात कही थी. लाइट में कूकाबूरा गेंद पिच पर तेजी से फिसलती है. ऐसे में बल्लेबाजों को काफी परेशानी हुई थी. बांग्लादेश के खिलाफ उस टेस्ट में भारतीय तेज गेंदबाजों ने दोनों पारियों में कुल 19 विकेट लिए थे. एक भी विकेट भारतीय स्पिनर को नहीं मिला था. हालांकि, मोटेरा में ऐसा नहीं होगा इसलिए इंग्लैंड की सीरीज में वापसी की राह थोड़ी मुश्किल होगी.

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